
लखनऊ, 11 फ़रवरी (हि.स.)। योगी सरकार ने बजट 2026-27 में समाज कल्याण को विशेष प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2025-26 के मुकाबले 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 14,953 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बजट में वृद्धावस्था और किसान पेंशन योजना के लिए 8,950 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वर्तमान में 67.50 लाख लाभार्थियों को 1000 रुपये पेंशन प्रतिमाह दी जा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये कर दी गयी है। इस योजना के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये तथा सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी योजना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 977 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं सामान्य वर्ग पूर्व दशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत 950 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पी.एम. अजय योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण के लिए 13.09 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के अंतर्गत अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर एवं मुरादाबाद में छात्रावास के निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इसी तरह प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान ‘पीएम-जनमन’ के अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जन जातीय समूहों का समग्र विकास किया जा रहा है। देशभर में 63 हजार से अधिक जनजातीय बाहुल्य ग्रामों तथा आकांक्षी जनपदों के जनजातीय ग्रामों को 18 विभागों के कार्यक्रमों से संतृप्त किये जाने का लक्ष्य है।
वित्त मंत्री ने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण की योजनाओं के लिये 3,402 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है जो वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 9 प्रतिशत अधिक है। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 3,060 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के लिए 210 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण योजनान्तर्गत 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
योगी सरकार ने दिव्यांगजन के कल्याण की योजनाओं के लिये 2,140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। दिव्यांग पेशन योजना के अन्तर्गत लगभग 11 लाख से अधिक दिव्यागजनों को 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से धनराशि दी जा रही है। वर्ष 2017 के पूर्व यह धनराशि 300 रुपये थी। इस योजना हेतु 1470 करोड़ की व्यवस्था की गई है। दिव्यांग छात्राओं के लिए ई-ट्राईसाइकिल दिए जाने हेतु नई योजना प्रारंभ की गई है। इसके लिए 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 03-07 आयु वर्ग के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित तथा मानसिक मंदित छात्रों के शिक्षण-प्रशिक्षण हेतु बचपन डे केयर सेंटर के लिए 5 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
योगी सरकार ने पूर्व की भांति अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं हेतु विशेष प्रावधान किया है। इसके लिए 2058 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 21 जनपदों में मल्टी सेक्टोरल डेवलमेन्ट कार्यक्रम के लिये 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। पूर्वदशम तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 391 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।


