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योगी का युवा बजट : रोजगार-स्टार्टअप और कौशल से नए यूपी की नींव

लखनऊ, 11 फरवरी(हि.स.)। देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र और 10 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के बीच उत्तर प्रदेश ने अपने बजट 2026-27 में युवा शक्ति को विकास का स्तंभ बना दिया है। आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य ने रोजगार, कौशल और उद्यमिता के मोर्चे पर बड़े आंकड़ों के साथ स्पष्ट संदेश दिया है।

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से बातचीत में कहा कि वर्ष 2017 से अब तक 2.19 लाख से अधिक पुलिस भर्तियां, 83,122 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया और 60,244 आरक्षियों का प्रशिक्षण, यह संकेत है कि सरकारी नौकरियों में निरंतर अवसर सृजित हो रहे हैं। मिशन रोजगार के तहत 8,966 शिक्षकों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है। जबकि 34,074 शिक्षकों का चयन सहायता प्राप्त विद्यालयों में किया गया।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत हर वर्ष 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें युवाओं को गारंटी मुक्त और ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम रोजगार मांगने वालों को रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हुए, जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। मनरेगा के तहत 20.19 करोड़ मानव दिवस सृजित कर 47.11 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है।

विशेषज्ञ प्रदीप बाबा मधोक की मानें तो कौशल विकास केंद्रों का विस्तार, पीपीपी मॉडल पर जॉब प्लेसमेंट सेंटर और डिजिटल इन्टरप्रन्योरशिप योजना से उत्तर प्रदेश रोजगार इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। यदि यह रणनीति जमीन पर उतरी तो यूपी की युवा शक्ति भारत की आर्थिक महाशक्ति बनने की यात्रा में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

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