Site icon Wah! Bharat

यूजीसी के नये नियमाें के समर्थन में बसपा,सामान्य वर्ग का विराेध गलत :मायावती

– महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के निधन पर जताया दुख जताया

लखनऊ, 28 जनवरी (हि.स.)। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी कमेटियों के गठन को अनिवार्य बनाने वाले यूजीसी के नए नियमों का बचाव किया है। सामन्य वर्ग के लोग इसका विरोध कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।

बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश की उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवादी भेदभाव के समाधान के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), द्वारा सरकारी कॉलेज एवं निजी यूनिवर्सिटियों में भी ’इक्विटी कमेटी’ (समता समिति) बनाने के नये नियम के कुछ प्रावधानों को सामान्य वर्ग के केवल जातिवादी मानसिकता के ही लोगों द्वारा इसे अपने विरुद्ध भेदभाव व षडयंत्रकारी मानकर इसका जो विरोध किया जा रहा है, तो यह कतई भी उचित नहीं है। जबकि पार्टी का यह भी मानना है कि इस प्रकार के नियमों को लागू करने के पहले अगर सभी को विश्वास में ले लिया जाता तो यह बेहतर होता और देश में फिर सामाजिक तनाव का कारण भी नहीं बनता। इस ओर भी सरकारों व सभी संस्थानों को जरूर ध्यान देना चाहिये।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दलितों व पिछड़ों को इन वर्गों के स्वार्थी व बिकाऊ नेताओं के भड़काऊ बयानों के बहकावे में भी क़तई नहीं आना चाहिये, जिनकी आड़ में ये लोग आए दिन घिनौनी राजनीति करते रहते हैं अर्थात इन वर्गों के लोग जरूर सावधान रहें, यह भी अपील।

बसपा प्रमुख ने महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार के आज बारामती में विमान हादसा में हुई मौत अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा कि महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेताओं में से एक नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार का आज बारामती में विमान हादसा में हुई मौत अति-दुखद। उनके परिवार तथा उनकी पार्टी के लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कुदरत उन सबको इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।

Exit mobile version