मप्र की ऐतिहासिक भोजशाला में भारी पुलिस बल तैनात

0
6

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद धार में हाई अलर्ट

धार, 22 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार शहर स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार, 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा-अर्चना और जुमे की नमाज को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है और पूरा धार शहर हाई अलर्ट पर है।

उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भोजशाला पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने कहा कि हमारे वकील आदेश को पढ़ रहे हैं। आधिकारिक रूप से आदेश मिलने के बाद हम मीडिया को जानकारी देंगे। फिर सभी के साथ बैठक करके आगे की रणनीति पर बात करेंगे। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वह उच्चतम न्यायालय के आदेश की अलग-अलग व्याख्या न करें। ऐहतियात के तौर पर शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। भोजशाला परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

शांति और कानून व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम

धार कलेक्टर मिश्र ने बताया कि बसंत पंचमी उत्सव को दृष्टिगत रखते हुए शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में सुरक्षा की दृष्टि से चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। विभिन्न स्थानों पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति पर त्वरित नियंत्रण किया जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। पुलिस द्वारा लगातार क्षेत्र में फ्लेग मार्च भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में शांति एवं कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि शांति भंग करने अथवा कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। धार में शांति एवं कानून व्यवस्था तथा साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत अनेक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन प्रभावी रूप से करें।

भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश अभी हमने स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं है। भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजन होगा। हिंदू समाज ने अखंड पूजा का संकल्प लिया था। इसी भावना को लेकर उच्चतम न्यायालय तक गए थे। गर्भगृह में अखंड पूजा में विघ्न नहीं होगा। पूजा सूर्योदय के साथ शुरू होगी और सूर्यास्त तक चलेगी।

वहीं, कमाल मौलाना मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जुल्फिकार पठान ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसला हमें सर्व सम्मति से स्वीकार है। जो आदेश है, उसका हम निश्चित तौर पर पालन करेंगे। न्यायालय ने प्रशासन को आदेश दिए हैं कि भोजशाला के भीतर ही सुरक्षा के बीच नमाज अदा करवाई जाए। न्यायालय के आदेश का अभी अध्ययन चल रहा है। बाकी बिंदुओं पर मुस्लिम समाज बाद में प्रतिक्रिया देगा।

नो-फ्लाई जोन घोषित

जिला प्रशासन ने भोजशाला क्षेत्र में बसंत पंचमी पर 300 मीटर परिधि में नो-फ्लाई जोन घोषित किया है। निर्धारित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि जैसे ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) अथवा अन्य किसी भी प्रकार की उड़ने वाली वस्तु का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह सार्वजनिक सड़कों व स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर एवं लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

एक अन्य प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत तय किया गया है कि भोजशाला में प्रवेश करने वाले दोनों समुदायों के व्यक्ति पूजन सामग्री, अक्षत एवं फूल के अतिरिक्त अन्य कोई सामग्री (जैसे मोबाइल फोन, बैग, कैमरा, पानी की बोतल आदि) बिना सक्षम अनुमति के अपने साथ नहीं ले जा सकेंगे। कोई भी व्यक्ति घातक हथियार जैसे चाकू, छुरा, बल्लम, तलवार, लाठी तथा आग्नेय शस्त्र (एम.एल. गन, 12 बोर, 315 बोर, एन.पी. बोर पिस्टल/रिवॉल्वर आदि) अपने साथ लेकर नहीं चल सकेंगे। विस्फोटक पदार्थ जैसे हथगोला, बम आदि साथ लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

ड्रोन और कैमरों से भी निगरानी

धार में ड्रोन और कैमरों के माध्यम से चौकस निगरानी रखी जा रही है। करीब 20 ड्रोन्स से पूरे शहर की सर्चिंग की जा रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से क्राउड मैनेजमेंट किया जा रहा है। साथ ही कुल 1000 कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। क्षेत्र में 3डी मैपिंग भी करवायी गई है। सघन क्षेत्र में 40 बाइक दल और 30 मोबाइल दल लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

गौरतलब है कि हिंदू पक्ष ने 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति के लिए 20 जनवरी को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिस पर गुरुवार को सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने सुनवाई की। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद भोजशाला में हिंदू पक्ष से 12 बजे तक पूजा करने के लिए कहा है। इसके बाद मुस्लिम पक्ष दोपहर एक से तीन बजे तक नमाज पढ़ेगा और फिर हिंदू पक्ष शाम 4 बजे से पूजा कर सकेगा।

#मप्र #ऐतिहासिकभोजशाला #सुप्रीमकोर्ट #धार_ में हाई_ अलर्ट #पूजा_अर्चना #जुमे_ की _नमाज

_________________

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here