ढाका, 12 फरवरी (हि.स.)। बांग्लादेश में गुरुवार को हुए आम चुनाव के बाद मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाला गठबंधन बढ़त बनाता दिख रहा है। यह चुनाव जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन और उसके बाद हुए राजनीतिक बदलावों के लगभग 18 महीने बाद कराया गया है। उन प्रदर्शनों के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहीं शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। उनके देश छोड़ने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने चुनाव प्रक्रिया कराई।
चुनाव की निगरानी के लिए करीब 500 विदेशी पर्यवेक्षक ढाका पहुंचे हैं, जिनमें यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। अवामी लीग पर प्रतिबंध के बाद इस बार मुख्य मुकाबला बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अब तक घोषित अनौपचारिक नतीजों में बीएनपी गठबंधन को बढ़त मिली है। कुछ रिपोर्टों में उसे लगभग आधी वोट हिस्सेदारी मिलती दिख रही है, जबकि जमात गठबंधन भी मजबूत प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। अलग-अलग सीटों से आ रहे रुझानों में दोनों पक्षों के उम्मीदवारों की जीत की खबरें हैं, हालांकि अंतिम तस्वीर आधिकारिक परिणाम आने के बाद ही साफ होगी।
बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के ढाका-17 और बोगरा-6 सीटों से जीत दर्ज करने के दावे सामने आए हैं। वहीं जमात-ए-इस्लामी ने भी कई सीटों पर जीत का दावा किया है और अनौपचारिक तौर पर अपने विजयी उम्मीदवारों की सूची जारी की है।
कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले। ढाका-15 सीट पर जमात प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान अपने एक बूथ पर मामूली अंतर से पीछे रहे, जबकि अन्य बूथों के नतीजों में वे आगे बताए जा रहे हैं। इस सीट सहित कई क्षेत्रों के अंतिम परिणाम अभी बाकी हैं।
जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा है कि यदि मौजूदा रुझान इसी तरह जारी रहते हैं तो उनकी पार्टी जनादेश का सम्मान करेगी। उन्होंने कहा कि अंतिम नतीजों का इंतजार करना जरूरी है और देशहित सर्वोपरि है।
चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक परिणाम जारी किए जाने के बाद ही नई संसद की तस्वीर स्पष्ट होगी। फिलहाल पूरे देश की नजरें मतगणना पर टिकी हैं।