बसंत पंचमी 23 को, मां सरस्वती की होगी दिनभर पूजा

धर्म

0
2

रांची, 16 जनवरी (हि.स.)। इस वर्ष वसंत पंचमी 23 जनवरी को है। उसी दिन विद्यादायिनी मां सरस्वती की आराधना होगी। इस दिन लक्ष्मी नारायण योग, बुधादित्य योग, परिघ योग बन रहे हैं। पूरे दिन बुध, सूर्य और शुक्र का युति गुरुदीक्षा और विद्यारंभ मुहूर्त रहेगा। 23 जनवरी को सुबह से शाम तक माता की स्थापना और पूजा होगी।

पंडित मनोज पांडेय ने शुक्रवार को बताया कि मां सरस्वती की पूजा के लिए ये तीन योग बहुत ही शुभ और दुर्लभ और फलदायी योग होते हैं। इस योग में किए जाने वाले हर एक कार्य सिद्ध होते हैं। विद्यार्थियों के लिए और इससे जुड़े लोगों के लिए वसंत पंचमी का त्योहार बहुत ही

महत्वपूर्ण होता है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की विशेष रूप से पूजा आराधना करने का विधान होता है। वसंत पंचमी का पर्व माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इसी तिथि पर विद्या और सद्‌गुण प्रदान करने वाले देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा-अर्चना विशेष रूप से की जाती है। इस दिन मां सरस्वती को सफेद और पीले रंग के वस्त्रों, फूल रोली, धूप और दीप से पूजा की जाती है। इस शुभ संयोग में विद्या आरंभ, नई वस्तु और वाहन का क्रय किया जाना अति शुभ माना गया है।

पुरोहित ने बताया कि ऋषिकेश पंचांग के अनुसार वसंत पंचमी 22 जनवरी 2026 की रात्रि 01.16 बजे से शुरू हो जाएगी। इस पंचमी तिथि का समापन 23 जनवरी को रात्रि 12.08 बजे पर होगा। उदयातिथि के चलते पंचमी का त्योहार 23 को मनाया जाएगा। सुबह से शाम तक माता की पूजा की जाएगी। पूजा का शुभ समय 23 जनवरी को सुबह 09.27 से दोपहर 02.34 बजे तक शुभ मुहूर्त में माता की पूजा-अर्चना की जाएगी।

#BASANT-PANCHAMI

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here