प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा- जय हो!

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मुंबई, 18 फरवरी (हि.स.)। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुलाकात की। मुंबई के लोक भवन में मंगलवार को वार्ता और संवादताता सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एक ही कार में दिखे। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोस्ताना बातचीत की। राष्ट्रपति मैक्रों ने मंगलवार देररात कार में प्रधानमंत्री मोदी के साथ यात्रा का फोटो एक्स पर साझा किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लिखा, ”जय हो!”

उल्लेखनीय है कि भारत और फ्रांस ने मंगलवार को अपने रिश्तों को एक और नई ऐतिहासिक ऊंचाई दी है। दोनों देशों ने अपनी दोस्ती को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ में बदल दिया है। मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों के बीच हुई बैठक में रक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, जरूरी खनिज, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कई बड़े एलान हुए।

राष्ट्रपति मैक्रों के दौरे के दौरान रक्षा क्षेत्र में कई अहम फैसले हुए। कर्नाटक के वेमागल में ‘एच125 हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन’ का उद्घाटन हुआ। यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली हेलीकॉप्टर फैक्टरी होगी। इसे टाटा और एयरबस मिलकर चलाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे जो माउंट एवरेस्ट तक उड़ान भर सकेगा। दोनों देशों ने तय किया है कि अब हर साल विदेशमंत्रियों के बीच बातचीत होगी। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया-फ्रांस इनोवेशन नेटवर्क’ शुरू किया गया। तकनीक और अन्यक्षेत्र में सहयोग के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्ती की कोई सीमा नहीं है। उन्होंने पिछले साल की अपनी फ्रांस यात्रा को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मार्सिले शहर का जिक्र किया, जहां प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने अपनी बहादुरी दिखाई थी। उन्होंने वीर सावरकर को भी याद किया, जिन्होंने इसी शहर में अंग्रेजों की कैद से बचने के लिए समुद्र में छलांग लगाई थी।

इस अवसर पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को 2026 में फ्रांस की अध्यक्षता वाले 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। मैक्रों ने कहा कि शिखर सम्मेलन से पहले भारत और फ्रांस के बीच अंतरराष्ट्रीय एजेंडा पर समझौता करने के लिए अस्थायी बैठक होनी चाहिए। भारत अगले ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा और फ्रांस जी-7 समूह की मेजबानी करेगा। इसी के मद्देनजर फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के युवाओं के लिए नवाचार पर काम करने का अवसर बनाया जाना चाहिए।

इसके अलावा, मैक्रों ने अनुसंधान, छात्र आदान-प्रदान और व्यापार के क्षेत्र में नई दिल्ली और पेरिस के बीच प्रभावी साझेदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा, यही वह बात है जो मैं प्रधानमंत्री मोदी के कथनों में जोड़ना चाहता था। प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गेटवे ऑफ इंडिया पर इंडिया–फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 की आधिकारिक शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है।

वहीं, कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित 6वें भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षासंवाद में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत, फ्रांस की रणनीतिक स्वायत्तता और मजबूत यूरोपीय रक्षा नीति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुआ भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौता दोनों पक्षों के सहयोग को और मजबूत करेगा। भारत इस ढांचे का उपयोग द्विपक्षीय और व्यापक यूरोपीय स्तर पर क्षेत्रीय स्थिरता और संयुक्त क्षमताओं को बढ़ाने के लिए करना चाहता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों ने रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्ष के लिए नवीनीकृत किया। इसे भारत और फ्रांस की गहरी दोस्ती और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक बताया गया।

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