पिछले एक दशक में स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम हुआ : जेपी नड्डा

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देहरादून, 14 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा शनिवार को जौलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न संकायों में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर जेब से होने वाले खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है जिससे परिवारों, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है। भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा रिपोर्ट किए गए रुझानों के अनुरूप निरंतर वेक्टर-जनित रोग नियंत्रण प्रयासों के माध्यम से मलेरिया के मामलों और मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

उन्होंने व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के महत्व का उल्‍लेख करते हुए बताया कि देशभर में 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर नागरिकों के लिए प्राथमिक संपर्क बिंदु के रूप में चल रहे हैं। इनमें से 50,000 केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्‍यूएएस) के तहत प्रमाणित किया जा चुका है और निकट भविष्य में यह संख्‍या एक लाख तक करने का लक्ष्य है।

केंद्रीय मंत्री ने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। डिग्री के साथ मानव निर्माण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल के अगले 25 वर्ष विकसित भारत के निर्माण के निर्णायक वर्ष होंगे, जिनमें आज के युवा साक्षी ही नहीं, कर्ताधर्ता भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की ताकत अंततः इसके चिकित्सा पेशेवरों की प्रतिबद्धता, सक्षमता और करुणा पर निर्भर करती है।

केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान मानव सेवा, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों को रेखांकित किया।

समारोह में उपस्थित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, टेलीमेडिसिन, पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में केंद्र सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का उल्लेखनीय सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ”प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड के तीसरे दशक” की अवधारणा के अनुरूप उत्तराखंड में विकास कार्य संपादित किया जा रहे हैं।

उन्होंने रिवर्स पलायन, राज्य के जल-जंगल बचाने के लिए लिए गए ठोस निर्णयों, दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क-बिजली-इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच, पर्यटन विकास, मत्स्य विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें, ताकि उनके कार्यों में करुणा, मानवता और सेवा की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो।

राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड मानव संसाधन से लेकर और संरचनात्मक सभी स्तर पर बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने स्वामी राम हिमालयन संस्थान के उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की सराहना की।

संस्थान के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने शिक्षा को केवल डिग्री मात्र नहीं, बल्कि आत्मज्ञान, सशक्तिकरण और परिवर्तन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य फोकस मानव सेवा और नैतिकता के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।

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