
जयपुर, 06 फ़रवरी (हि.स.)। राज्य उपभोक्ता आयोग ने राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन से जुडे मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान को राहत दी है। इसके साथ ही आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग, द्वितीय को कहा है कि अवमानना करने वाले व्यक्ति पर यदि जमानती वारंट की तामील नहीं हो तो उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किए जाए। आयोग पुन: जमानती वारंट जारी कर सकता है, लेकिन गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया जाए। आयोग अध्यक्ष देवेन्द्र कच्छावा और सदस्य सुरेन्द्र सिंह व करुणा जैन ने यह आदेश राजश्री पान मसाला की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए। इसके साथ ही राज्य आयोग ने कहा है कि जिला आयोग मामले में कंपनी की ओर से लंबित प्रार्थना पत्र का जल्द से जल्द निस्तारण करे।
अपील में कहा गया कि जिला आयोग ने आदेश जारी कर जवाब पेश होने तक विज्ञापन पर रोक लगाई थी। वहीं गत गत 15 जनवरी को आदेश जारी कर सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए। इसके साथ ही अब जिला आयोग मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर आमादा है। जिला आयोग में जवाब पेश किया जा चुका है। इसके अलावा पान मसाला के विज्ञापन पर रोक लगाई गई थी, जबकि विज्ञापन सिल्वर कोटेड इलायची का है। इसके अलावा अपीलार्थी की ओर से जिला आयोग में लंबित परिवाद की वैधता को प्रार्थना पत्र दायर कर चुनौती दे चुका है, लेकिन अभी तक उसका निर्णय नहीं हुआ है। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि योगेन्द्र सिंह ने जिला आयोग, क्रम 2 में परिवाद पेश कर राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन का आरोप लगाया है। परिवाद में पान मसाला निर्माता सहित उसका प्रचार करने वाले सलमान खान को पक्षकार बनाया गया है।