पाकिस्तान पर गंभीर आरोप: बलूचिस्तान में अपहरण और हत्याओं का सिलसिला जारी

Date:

क्वेटा, 25 दिसंबर (हि.स.)। बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि प्रांत में जबरन गायब किए जाने और लक्षित हत्याओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिनमें पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों की संलिप्तता बताई जा रही है।

ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ बलूचिस्तान (एचआरसीबी) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बीते एक महीने में बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने के 106 नए मामले और 42 हत्याएं दर्ज की गईं। संगठन का कहना है कि इन घटनाओं पर कार्रवाई न होने से दंडमुक्ति का माहौल बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए लोगों में 11 ऐसे व्यक्ति शामिल थे जिन्हें पहले ही गायब कर दिया गया था। इसके अलावा पांच लोग उसी महीने अगवा किए गए थे, जबकि छह अन्य पूर्व महीनों में लापता हुए थे। नवंबर में उठाए गए लोगों में से केवल 12 को बाद में छोड़ा गया, जबकि अधिकांश का अब तक कोई पता नहीं है।

किस पर लगे सबसे ज्यादा आरोप

एचआरसीबी का दावा है कि सबसे अधिक 60 अपहरणों में पाकिस्तान की फ्रंटियर कोर की भूमिका सामने आई है। इसके बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों पर 23 मामलों में आरोप लगे हैं, जबकि काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) पर 17 और कथित राज्य समर्थित डेथ स्क्वॉड्स पर छह मामलों में संलिप्तता बताई गई है।

जिलों में स्थिति

जिलावार आंकड़ों में केच सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 20 अपहरण दर्ज हुए। इसके बाद क्वेटा (16), पंजगुर और डेरा बुगटी (14-14) मामले सामने आए। ग्वादर में 10 और कराची में 7 जबरन गायब किए जाने की घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा मस्तुंग, खुजदार, कोहलू, हब, अवारान, सुराब, चागई, डीजी खान और कलात से भी ऐसे मामले सामने आए हैं।

हत्याओं का विवरण

नवंबर में दर्ज 42 हत्याओं में 39 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल थीं। पांच पीड़ितों की पहचान नहीं हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार, 11 मामले लक्षित हत्याओं के थे, 10 हिरासत में मौत के, 10 शव बरामदगी से जुड़े, 4 ऑनर किलिंग, 4 हवाई हमलों से संबंधित, 2 अंधाधुंध फायरिंग और एक व्यक्ति की बाद में चोटों से मौत हुई।

परिजनों का विरोध प्रदर्शन

बुधवार को केच जिले में एक ही परिवार के चार सदस्यों के कथित जबरन गायब किए जाने के विरोध में गुरुवार को बलूच परिवारों ने धरना दिया। इस दौरान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के एक अहम राजमार्ग को लगातार दूसरे दिन जाम कर दिया गया। इससे तुरबत, क्वेटा, पंजगुर, अवारान, कोलवाह और होशाप के बीच यातायात प्रभावित रहा।

लापता लोगों में दो महिलाएं और दो युवक शामिल हैं, जिनमें एक महिला आठ महीने की गर्भवती बताई गई है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की चेतावनी

बलूच यकजहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता सम्मी दीन बलूच ने सोशल मीडिया पर कहा कि बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने की घटनाएं बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी हैं और अब महिलाएं व लड़कियां भी इसका शिकार हो रही हैं।

उन्होंने कहा, “कानून और संविधान का इस्तेमाल बलूच लोगों को गायब करने के लिए किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के पास विरोध के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। हम सभी से अपील करते हैं कि इन परिवारों के साथ खड़े हों और उनकी आवाज़ बुलंद करें।”

यह रिपोर्ट बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को और गहरा करती है।

—————

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

जमात-ए-इस्लामी हिंद ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए वित्त मंत्रालय को रचनात्मक सुझाव सौंपे

नई दिल्ली, 20 जनवरी (हि.स.)। जमात-ए-इस्लामी हिंद ने भारत...

परसाखेड़ा में स्टेट जीएसटी की बड़ी कार्रवाई

22 करोड़ की देनदारी पर प्लाइबोर्ड फैक्ट्री कुर्क बरेली, 20...

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुई अव्यवस्था पर बड़ी कार्रवाई, आयोजनकर्ता फर्म ब्लैकलिस्टेड

कानपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी...

ट्रम्प ने नया नक्शा किया शेयर, कनाडा-ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को दिखाया अमेरिका का क्षेत्र

वॉशिंगटन, 20 जनवरी (हि.स.)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने...
en_USEnglish