Site icon Wah! Bharat

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से हटाए गए 1.25 करोड़ नाम सार्वजनिक करे चुनाव आयोग : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)

मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य के सवा करोड़ से ज्यादा मतदाताओं की ‘तार्किक विसंगति’ सूची को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह सूची ग्राम पंचायत भवनों, तालुका स्तर के ब्लॉक कार्यालयों और और वार्ड कार्यालयों में लगाई जाए, ताकि आम लोग इसे आसानी से देख सकें।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि यह विसंगतियां मुख्य रूप से 2002 की मतदाता सूची से वंश (प्रोजेनी) मिलान के दौरान सामने आई हैं। इसमें मतदाता और उसके माता-पिता के नाम में मेल न होना, मतदाता और उसके माता-पिता की उम्र का अंतर 15 साल से कम या 50 साल से ज्यादा होना जैसे प्रावधान शामिल है। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों के नाम एसआईआरकी क्रिया से प्रभावित हो सकते हैं, उन्हें अपने दस्तावेज और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया जाए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि दस्तावेज और आपत्तियां जमा करने के लिए पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में विशेष काउंटर/कार्यालय बनाए जाएं।

काेर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह निर्वाचन आयोग को पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने राज्य के डीजीपी को निर्देश दिया कि वो इस प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करें कि कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

#पश्चिम_ बंगाल #चुनाव_ आयोग #सुप्रीम_ कोर्ट

Exit mobile version