Site icon Wah! Bharat

पलवल:छांयसा में पीलिया से सात मौतों के बाद प्रशासन सतर्क

उपायुक्त ने किया दौरा

पलवल, 15 फ़रवरी (हि.स.)। गांव छांयसा में पीलिया सहित अन्य कारणों से हुई सात लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। रविवार को उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

उपायुक्त ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर बीमारी और उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए। जिन अस्पतालों में उपचार हुआ, वहां से भी पूरा ब्यौरा मांगा गया है ताकि मौतों के वास्तविक कारणों का सही आकलन किया जा सके। नूंह, फरीदाबाद और गुरुग्राम के अस्पतालों से समन्वय स्थापित कर रोग के स्रोत और फैलाव की जांच की जा रही है। गांव में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां लोगों की जांच, परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक सैकड़ों ग्रामीणों की जांच की जा चुकी है।

जांच में हेपेटाइटिस बी और सी के कुछ मामले सामने आए हैं, जबकि अन्य संक्रामक रोगों की जांच में राहत मिली है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित परिवारों की श्रृंखलाबद्ध जांच कर संक्रमण की कड़ी तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पानी के नमूनों की जांच में कुछ स्थानों पर जीवाणु पाए गए हैं, जिससे जल स्रोतों के दूषित होने की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने गांव में बड़ी संख्या में क्लोरीन की गोलियां वितरित की हैं तथा स्वच्छ पेयजल और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। प्रतिदिन छिड़काव और स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

उपायुक्त ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें। केवल पंजीकृत चिकित्सक से ही उपचार कराएं और एक बार प्रयोग होने वाली सुई का दोबारा उपयोग न होने दें। बुखार, उल्टी, पेट दर्द या पीलिया जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

Exit mobile version