एक साल में 43 लाख से ज्यादा कौशल विकास अप्रेंटिस जोड़े गए: आर्थिक सर्वेक्षण
नई दिल्ली, 29 जनवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार युवाओं के कौशल विकास पर तेजी से काम कर रही है। देश में इस समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, नवीकरणीय ऊर्जा और 3डी प्रिंटिंग जैसे भविष्य-कौशल पाठ्यक्रम तेजी से फैल रहे हैं।
यह जानकारी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में दी। सर्वेक्षण में बताया गया है कि अब तक कुल 169 अलग-अलग व्यवसायिक और तकनीकी क्षेत्रों (ट्रेड्स) में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिनमें 31 ऐसे पाठ्यक्रम शामिल हैं जो भविष्य की तकनीकों से जुड़े हैं। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, नवीकरणीय ऊर्जा और 3डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये कोर्स देशभर के आईटीआई और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ाए जा रहे हैं।
सरकार ने आने वाले समय में देशभर में संचालित 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। इनमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई होंगे। इन्हें स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और डिजिटल सामग्री से लैस किया जाएगा ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर हो और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कोर्स तैयार किए जा सकें।
सर्वेक्षण में बताया गया कि उद्योग को सीधे प्रशिक्षण और पाठ्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई 4.0) के तहत डिजिटल तकनीक, ग्रीन एनर्जी, स्वास्थ्य सेवा, आधुनिक कृषि, वित्तीय सेवाएं और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। रोजगार मेले और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेले नियोक्ताओं और नौकरी चाहने वालों को जोड़ने का काम कर रहे हैं।
देश में राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (पीएम-एनएपीएस) के तहत अब तक 43.47 लाख अप्रेंटिस 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जुड़े हैं। इसमें 51,000 से ज्यादा प्रतिष्ठानों की भागीदारी रही है और महिला भागीदारी 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है।