चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कोलकाता, 17 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सचिवालय (नवान्न) ने आखिरकार चुनाव आयोग के निर्देश का पालन करते हुए राज्य के चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। आयोग द्वारा निर्धारित मंगलवार की समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही यह कार्रवाई की गई। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने निर्देश लागू किए जाने की जानकारी देते हुए आयोग को पत्र भी भेजा। आयोग के सूत्रों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित पूर्ण पीठ इस समय असम में है और वहां से लौटने के बाद पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।
वोटर सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही ये चार अधिकारी विवादों में घिर गए थे। उन पर मतदाता सूची में अवैध रूप से नाम जोड़ने का आरोप लगा था। इसी मामले में डाटा एंट्री कार्य से जुड़े एक कर्मचारी का नाम भी सामने आया था। आरोप सामने आने के बाद आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
आयोग ने पहले गत वर्ष पांच अगस्त को राज्य सरकार को पत्र भेजा था और आठ अगस्त को पुनः स्मरण पत्र जारी किया। आरोप था कि संबंधित अधिकारियों ने फर्जी या भूतिया मतदाताओं के नाम सूची में अवैध रूप से शामिल किए। निर्देशों का पालन नहीं होने पर दो जनवरी को आयोग ने संबंधित दो जिलाधिकारियों को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से दो बार स्मरण पत्र भेजा गया।
इस बीच नवान्न ने राज्य के एडवोकेट जनरल से परामर्श लिया था। परामर्श के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजकर कहा गया था कि संबंधित अधिकारियों का अपराध एफआईआर दर्ज करने योग्य नहीं है और अपेक्षाकृत कम गंभीर मामले में इतनी कठोर कार्रवाई उचित नहीं होगी। हालांकि आयोग ने निर्देश लागू न होने पर पिछले शुक्रवार दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में राज्य की वर्तमान मुख्य सचिव को तलब किया। बाद में राज्य को मंगलवार तक अंतिम समय दिया गया, जिसके भीतर कार्रवाई पूरी कर ली गई।
जिन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उनमें तथागत मंडल, देवोत्तम दत्तचौधुरी, बिप्लब सरकार और सुदीप्त दास शामिल हैं। देवोत्तम और तथागत बारुईपुर पूर्व में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) तथा सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के रूप में कार्यरत थे। बिप्लब और सुदीप्त मयना विधानसभा क्षेत्र में इन दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। वर्तमान में देवोत्तम दक्षिण 24 परगना जिला ग्रामीण विकास परिषद में उप परियोजना निदेशक हैं, तथागत जयनगर 1 ब्लॉक में 100 दिन की कार्य योजना में सहायक अधिकारी, बिप्लब पूर्व मेदिनीपुर में अल्पसंख्यक विषयक जिला अधिकारी और सुदीप्त तमलुक ब्लॉक में पंचायत लेखा एवं लेखा परीक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। आयोग ने सुरजीत हलदार नामक डाटा एंट्री कर्मचारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
