एनएचआरसी ने लिया स्वतः संज्ञान(
कोलकाता, 30 जनवरी (हि.स.)। कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके आनंदपुर स्थित गोदाम में हुए भीषण अग्निकांड में मृतकों की संख्या शुक्रवार तक बढ़कर 25 हो गई है। इस घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को शीघ्र कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) सौंपने का निर्देश दिया है।
एनएचआरसी ने यह कार्रवाई वाओ मोमो फैक्ट्री से जुड़ी कथित गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों की शिकायत के आधार पर की है। आयोग ने पत्र में कहा कि इस हादसे के लिए संबंधित कंपनी प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार ठहराई गई है। साथ ही, राज्य अग्निशमन सेवा, श्रम विभाग, शहरी नियोजन प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की नियामकीय विफलताओं का भी उल्लेख किया गया है।
एनएचआरसी ने अपने पत्र में कारखाना अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के गंभीर उल्लंघन की ओर भी इशारा किया है। पत्र में कहा गया है, “शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं।”
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई लोगों के लापता होने की सूचना है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने शुक्रवार दोपहर आनंदपुर इलाके में एक विरोध रैली का आयोजन किया। शुरुआत में पुलिस ने रैली की अनुमति देने से इनकार किया था, लेकिन बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय से अनुमति मिल गई। हालांकि अदालत ने रैली के आयोजन पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं।
गौरतलब है कि गुरुवार को राज्य अग्निशमन सेवा और फॉरेंसिक टीम ने इस घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में आग की शुरुआत वाओ मोमो फैक्ट्री से नहीं, बल्कि उससे सटे पुष्पांजलि डेकोरेटर के गोदाम से होने का दावा किया गया है।
हालांकि घटना के बाद गिरफ्तार किए गए पुष्पांजलि गोदाम के मालिक गंगाधर दास ने कहा था कि आग सबसे पहले मोमो फैक्ट्री से फैली थी, लेकिन अग्निशमन और फॉरेंसिक टीम की रिपोर्टें इस दावे के विपरीत हैं।