मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की घोषणा

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय समन्वय समिति की हुई बैठक
लखनऊ, 19 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध एवं व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 (COTPA-2003) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में तम्बाकू के विरुद्ध विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जाए। प्राथमिक विद्यालय स्तर पर भी तम्बाकू से सम्बंधित जागरूकता विषय को पाठ्यक्रम अथवा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सम्मिलित किया जाए, ताकि बच्चों में प्रारम्भिक स्तर से ही तम्बाकू के दुष्प्रभावों के प्रति सजगता विकसित हो सके।
उन्होंने सभी सरकारी कार्यालयों को तम्बाकू मुक्त घोषित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करते समय “तम्बाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान” दिशा निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य किए जाने पर बल दिया। युवाओं में तम्बाकू उपयोग की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से तम्बाकू उत्पादों से जुड़े ग्लैमर को समाप्त करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान शैक्षणिक संस्थानों में चलाए जाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रत्येक उपलब्ध अवसर पर तम्बाकू सेवन न करने सम्बंधी संक्षिप्त सलाह अवश्य दें तथा स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता वृद्धि के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में तम्बाकू निषेध केंद्र की स्थापना भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त, तम्बाकू विक्रेता लाइसेंसिंग (टीवीएल) व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने तथा तम्बाकू विक्रेताओं की दो दुकानों के मध्य न्यूनतम 500 मीटर की दूरी निर्धारित किए जाने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रौशन जैकब सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
