नई दिल्ली, 07 फ़रवरी (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को मलेशिया के कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए भाषण को रेखांकित किया और तिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना की घोषणा का स्वागत किया।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत और मलेशिया के बीच गहरे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया तथा दोनों देशों के बीच सेतु के रूप में भारतीय प्रवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के उस वक्तव्य को भी प्रमुखता से साझा किया, जिसमें उन्होंने तमिल विरासत की सराहना करते हुए कहा कि “तमिल भारत का विश्व को दिया गया उपहार है। तमिल साहित्य शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक है।”
उन्होंने तिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना की घोषणा को भारत की सभ्यतागत विरासत के वैश्विक प्रचार की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।
राधाकृष्णन ने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करती हैं, बल्कि भारत की समृद्ध परंपरा और विरासत को विश्व पटल पर आगे ले जाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
