
गांधीनगर, 24 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय(आरआरयू) स्थित भारत सेंटर ऑफ ओलंपिक रिसर्च एंड एजुकेशन (बीसीओआरई) में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक रिसर्च कॉन्फ्रेंस के दूसरे संस्करण का आयोजन 27 से 30 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) से मान्यता प्राप्त है।
इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का उद्देश्य ओलंपिक अध्ययन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विद्वानों, विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं को एक साझा मंच पर लाना है। यह सम्मेलन बीसीओआरई हर वर्ष इसी माह में आयोजित करता है। इसमें 15 देशों से आने वाले 55 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता और प्रस्तुतकर्ता भाग लेंगे। सम्मेलन में वैश्विक प्रशासन, पारदर्शिता, ओलंपिक आंदोलन, कॉमनवेल्थ गेम्स, एंटी-डोपिंग, किफायती खेल तकनीक समाधान, खेल शिक्षा का महत्व जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही ओलंपिक आंदोलन, खेल विज्ञान, नीति और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर 100 से अधिक शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
इस वर्ष के सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण एंटी-डोपिंग पर केंद्रित विशेष कार्यशाला और चर्चा सत्र होगा, जिसका आयोजन नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ( एनएडीए) के सहयोग से किया जाएगा। इसमें एनएडीए के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और शोधकर्ता भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय खेलों में डोपिंग से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए यह सत्र स्वच्छ खेल को बढ़ावा देने के लिए अनुभव साझा करने, सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा करने और नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श का मंच प्रदान करेगा।
विश्वविद्यालय को इस सम्मेलन में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी की उम्मीद है, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अनुसंधान पहलों के बीच सहयोग को मजबूती मिलेगी। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी (ग्रीस) के अध्यक्ष, पर्थ वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स आयोजन समिति के कार्यकारी सदस्य तथा फ्रांस, रूस और ब्राजील की राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के प्रतिनिधि सहित कई वैश्विक खेल नेता भी शामिल होंगे। इन विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से वैश्विक खेल नीति और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को बल मिलेगा।