अमित शाह ने अंडमान-निकोबार संघ शासित सरकार की ₹373 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

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मोदी सरकार अंडमान-निकोबार को अंतरराष्ट्रीय स्कूबा डाइविंग डेस्टिनेशन बना रही है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने श्री विजयपुरम में तीन नए कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का लोकार्पण किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज श्री विजय पुरम में अंडमान एवं निकोबार सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।अमित शाह ने आज अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के श्री विजय पुरम में गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ह ने कहा कि इसी भूमि पर अंग्रेज़ों द्वारा बनाई गई सेलुलर जेल में आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले कई बलिदानी स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का लंबा समय काटा। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने यहां दम तोड़कर भारत के स्वतंत्रता संग्राम को मज़बूती दी और कई वीर यहां फांसी के तख्ते पर लटका दिए गए। उन्होंने कहा कि आज सेलुलर जेल में बना वीर सावरकर का स्मारक और प्रज्वलित मशाल पूरी दुनिया को बता रही है कि यहां कई महान आत्माओं ने अपना बलिदान दिया था। श्री शाह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने सबसे पहले आज़ाद भारत की इसी भूमि पर तिरंगा फहराया था और उन्ही की स्मृति और उनके उदगारों के सम्मान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दो द्वीपों के नाम शहीद और स्वराज रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस द्वीप समूह पर हर द्वीप को स्वतंत्रता संग्राम के शूरवीरों का नाम देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह भूमि आज़ाद भारत के हर नागरिक के लिए एक तीर्थभूमि है क्योंकि यहां हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने पीड़ा को शक्ति, एकांत को संकल्प और यातना को स्वाधीनता तक सहन कर स्वतंत्रता प्राप्त की थी।

इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बंडी संजय कुमार, अंडमान एवं निकोबार के प्रशासक एडमिरल (सेवानिवृत्त) डी के जोशी और केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने श्री विजयपुरम में तीन नए कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का लोकार्पण भी किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के श्री विजय पुरम में गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का विषय सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (CFSL) और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) था। बैठक में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय, श्री बंडी संजय कुमार, संसदीय परामर्शदात्री समिति के सदस्य, गृह सचिव, NFSU के कुलपति और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) के महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानून आने के बाद जांच में तेजी और सजा की दर बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एक बच्ची से बलात्कार के दोषी को 62 दिनों में फांसी की सजा सुना दी गई। बिहार के सीवान जिले में ट्रिपल मर्डर की घटना में सिर्फ 50 दिन में दो दोषियों को सजा सुनाई गई। श्री शाह ने कहा कि इन मामलों से साबित होता है कि हमें सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं, लेकिन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की जरूरत है।

श्री अमित शाह ने कहा कि पहले हमारे सामने 5 चुनौतियाँ थीं, जिनमें फॉरेंसिक जांच में टेक्नॉलजी संबंधी बड़ा गैप, चेन ऑफ कस्टडी के कारण साक्ष्य की गुणवत्ता का सीमित होना, कई जगहों पर पुलिस द्वारा फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट अदालत में नहीं देना, Skilled Professionals और फॉरेंसिक लैब्स की कमी और राष्ट्रव्यापी मापदंडों की कमी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नए कानून के प्रावधानों के मुताबिक अब फॉरेंसिक लैब अपनी रिपोर्ट सीधा अदालत को भेजेगी और उसकी एक प्रति पुलिस को देगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकारें देश भर में फॉरेंसिक लैब्स का जाल बुनने के लिए अगले पाँच साल में 30 हजार करोड़ रुपए निवेश करने वाली हैं। साथ ही, राष्ट्रव्यापी मापदंडों की कमी को दूर करने के लिए एक वैज्ञानिक तंत्र तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि Best Practices और कमियों को साझा कर एक राष्ट्रव्यापी मापदंड निर्धारित किया जाएगा

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