अपनी जनतादल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मार्य ने छततीसगढ के रायपुर में सैंटाक्लाज का बुत तोड़ने को गलत बतााया।
उन्होने एक टविट में उत्तर प्रदेश के बरेली व लखनऊ में चर्च के सामने हनुमान चालीसा पढ़ना, धर्म नहीं, अपितु धर्म के नाम पर गुंडागर्दी एवं दहशत पैदा करना धार्मिक कट्टरवादिता व आतंक का प्रर्याय है। यही हनुमान चालीसा यदि अपने घरों व मन्दिरों में पढ़ा जाता तो वह धर्म और आस्था होता। ऐसी आतंकी हरकत करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि क्रिसमस मनाने वाले देशों में रहने वाले करोड़ों भारतीयों की रोजी रोटी चलती है, कही आपके कुकृत्यो का खामियाजा उन्हें ना उठाना पड़े।