वन विभाग ने बिजनाैर में एन‌‌‌एचएआई अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज कराया मुकदमा, नहीं थम रहा विवाद

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-दाेनाें विभाग एक दूसरे के खिलाफ पुलिस में दे चुके हैं तहरीर-एक आराेपित काे भेजा जा चुका है जेल-वन्य अधिनियम में दर्ज हुआ है मामला

बिजनौर, २६ जनवरी (हि.स.) | उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनाैर में एनएचएआई व वन विभाग के बीच हुए कानूनी दांव पेंच के बाद विवाद ने अब नया माेड़ ले लिया है | एनएचएआई के ड्राइवर की तहरीर पर थाना शहर कोतवाली में वन विभाग के अधिकारियों के विरोध में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा एनएचएआई अधिकारियों के विरुद्ध वन अधिनियम की विभिन्न गम्भीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।

वन विभाग ने एनएचएआई के इंजीनियर को हाइवे निर्माण के समय मौके पर पेड़ों की जड़ें निकालते पकड़ लिया था। इसके बाद दोनों पक्षों में काफी कहासुनी हो गई थी। इसके बाद वन विभाग तथा एनएचएआई द्वारा एक दूसरे के विरुद्ध मारपीट करने के आरोप लगाते हुए थाना शहर कोतवाली में तहरीर दी गई थी| पुलिस ने एनएचएआई की तहरीर पर वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह सहित तीन के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली जबकि वन विभाग की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की जिसके बाद ये मामला लखनऊ तक पहुंच गया था|

प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा मामले को संज्ञान लेने के बाद एनएचएआई इंजीनियर व कर्मचारियों के विरुद्ध सेंचुरी क्षेत्र में डम्पिग करना, अस्थाई फोरेस्ट चैक पोस्ट स्थापित नहीं करने, वन्यजीव सुरक्षा सम्बन्धी बोर्ड न लगाना, संरक्षित वन सेंचुरी क्षेत्र में प्रतिबंधित प्रजाति के वृक्षों का अवैध कटान करने, काटी गई लकड़ी का अवैध रूप से अभिवहन करने, संरक्षित वन व अभ्यारण्य में अवैध खनन करने का केस दर्ज कर एक अभियुक्त अनूप कुमार को जेल भेज दिया गया था|

वन विभाग बिजनौर के एसडीओ ज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि वन अनापत्ति की शर्तों का लगातार उल्लंघन करने वाले एनएचएआई 119 परियोजना के ठेकेदारों द्वारा वन अपराध ,अवैध खनन, अवैध पतन करने में एन एच के अधिकारी प्रोजेक्ट डायरेक्टर व एसडीओ द्वारा संरक्षण प्रदान किया जा रहा है | इस मामले में विभाग ने नियमानुसार कार्यवाही के लिए पुलिस में तहरीर दी थी। उसी के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।

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