लेखपाल भर्ती विज्ञापन के बाद फिर आरक्षण नियमावली का खुला उल्लंघन

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👉ओबीसी हकमारी पर क्यों चुप हैं भाजपा के ओबीसी, एससी नेता-लौटनराम निषाद

लखनऊ। उतर प्रदेश में एक बार फिर से आरक्षण घोटाला का मामला सामने आया है। लेखपाल भर्ती विज्ञापन के बाद पशु चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ शिक्षा अधिकारी एवं चिकित्साधिकारी (आयुर्वेद) के पदों पर होने वाली भर्ती के विज्ञापन में ओबीसी, एससी कोटे के पदों की खुलेआम हकमारी और डकैती की गयी है। भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में अधिकांश पदों पर होने वाली भर्ती में खुलकर उत्तर प्रदेश आरक्षण नियमावली का उल्लंघन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर मलाई खाने वाले भाजपा के कुर्मी, काछी,निषाद, चौहान, राजभर, पाल, साहू,प्रजापति, लोधी, यादव, जाट, गूजर,जाटव, चमार, धोबी, पासी, सोनकर, वाल्मीकि आदि चुप क्यों हैं, उनकी जुबान पर ताला क्यों लग गया है?

चौ.लौटनराम निषाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा विज्ञापित चिकित्साधिकारी (आयुर्वेद) के 168 पदों पर भर्ती आयी है। जिसमें 27% आरक्षण कोटा के हिसाब से ओबीसी को कुल 45 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन दिए गए है सिर्फ 15 पद,ओबीसी के 30 पद की खुलेआम डकैती कर ली गई है। उन्होंने बताया कि एससी को 35 पदों के सापेक्ष मात्र 15 पद आरक्षित कर 20 पदों की लूट कर ली गई है,एसटी को मिलनेवाली 3 की तीनों सीटों लूट लिया गया है। जहां ईडब्ल्यूएस 10% के हिसाब से 16 की 16 सीटें आरक्षित हैं,वही अनारक्षित 67 सीटों के सापेक्ष 122 सीटें अनारक्षित कर ओबीसी, एससी,
एसटी के 55 पदों की लूट कर ली गयी।

निषाद ने बताया कि यूपीपीएससी द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के कुल 221 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया है जिसमें ओबीसी वर्ग को मात्र 20 पद दिए गए हैं जो कुल पदों का मात्र 9 प्रतिशत है, जबकि ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत के हिसाब से 22 पद दिए गए हैं।कुल 221 पदों का वर्गवार विवरण अनारक्षित-143,
ओबीसी को 20, ईडब्ल्यूएस को 22,
एससी को 21, एसटी को 15 पद आरक्षित किया गया है। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के कुल 221 पदों के सापेक्ष 27 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से ओबीसी को लगभग 60 पद मिलने थे लेकिन मिला मात्र 20 पद जो कुल पदों का मात्र 9 प्रतिशत है।इस तरह एक बार फिर से योगी सरकार ने पिछड़ों (ओबीसी) के 40 पदों पर डाका डाल दिया है।एससी को जहां 46 की जगह मात्र 21 सीट आरक्षित कर 25 पद की लूट की गई है,वही एसटी 4 के सापेक्ष 15 सीट आरक्षित कर 11 अतिरिक्त पद आरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि एसटी को कोटा से अधिक सीट देने मकसद अनुपलब्ध उम्मीदवार दिखाकर सामान्य वर्ग को देने का षड्यंत्र होता है।

निषाद ने आगे बताया कि पशु चिकित्साधिकारी के 404 पद के विज्ञापन में 161 अनारक्षित पद संख्या की जगह 243 पद अनारक्षित कर दिया गया गया है। एससी व ईडब्ल्यूएस को उनका पूरा का पूरा कोटा दिया गया है,वही एसटी को 8 पदों सापेक्ष 37 पद आरक्षित कर 29 अतिरिक्त पद आरक्षित किया गया है,जबकि ओबीसी का सभी 109 पदों की लूट कर ली गयी है।उन्होंने कहा कि क्या यही भाजपा का हिन्दुत्व, रामराज व सबका साथ सबका विकास सबका विकास सबका प्रयास नारे की सार्थकता है?

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