फिल्म गोदान के पोस्टर, टीजर और गीतों का हुआ विमोचन

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नोएडा, 16 जनवरी (हि.स.)। गौमाता पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ का पोस्टर, टीजर और गीतों का विमोचन शुक्रवार काे नोएडा सेक्टर-12 स्थित भाऊ राव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में किया गया। इस अवसर पर सनातन संस्कृति के प्रतिनिधियों के रूप में देश की जानी-मानी आध्यात्मिक एवं सामाजिक विभूतियों ने गौमाता पर अपने विचार प्रकट किये। फिल्म आगामी 6 फरवरी को देशभर में रिलीज होगी।

गौ सेवा गतिविधि नोएडा महानगर के संयोजक प्रवीण शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम में सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज, आचार्य बाल कृष्ण, स्वामी दीपांकर, महामंडलेश्वर भैयादास, आचार्य प्रतिष्ठा, बाबा सत्य नारायण मौर्य, सुरेश चव्हाणके, कवि डॉ. हरिओम पंवार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौ सेवा गतिविधि के अखिल भारतीय सह संयोजक नवल किशोर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख सेंथिल कुमार, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के प्रचार प्रमुख कृपा शंकर, पश्चिम क्षेत्र के प्रचार प्रमुख पदम एवं संघ के अनेक अधिकारी, नोएडा के सांसद डॉ. महेश शर्मा एवं शहर के गणमान्य लोग उपस्थिति रहे।

कार्यक्रम में सोशल मीडिया से जुड़े 50 से अधिक एनफ़्लुएन्सर्स ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ गौपूजन के साथ हुआ। सभी अतिथियों ने गौमाता का पूजन कर गौ पालन और गौ संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर आचार्य बाल कृष्ण ने भारत की संस्कृति में गौमाता के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि प्रधान भारत में गौमाता की उपादेयता को हमारे पूर्वजों ने समझ लिया था। उन्होंने कहा गौमाता का संरक्षण हमारे अस्तित्व को बचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा गाय हमसे लेती नहीं बल्कि देती है।

सदगुरु ऋतेश्वर जी महाराज ने कहा कि यह फिल्म गौ माता के महत्त्व को देश और दुनिया के सामने उजागर करेगी। 1857 में गौमाता की चर्बी ने इस देश में क्रान्ति ला दी थी। उन्होंने कहा कि गौशाला और वृद्धाश्रम भारत की परम्परा नहीं। जब तक घर-घर में गौ नहीं होगी तब तक गौ का संरक्षण नहीं होगा। उन्होंने कहा जब तक गौमाता को कृषि के साथ प्रत्यक्ष रूप से नहीं जोड़ा जाएगा तब तक गौमाता की रक्षा नहीं होगी। इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी दीपांकर ने कहा कि गौमाता हिन्दू संस्कृति का प्राण है। उसमें सभी देवी देवताओं का वास है। गौसेवा से ही राष्ट्र क्रान्ति होगी।

महामंडलेश्वर भैयादास जी ने कहा कि जब से उन्होंने गौसेवा प्रारम्भ की गौमाता की कृपा से उन्हें प्रतिदिन एक लाख व्यक्तियों को भोजन कराने की सामर्थ्य मिला। उन्होंने कहा एक बार गौसेवा करके देखो, किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं रह जायेगी।

आचार्य प्रतिष्ठा ने कहा कि देश गौ, गंगा, गायत्री, यज्ञ, योग और आयुर्वेद के माध्यम से ही पूरे विश्व में कीर्तिवान बनेगा। बाबा सत्य नारायण मौर्य ने अपनी कविता और गीत के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय को गौमाता के संरक्षण की प्रेरणा दी।

प्रसिद्ध कवि हरिओम पंवार ने अपनी कविताओं से राष्ट्रबोध का दर्शन कराया और भारत की वर्तमान सशक्त होती छवि, शक्ति सम्पन्न भारत के प्रादुर्भाव को अभिव्यक्त किया।

फिल्म का निर्माण विनोद कुमार चौधरी एवं डॉ. पारुल चौधरी (दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति), सह-निर्माता चेतन गोस्वामी तथा निर्देशन अमित प्रजापति ने किया है। फिल्म की कहानी को एक बछिया और उसके नायक पर केंद्रित करते हुए बनाया गया है, जो हिंदू धर्म में गाय को विशेष तौर से रेखांकित करती है।

फिल्म के संबंध में निर्माता विनोद चौधरी ने कहा कि गोदान फिल्म गाय के धार्मिक, वैज्ञानिक और सामाजिक पहलुओं के साथ-साथ संस्कृति और मानवता के बंधन को भी दर्शाती है। फिल्म के प्रमोशन के लिए देश के सभी राज्यों के विभिन्न नगरों में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।

इस अवसर पर दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति, दीनदयाल धाम मथुरा के अध्यक्ष महेश गुप्ता एवं मंत्री हरिशंकर उपस्थित रहे। मंच का संचालन युवा कवि अमित शर्मा ने किया।

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