पुरुलिया से लौटते शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर पथराव,इलाके में तनाव

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पश्चिम मेदिनीपुर, 11 जनवरी (हि. स.)। जिले के चंद्रकोणा रोड इलाके में शनिवार देर रात उस समय राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया, जब राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगा। घटना के विरोध में शुभेंदु अधिकारी ने चंद्रकोणा रोड पुलिस चौकी के भीतर करीब पांच घंटे तक धरना प्रदर्शन किया और देर रात मशाल जुलूस निकालकर विरोध जताया।इस घटना के विरोध में नेता प्रतिपक्ष चंद्रकोणा रोड पुलिस फांड़ी पहुंचे और धरना दिया। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती और उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाती तब तक वह थाने से बाहर नहीं जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि वे केवल औपचारिक शिकायत नहीं, बल्कि एफआईआर नंबर और लगाई गई धाराओं की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही दस्तखत करेंगे।

जानकारी के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी पुरुलिया में एक कार्यक्रम समाप्त कर लौट रहे थे। चंद्रकोणा रोड से गुजरते समय भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक उनका स्वागत करने के लिए सड़क किनारे जमा हुए थे। आरोप है कि इसी दौरान सामने की ओर मौजूद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा समर्थकों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी के काफिले की करीब दो गाड़ियों में तोड़फोड़ किए जाने का भी दावा किया गया है।

घटना की खबर मिलते ही चंद्रकोणा रोड चौकी सहित आसपास के थानों से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद वह अपने सहयोगी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस चौकी के प्रभारी (आईसी) के कक्ष के सामने जमीन पर बैठकर धरने पर बैठ गए।

मीडिया से बातचीत में शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि उनके काफिले पर सुनियोजित और जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने कहा कि हम पर जानलेवा हमला हुआ है। लाठी, बांस के साथ-साथ केरोसिन तक लाया गया था। यह सब सबके सामने हुआ है। बंगाल में ‘जंगलराज’ चल रहा है। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का काफिला भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में इस मामले में गैर-जमानती धाराएं लगनी चाहिए, नहीं तो मैं अदालत का दरवाजा खटखटाऊंगा।

बताया गया है कि देर रात तक शुभेंदु अधिकारी अपने समर्थकों के साथ चौकी में ही धरने पर डटे रहे। लगातार विरोध और दबाव के बाद पुलिस ने देर रात करीब एक बजे आरोपितों के खिलाफ डायरी (एफआईआर) दर्ज की। इसके बाद रात करीब डेढ़ बजे शुभेंदु अधिकारी चौकी से बाहर निकले और मशाल जुलूस के माध्यम से घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया। मशाल जुलूस समाप्त होने के बाद उन्होंने घोषणा की कि इस हमले के विरोध में आगामी 13 जनवरी को चंद्रकोणा रोड में एक विशाल रैली निकाली जाएगी।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मेदिनीपुर संगठनात्मक जिला तृणमूल के अध्यक्ष सुजय हाजरा ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। यह पूरा मामला भाजपा का आंतरिक है। आगामी 15 जनवरी को नंदीग्राम में सेवा-शिविर का आयोजन किया जा रहा है, वहां आने पर उनके इलाज की व्यवस्था भी की जाएगी।

इससे पहले मेदिनीपुर संगठनात्मक जिला तृणमूल के उपाध्यक्ष निर्मल घोष ने भी आरोपों को नकारते हुए कहा था कि यह भाजपा के गुटीय संघर्ष का परिणाम है और तृणमूल का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

फिलहाल, इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए चंद्रकोणा रोड और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

पश्चिम बंगाल के चंद्रकोणा में शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला, थाने में धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष

कोलकाता, 11 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और नंदीग्राम विधायक शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर शनिवार रात हुए हमले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने हमले के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। नेता प्रतिपक्ष के काफिले को पश्चिम मिदनापुर जिले के चंद्रकोणा रोड पर निशाना बनाया गया।

अधिकारी शनिवार शाम पुरुलिया में पूर्व निर्धारित जनसभा को संबोधित कर लौट रहे थे। रात करीब 8:20 बजे उनका काफिला चंद्रकोणा रोड बाजार क्षेत्र के चौराहे के पास पहुंचा। कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के एक समूह ने काफिले का रास्ता रोक लिया। शुभेंदु अधिकारी का एक वीडियो सामने आया है। उन्होंने इसमें दावा किया है की एक समुदाय के हमलावरों ने लाठी, डंडो और लोहे की छड़ों से काफिले की गाड़ियों पर हमला किया। उन्होंने कहा इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही।केंद्रीय सुरक्षा बलों ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

इस घटना के विरोध में नेता प्रतिपक्ष चंद्रकोणा रोड पुलिस फांड़ी पहुंचे और धरना दिया। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती और उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाती तब तक वह थाने से बाहर नहीं जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि वे केवल औपचारिक शिकायत नहीं, बल्कि एफआईआर नंबर और लगाई गई धाराओं की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही दस्तखत करेंगे।

केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष डॉ. सुकांत मजूमदार ने एक्स पोस्ट में आरोप लगाया कि यह हमला पूर्व नियोजित और राज्य प्रायोजित था। यह पुलिस निष्क्रियता का खुला उदाहरण है। डॉ. मजूमदार ने कहा कि राज्य में नेता प्रतिपक्ष और निर्वाचित जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों को खारिज किया है। पार्टी ने कहा कि यह हमला लोगों की नाराजगी का परिणाम है। इस घटना पर पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के अनुरूप आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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