नमामि गंगे ने गंगा आरती कर मनाया भारत रत्न महामना – अटल का जन्म दिन

Date:

—श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर तस्वीरों पर श्रद्धांजलि अर्पित

वाराणसी,25 दिसंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू)के संस्थापक भारत रत्न महामना पं मदन मोहन मालवीय और राजनीति के अटल सूर्य पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती गुरूवार को मनाई गई। दोनों महापुरूषों की जयंती पर नमामि गंगे ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मां गंगा की आरती उतारकर भारत रत्न महामना और अटल जी की जयंती मनाई। राष्ट्रीय ध्वज के साथ महामना – अटल जी की तस्वीर लेकर गंगा निर्मलीकरण के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को शपथ दिलाई गई । महामना द्वारा दी गयी प्रेरणा ” गंगा बहे और बहती रहे ” को आत्मसात कर उन्हें स्मरण किया गया । नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने इस मौके पर कहा कि महामना की यह कामना थी कि भारत की समृद्धि , प्रगति और जीवन की गतिशीलता का प्रमाण माँ गंगा प्रदूषण मुक्त हों , शुद्ध रहें, बाधाओं से मुक्त होकर अविरल बहें और बहती रहें इसी में भारत का हित है । उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में देश भर की नदियों को जोड़कर सिंचाई से लेकर बाढ़ तक की समस्या से निपटने का सपना देखा गया । नदी जोड़ो योजना में गंगा सहित 60 नदियों को जोड़ने की योजना थी । अटल जी का मकसद यह था कि इससे कृषि योग्य लाखों हेक्टेयर भूमि की मानसून पर निर्भरता कम हो जाएगी । हम सभी को इन दोनों महापुरुषों का जन्मदिन गंगा निर्मलीकरण एवं अविरलता के लक्ष्य को निर्धारित करके मनाना चाहिए । आयोजन में अर्जुन सिंह , शुभम उपाध्याय, नवनीत कुमार, शिवाली कुमारी, हर्ष आर्या आदि ने भी भागीदारी की।

—————

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

यूएई ने अमेरिका के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकारा

अबू धाबी, 20 जनवरी (हि.स.)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)...

जनता दरबार में समस्याओं का किया गया ऑन स्‍पॉट समाधान

रांची, 20 जनवरी (हि.स.)। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची...

अर्धनग्न आरोपियों की फोटो वायरल करना मानवाधिकार उल्लंघन

हाईकोर्ट का आदेश- थाने के गेट पर बैठाना 'संस्थागत...
en_USEnglish