खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान 17 साल बाद लंदन से बांग्लादेश पहुंचे

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तारिक ने ढाका पहुंचते ही कहा, शुक्रिया, प्रो. मोहम्मद यूनुस

ढाका, 25 दिसंबर (हि.स.)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष और देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान, अपनी पत्नी और बेटी के साथ आज 17 साल बाद लंदन से स्वदेश पहुंचे।तारिक ने ढाका पहुंचते ही कहा, शुक्रिया, प्रो. मोहम्मद यूनुस।

उन्हें लेकर बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान संख्या बीजी 202, पूर्वाह्न करीब 11:42 बजे हजरत शाह जलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी। यह विमान सिलहट में एक घंटे से ज्यादा समय तक रुका। इसके बाद वहां से सुबह 11:12 बजे ढाका के लिए रवाना किया गया। तारिक बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। वह फरवरी में होने वाले आम चुनाव में हिस्सा लेंगे।

द डेली स्टार अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, तारिक विमान से नंगे पैर उतरे। इसके बाद उन्होंने मुट्ठी भर मिट्टी उठायी। तारिक रहमान, उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान का हवाई अड्डे पर बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने उनका स्वागत किया। तारिक की सास और साली ने सुबह 11:56 बजे हवाई अड्डे के वीआईपी लाउंज में परिवार का स्वागत किया। स्वागत के बाद तारिक और उनके परिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर 12:33 बजे हवाई अड्डे से बाहर निकाला गया।

तारिक ने सुबह करीब 9:30 बजे अपने फेसबुक प्रोफाइल पर लिखा, “6,314 लंबे दिनों के बाद बांग्लादेश के आसमान में।” उन्होंने लिखा कि विमान के सुबह 11:50 बजे हजरत शाह जलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने का समय तय है। तारिक और उनके परिवार के सदस्यों के लिए लिए हवाई अड्डे पर बुलेटप्रूफ बस का इंतजाम किया। खास तौर पर तैयार की गई इस यह बस लाल और हरे रंग की है। उसके किनारों पर खालिदा जिया, तारिक रहमान और पार्टी के संस्थापक जिया-उर-रहमान की बड़ी तस्वीरें लगी हैं। गाड़ी पर लोकतंत्र और राजनीतिक संघर्ष को उजागर करने वाले नारे भी लिखे हैं। तारिक इसी बस से कड़ी सुरक्षा के बीच हवाई अड्डे से बाहर निकले।

तारिक आज अपनी बीमार मां से मिलने एवर केयर अस्पताल जाएंगे। तारिक रहमान के विमान ने बुधवार रात बांग्लादेश समयानुसार देर रात करीब 12:30 बजे लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से ढाका के लिए उड़ान भरी थी। उनके साथ पार्टी के करीब 50 नेता और कार्यकर्ता भी बांग्लादेश लौटे हैं।

प्रोथोम अलो की रिपोर्ट के अनुसार, तारिक पत्नी जुबैदा और बेटी के साथ गुलशन एवेन्यू में हाउस नंबर 196 पर पहुंचे। तीनों ने वहां मौजूद लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। हाउस नंबर 196 के बगल में ही खालिदा जिया का घर (फिरोजा) है। वहां पुलिस, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश और रैपिड एक्शन बटालियन के जवानों को तैनात किया गया है। इस बीच बीएनपी के नेता और कार्यकर्ता सड़क के दोनों ओर तख्तियां, बैनर और फूल लेकर खड़े थे। वे “वेलकम तारिक रहमान” और “राष्ट्र के नेता का स्वागत है” जैसे नारे लगा रहे थे। तारिक रहमान ने कुछ देरतक अंतरिम सरकार के नेता प्रो. मोहम्मद यूनुस से टेलीफोन पर बात की।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष और देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने स्वदेश वापसी में सहयोग के लिए देश के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस का शुक्रिया अदा किया है। बीएनपी मीडिया सेल का दावा है कि ढाका पहुंचने के कुछ देरबाद उन्होंने प्रो. यूनुस से टेलीफोनिक बातचीत की। इस दौरान तारिक ने मुख्य सलाहकार का आभार जताया।

बांग्लादेश की सरकारी न्यूज एजेंसी बीएसएस के अनुसार, तारिक रहमान ने 17 साल के लंबे वनवास के बाद घर लौटने पर खुशी जताते हुए प्रो. यूनुस का शुक्रिया अदा किया। दोपहर से कुछ देर पहले हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने फोन पर मुख्य सलाहकार से बात की। उन्होंने अपनी सुरक्षा और घरवापसी के कार्यक्रमों दौरान किए गए सुरक्षा प्रबंधों के लिए मुख्य सलाहकार का धन्यवाद किया।

बीएनपी मीडिया सेल के आधिकारिक फेसबुक पेज पर साझा किए गए एक वीडियो में तारिक रहमान फोन पर बातचीत के दौरान मुख्य सलाहकार का हालचाल भी पूछा। इस वीडियो में तारिक कह रहे हैं, “मैं अपनी और अपने परिवार की तरफ से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। खासकर, मेरी सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के लिए मेरा दिल से शुक्रिया।” वीडियो में फोन कॉल के आखिर में उन्होंने प्रोफेसर यूनुस से दुआ मांगी और सलाम करके बातचीत खत्म की।

तारिक की घरवापसी पर बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि यह देश के 55 साल के इतिहास में एक यादगार पल है। तारिक के लौटने के बाद अहमद ने हवाई अड्डा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में खुशी जताई। सलाहुद्दीन ने कहा, “आज पूरा देश देख रहा है। इंशा अल्लाह, हमें उम्मीद है कि हम इस पल को एक ऐतिहासिक पल के तौर पर मना पाएंगे।” उन्होंने कहा कि अब लोगों में एक नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा, “हम 16 -17 साल से लोकतंत्र की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे थे। वह आंदोलन छात्र-जनता के विद्रोह के साथ खत्म हुआ। फासीवाद खत्म हो गया है। आज हम एक आजाद माहौल में खड़े हैं।”

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