उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर में एक हजार एकड़ भूमि आवंटन की तैयारी

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—झांसी, अलीगढ़, चित्रकूट और लखनऊ बने निवेशकों की पसंद

लखनऊ, 16 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) के अंतर्गत पाइपलाइन में मौजूद निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए लगभग एक हजार एकड़ अतिरिक्त भूमि आवंटन की तैयारी की जा रही है। योगी सरकार की स्पष्ट डिफेंस इंडस्ट्रियल नीति, तेज निर्णय प्रक्रिया और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते देश–विदेश की कंपनियां उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए आगे आ रही हैं।

उपलब्ध प्रस्तावों के अनुसार, निवेश की इच्छुक कंपनियों को विभिन्न नोड्स में भूमि आवंटन प्रस्तावित है, जिनके माध्यम से करीब 3.5 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत प्रस्तावित निवेश में झांसी नोड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। यहां गुडलक एस्ट्रा द्वारा 247 एकड़ भूमि पर एक हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। वहीं, रेडवुड ह्यूजेस द्वारा 247 एकड़ भूमि पर 700 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। यही नहीं, सिटाडेल और गुरुत्वा जैसी कंपनियों को भी डिफेंस एंड एलाइड मैन्युफैक्चरिंग में भारी निवेश का प्रस्ताव है। झांसी में यह निवेश बुंदेलखंड को डिफेंस इंडस्ट्रियल क्लस्टर के रूप में विकसित करने के योगी सरकार के विजन को मजबूती देगा।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि अलीगढ़ फेज–दो नोड में स्पेसकेम, मराल और जी-एक ऑफशोर जैसी कंपनियों द्वारा केमिकल, ऑफशोर और डिफेंस सपोर्ट मैन्युफैक्चरिंग में निवेश प्रस्तावित है। चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने 209.95 एकड़ भूमि पर 672 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, आईजी ड्रोन्स द्वारा ड्रोन टेक्नोलॉजी सेक्टर में 100 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव है। यह निवेश चित्रकूट को योगी सरकार के डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम होगा।

राजधानी लखनऊ स्थित डिफेंस नोड में भी नेक्सा मुंबई, इंद्रप्रस्थ और प्रोमोटेक जैसी कंपनियों ने कम भूमि में उच्च तकनीक आधारित निवेश प्रस्तावित हैं। यह निवेश डिफेंस सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और सपोर्ट सिस्टम को मजबूती प्रदान करेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को डिफेंस कॉरिडोर में इसके अतिरिक्त भी निवेश के कई और आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिनके लिए आवश्यक भूमि के आवंटन की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है। यूपीडा की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उसके पास डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में संभावित निवेश के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए भूमि आवंटन की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों का पालन किया जा रहा है।

यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) के तहत प्रस्तावित भूमि आवंटन से योगी सरकार को उम्मीद है कि हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा। इससे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता तथा स्थानीय एमएसएमई व स्टार्टअप्स को डिफेंस सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह पहल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान को भी मजबूती देगी। #UP-DEFENSE-CORRIDOR-LAND

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