अवैध व संदिग्ध तत्वों पर हाेगी कार्रवाई्
देहरादून, 15 फरवरी (हि.स.)। उत्तराखंड पुलिस ने राज्यभर में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सर्किल, थाना और चौकी स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए।
रविवार शाम काे पुलिस मुख्यालय से जारी एक बयान जारी कर बताया कि अभियान के तहत मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल, गेस्ट हाउस, आश्रम और धर्मशालाओं में रह रहे लोगों का सत्यापन किया जाएगा। प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट और ब्रोकरों की ओर से किए गए किरायेदारी अनुबंधों की भी जांच होगी। बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने या संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों, कैब चालकों और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत ठेकेदारों का विशेष सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही अमेज़ॅन, ज़ोमैटो
और ब्लिंकिट सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कर्मियों की पहचान और रिकॉर्ड की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।
अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकी संसाधनों और केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड, अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम और अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली
जैसे पोर्टलों के माध्यम से सूचना का मिलान किया जाएगा।
पुलिस ने कहा है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ठहरे व्यक्तियों की पहचान कर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कोचिंग संस्थानों, जिम, स्कूलों, विश्वविद्यालयों और अन्य प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और कार्यशीलता की जांच की जाएगी। सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर आवश्यक ब्रीफिंग भी दी जाएगी।
इस अभियान में जनपदीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू), एसओजी और एसटीएफ संयुक्त रूप से कार्य अभियान संचालित करेंगी। प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है और अधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बनाए रखना है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय