
नई दिल्ली, 01 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह कदम आयुर्वेद में शिक्षा, शोध और सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए उठाया गया है।
सीतारमण ने रविवार को बजट 2026-27 के लिए गुणवत्ता, अनुसंधान, रोजगार सृजन और वैश्विक पहुंच पर ध्यान केंद्रित करते हुए आयुष पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई परिवर्तनकारी उपायों की घोषणा की। इनमें निजी भागीदारी से 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करना शामिल है।
इसके अलावा बजट में आयुष क्षेत्र को और अधिक मजबूत करने और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए कई पहलों का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैदानिक देखभाल और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना करना। उच्च गुणवत्ता मानकों, प्रमाणीकरण और कुशल जनशक्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आयुष फार्मेसियों तथा औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन, जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर का उन्नयन करना शामिल है।
ये पहल आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और पारंपरिक ज्ञान के संगम के प्रति सरकार के संकल्प को दर्शाती हैं। इससे न केवल भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ सुदृढ़ होगी, बल्कि देश समग्र और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा के एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र के रूप में भी उभरेगा।
