अडाणी समूह और एम्ब्रेयर भारत में क्षेत्रीय विमान विनिर्माण संयंत्र करेंगे स्थापित

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नई दिल्‍ली, 27 जनवरी (हि.स)। अडाणी समूह और ब्राजील की विमानन कंपनी एम्ब्रेयर भारत में क्षेत्रीय विमान निर्माण इकाई स्थापित करेंगे। रणनीतिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के बाद इस साझेदारी का ऐलान मंगलवार को नई दिल्ली में किया गया।

अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और एम्ब्रेयर के अधिकारियों ने नागर विमानन मंत्रालय में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू की मौजूदगी में एमओयू हुआ। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां देश में क्षेत्रीय परिवहन विमानों के लिए एक ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (एफएएल) भी स्थापित करेंगी। हालांकि, निवेश और प्रस्तावित सुविधा के स्थान से जुड़े विवरण साझा नहीं किए गए हैं।

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस अवसर पर कहा कि एम्ब्रेयर और अडाणी ऑनलाइन के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भारत के क्षेत्रीय परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के लिए एक रणनीतिक सहयोग की शुरुआत है। नायडू ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के उड़ान विजन से प्रेरित यह साझेदारी क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी के लिए एंड-टू-एंड स्वदेशी समाधान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। घरेलू कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और एमआरओ सेवाओं के लिए पार्टनरशिप ‘मेक इन इंडिया’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी और वैश्विक एविएशन सप्लाई चेन में भारत के इंटीग्रेशन को मजबूत करेगी।

नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि यह सहयोग केवल क्षेत्रीय विमानों के संयोजन तक ही सीमित नहीं है। इसमें प्रगतिशील प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल विकास, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला और भारत को क्षेत्रीय विमानों का एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र बनाना भी शामिल है। उन्‍होंने कहा कि इस साझेदारी के साथ, भारतीय विमानन क्षेत्र में पहले से ही मजबूत उपस्थिति रखने वाला अडाणी समूह भारत में विमान विनिर्माण के क्षेत्र में कदम रख रहा है।

‘अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस’ के निदेशक जीत अडाणी ने एक बयान में कहा कि एम्ब्रेयर के साथ सहयोग से भारत में एक क्षेत्रीय विमान विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। जीत अडाणी ने कहा कि विनिर्माण सुविधा के लिए कुछ स्थलों की तलाश की जा रही है और अगले कुछ महीनों में इन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा।

अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष राजवंशी ने कहा कि यह सहयोग देश के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एम्ब्रेयर के ई-जेट ने 2005 में भारत में परिचालन शुरू किया था। फिलहाल इसके पास देश में करीब 50 विमान हैं, जो भारतीय वायु सेना, सरकारी एजेंसियों, वाणिज्य विमान संचालकों और वाणिज्यिक विमानन कंपनी ‘स्टार एयर’ की सेवा में हैं। एम्ब्रेयर कंपनी 150 सीट तक के वाणिज्यिक विमान बनाती है।

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