संसद की सुरक्षा में पूरी तरह से सेंध लगी थी : हाईकोर्ट

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नई दिल्ली, 03 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर, 2023 में संसद की सुरक्षा में चूक के आरोपित मनोरंजन डी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में पूरे तरीके से सुरक्षा चूक हुई है। जस्टिस प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्चतम न्यायालय के दिल्ली दंगे के आरोपितों की जमानत पर दिए गए फैसले में आतंकी कृत्य की परिभाषा का जिक्र करते हुए ये टिप्पणी की। उच्च न्यायालय मनोरंजन डी की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 17 मार्च को करेगा।

सुनवाई के दौरान मंगलवार काे उच्च न्यायालय को ये बताया गया कि इस मामले में आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने पर ट्रायल कोर्ट में 6 फरवरी को सुनवाई होनी है। मनोरंजन डी के वकील केके मनन ने कहा कि याचिकाकर्ता पिछले दो साल से हिरासत में है, अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं। उच्चतम न्यायालय ये कई बार कह चुका है कि अगर ट्रायल में देरी हो रही हो और इसके जल्द पूरा होने के आसार नहीं है तो आरोपित को जमानत दी जा सकती है।

सुनवाई के दौरान केके मनन की दलीलों का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस के वकील रितेश बाहरी ने कहा कि आरोपितों ने साजिश रची और रंगीन कनस्तर, मोबाइल फोन इत्यादि का इंतजाम किया। कुछ आरोपित संसद के बाहर थे और कुछ संसद के भीतर। वकील बाहरी ने कहा कि जब संसद चल रहा था तो उस समय एक भयपूर्ण माहौल पैदा किया गया। आरोपितों ने सांसदों और स्टाफ को आतंकित किया। ऐसा करना देश की संप्रभुता पर खतरा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी मुख्य गवाहों के परीक्षण नहीं हुए हैं। इस पर कोर्ट ने खुफिया विभाग पर सवाल करते हुए कहा कि खुफिया विभाग का इस पर क्या कहना है। आरोपित संसद के भीतर कनस्तर कैसे ले गए, ये पूरी तरह से सुरक्षा के चूक का मामला है।

उच्च न्यायालय ने 24 जुलाई, 2025 को मनोरंजन डी की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान मनोरंजन डी के वकील ने कहा कि संसद के अंदर नारेबाजी करते हुए धुएं के कनस्तर खोलना आतंकवादी कृत्य नहीं है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2 जुलाई, 2025 को इस मामले के दो आरोपितों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दी थी।

दिल्ली पुलिस ने 15 जुलाई, 2024 को इस मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा मामले में 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120बी और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस ने 7 जून, 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जाे करीब एक हजार पन्नों की है। दिल्ली पुलिस ने जिन आरोपितों के खिलाफ यूएपीए की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है उनमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद शामिल हैं।

घटना 13 दिसंबर, 2023 की है जब संसद की विजिटर गैलरी से दो आरोपित मुख्य सभागार में कूदे। कुछ ही देर में एक आरोपित डेस्क के ऊपर चलते हुए अपने जूतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा। इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई। हंगामे और धुएं के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और इनकी पिटाई भी की। कुछ देर के बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को पकड़ा। संसद के बाहर भी दो लोग पकड़े गए जो नारेबाजी कर रहे थे और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे।

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