वेंकटेश्वर मंदिर में वैकुंठ एकादशी महोत्सव 29 से, होगा श्रीविष्णु सहस्त्रनाम अनुष्ठान

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रांची, 26 दिसंबर (हि.स.)। श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में धनर्मास- श्रीगोदा,रंगनाथ का व्रत चल रहा है। यह व्रत सूर्य को मूल नक्षत्र और धनु राशि में संक्रमण करने से जो संक्रांति होती है उस दिन से पूरे एक माह तक यानि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने तक की संक्रांति तक मनाया जाता है।

इस मास को वैष्णव जगत् में धनुर्मास के नाम से जाना जाता है। इस धनुर्मास में जो शुक्ल पक्ष की एकादशी होती है उसे वैकुंठ एकादशी कहते हैं। इस एकादशी का बड़ा ही महत्व है। यह वैकुण्ठोत्सव सम्पूर्ण दक्षिण भारत के साथ उत्तर भारत के भी सभी वैष्णव मंदिरों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। श्रीतिरुपति बालाजी मंदिर, रांची में यह वैकुंठोत्सव 29 दिसंबर से एक जनवरी 2026 तक मनाया जाएगा। इन चार दिनों तक श्रीविष्णुसहस्त्रनाम अर्चना-अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा।

सहस्त्रनामों की शक्ति से ब्रह्महत्या जैसे कई महापापों का होता है नाश

इस सहस्त्रनाम का शास्त्रों में बड़े विस्तार से बखान मिलता है। विष्णु सहस्त्रनाम अर्चना से भगवान को संतुष्ट करने वाला मनुष्य उनसे वांछित वर प्राप्त करता है और अचल लक्ष्मी प्राप्त करके निश्चित रूप से भगवान का प्रिय हो जाता है। आदिदेव श्रीविष्णु वेंकटेश्वर इस सहस्त्रनाम के मंत्रों से अति प्रसन्न होते हैं। सहस्त्रनामों की शक्ति से ब्रह्महत्या जैसे कई महापापों का नाश हो जाता है और अंत में इसके प्रसाद से साधक भगवान नारायण में विलीन हो जाते हैं। उन्हें इस संसार का कष्ट नहीं भोगना पडता है। अनंत सुख भोगी होकर वैकुंठ में वास करता है। उसका पुनर्जन्म नहीं होता। सहस्त्रनाम अर्चना अनुष्ठान में यजमान बनने के इच्छुक श्रद्धालु बुकिंग करा रहें हैं।

वहीं शुक्रवार को धनुर्मास व्रत का 11 वें दिन भगवान को दूध, दधि, हल्दी, चंदन, शहद, नारियल युक्त जल, गंगाजल और केसर युक्त जल से महाभिषेक किया गया। खीर, पोंगल चटनी, फल और मेवा का बाल भोग लगा फिर भगवान की महाआरती हुई और भगवान रंगनाथ संग गोदांबा देवी की स्तुति की गई। भगवान को कट्रउ कनंगल ( गाय के बछड़ा) नाम का पोशाक धारण कराया।

महाभिषेक के यजमान मुकेश केजरीवाल पत्नी श्वेता केजरीवाल थे, जबकि दिनभर का भोग उत्तम कुमार और उनकी पत्नी डिंपल रांची निवासी की ओर से लगाया गया।

भगवान की पूजा-अर्चना करनेवालों में सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य और नारायण दास ने अनुष्ठान को विधिवत् संपन्न कराया।

इस अवसर पर राम अवतार नरसरिया, ओमप्रकाश केजरीवाल, अनूप अग्रवाल, सुमन केजरीवाल, सुनील केजरीवाल और रंजन सिंह सहित अन्य मौजूद थे।

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