
नई दिल्ली, 07 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा की है। जस्टिस तुषार राव गडेला की बेंच ने विवेक ओबेरॉय से जुड़ी किसी कंटेंट का बिना अनुमति इस्तेमाल करने पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
विवेक ओबेरॉय ने आरोप लगाया था कि कुछ जाने-अनजाने लोगों द्वारा उनकी पहचान, नाम छवि और आवाज का बिना अनुमति दुरुपयोग कर रहे हैं। विवेक ओबेरॉय की ओर से वकील सना रईस खान ने याचिका दायर कहा था कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विवेक ओबेरॉय के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट बनाए जा रहे हैं। इन अकाउंट्स के जरिये बिना अनुमति के सामानों की बिक्री की जा रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डीफफेक तकनीक का सहारा लेकर वीडियो और फोटो बनाए जा रहे हैं और उनके चेहरे को आपत्तिजनक और भ्रामक कंटेंट में जोड़ा जा रहा है। याचिका में कहा गया था कि अपने नाम, छवि, पहचान और व्यक्तित्व के व्यवसायिक उपयोग पर केवल याचिकाकर्ता का अधिकार है और उसकी स्पष्ट अनुमति के बिना कोई उनके व्यक्तित्व के किसी पहलू का व्यावसायिक या अन्य किसी रुप में उपयोग नहीं कर सकता।
इसके पहले उच्च न्यायालय कई मशहूर हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दे चुका है। इनमें आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिनेता अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।
