प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने एनडीआरएफ स्थापना दिवस पर जांबाज जवानों को किया नमन

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नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के स्थापना दिवस पर बल के जांबाज कर्मियों के साहस, समर्पण और निस्वार्थ सेवा को नमन किया। प्रधानमंत्री ने आपदा के समय जीवनरक्षा, राहत और पुनर्वास में एनडीआरएफ की भूमिका को देश और दुनिया के लिए आदर्श बताते हुए इसे आपदा प्रबंधन का वैश्विक मानक बताया। गृहमंत्री शाह ने एनडीआरएफ को आपदाओं के दौरान राष्ट्र का भरोसेमंद स्तंभ करार देते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर कहा कि आपदा के हर कठिन क्षण में एनडीआरएफ के जवान अग्रिम पंक्ति में रहकर लोगों की जान बचाने, राहत पहुंचाने और उम्मीद बहाल करने का काम करते हैं। उनकी पेशेवर दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा सेवा के सर्वोच्च मानकों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों में एनडीआरएफ ने आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया के क्षेत्र में एक बेंचमार्क स्थापित किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर एनडीआरएफ कर्मियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आपदा-प्रतिरोधी भारत के निर्माण के मोदी सरकार के संकल्प को साकार करने में एनडीआरएफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। आज एनडीआरएफ आपदाओं के समय देश के भरोसे का मजबूत स्तंभ बन चुका है। गृह मंत्री ने दूसरों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को नमन किया।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का गठन 2006 में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत किया गया। इसका उद्देश्य प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं के दौरान त्वरित, समन्वित और पेशेवर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। एनडीआरएफ की विशेष रूप से प्रशिक्षित टीमें भूकंप, बाढ़, चक्रवात, भूस्खलन, औद्योगिक हादसों और रासायनिक-जीवाणु आपदाओं में तैनात की जाती हैं।

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