नोटा नहीं, उपलब्ध उम्मीदवारों में सर्वश्रेष्ठ का चयन करेंः डॉ. भागवत

0
18

नागपुर, 15 जनवरी (हि.स.) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने कहा कि, मतदान के दौरान सभी उम्मीदवारों को नकारने (नोटा) के बजाय उपलब्ध विकल्पों में से योग्य उम्मीदवार का चयन करना अधिक उचित है।

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान हो रहा है। डॉ. मोहन भागवत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह सुरेश उपाख्य ‘भैय्याजी’ जोशी ने गुरुवार को महाल स्थित नागपुर नाइट हाईस्कूल के मतदान केंद्र पर मतदान किया। मतदान के लिए पहुंचने वालों में ये दोनों सबसे पहले थे।

मतदान के बाद डॉ. भागवत ने कहा कि ‘नोटा’ का प्रयोग सभी उम्मीदवारों को नकारने के समान है और यह लोकतंत्र की सबसे खराब स्थिति मानी जा सकती है। इससे वास्तव में अवांछित उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। इसलिए उपलब्ध उम्मीदवारों में से योग्य और सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जनहित को ध्यान में रखकर मतदान किया जाना चाहिए। अराजकता का अर्थ राजा या नेतृत्व के अभाव की स्थिति है, जो समाज के लिए घातक होती है।

उन्होंने महाभारत का संदर्भ देते हुए बताया कि उसमें भी सही नेतृत्व के चयन के महत्व को रेखांकित किया गया है। डॉ. भागवत ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मतदान को लेकर लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनका प्रभाव धीरे-धीरे दिखाई देगा। उन्होंने एक बार फिर ‘नोटा नहीं, उपलब्ध विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ के चयन का आह्वान किया।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें