ग्रोवर ज्वेल्स की स्टॉक मार्केट में जोरदार शुुरुआत

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मजबूत लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। गोल्ड ज्वेलरी बनाकर इसकी मार्केटिंग करने वाली कंपनी ग्रोवर ज्वेल्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। कंपनी के शेयर 88 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी एंट्री 9.09 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 96 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद खरीदारी के सपोर्ट इस शेयर की चाल में तेजी आ गई। लगातार हो रही खरीदारी के कारण थोड़ी देर बाद कंपनी के शेयर उछल कर 100.80 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 12.80 प्रतिशत का मुनाफा हो गया।

ग्रोवर ज्वेल्स का 34 करोड़ रुपये का आईपीओ 4 से 6 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 19.16 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 11.32 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 37.57 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 15.74 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 38,44,800 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 2.71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में उछल कर 2.78 करोड़ रुपये और 2024-25 में बढ़ कर 7.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी की कुल आय 34 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ कर 460.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

मौजूदा वित्त वर्ष की बात करें तो अप्रैल से लेकर अक्टूबर 2025 तक कंपनी को 10.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है। इसी तरह इस अवधि में कंपनी 473.22 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर चुकी है। अक्टूबर 2025 के अंत तक कंपनी पर 28.30 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि रिजर्व और सरप्लस अकाउंट में कंपनी के 16.48 करोड़ रुपये पड़े हुए थे।

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