कर्नाटक के लक्कुंडी उत्खनन में दुर्लभ आदिशेष प्रतिमा मिली

0
18

अब तक 45 से अधिक पुरातात्विक अवशेष मिले

गदग (कर्नाटक), 29 जनवरी (हि.स.)। कर्नाटक के गदग जिले के ऐतिहासिक लक्कुंडी गांव में पिछले 12 दिनों से तेज़ी से चल रहे उत्खनन कार्य के दौरान दुर्लभ पुरातात्विक अवशेष सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को तीन फनों वाले नागराज आदिशेष की हरे पत्थर से निर्मित प्रतिमा मिलने से क्षेत्र में भारी उत्सुकता उत्पन्न हो गई है। जनविश्वास के अनुसार घटसर्प (नाग प्रतिमा) आमतौर पर वहां स्थापित की जाती है जहां किसी प्रकार का खजाना होता है।

कल्याण चालुक्य और विजयनगर शासकों के शासनकाल का प्रमुख केंद्र रहा लक्कुंडी गांव पहले ही अपने ऐतिहासिक और शिल्प महत्व के लिए जाना जाता है। उत्खनन के दौरान देवताओं, राजाओं तथा महत्वपूर्ण शिल्पों के मुकुटों के ऊपरी हिस्सों में प्रयुक्त दुर्लभ और बहुमूल्य शिल्प अवशेष भी मिले हैं। इससे पहले एक फन वाली नाग प्रतिमा मिली थी, जबकि अब तीन फनों वाली नाग प्रतिमा का मिलना विशेष महत्व रखता है।

लक्कुंडी विकास प्राधिकरण के आयुक्त शरणु गोरेरी ने बताया कि इतिहास के अनुसार कल्याण चालुक्य काल में लक्कुंडी गांव में 101 मंदिर और 101 कुएं थे। विजयनगर शासन के बाद कई प्राचीन मंदिर नष्ट हो गए लेकिन उनके अवशेष अब एक-एक कर सामने आ रहे हैं। आदिशेष प्रतिमा की खोज ने इस उत्खनन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

वर्तमान में A, A-1, B और B-1 नामक चार बॉक्सों में उत्खनन कार्य चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अगले चरण में इन चारों बॉक्सों को मिलाकर एक बॉक्स में उत्खनन की योजना है। उत्खनन स्थल पर छात्रों और पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। धारवाड़ जिले के नवलगुंद स्थित सरकारी प्रथम श्रेणी महाविद्यालय के इतिहास विभाग के छात्र भी यहां पहुंचकर जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

अब तक लक्कुंडी में 45 से अधिक पुरातात्विक अवशेष मिल चुके हैं। आने वाले दिनों में और कौन-कौन से ऐतिहासिक रहस्य उजागर होंगे, इसे लेकर उत्सुकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें