उप्र बजट : चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 38 हजार करोड़

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– चिकित्सा शिक्षा के लिये 14,997 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित

लखनऊ, 11 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र की योजनाओं को तेज करेगी। प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधान सभा में जो बजट पेश किया उसमें चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए लगभग 38 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं चिकित्सा शिक्षा के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।

वित्त मंत्री ने सदन में अपने बजट भाषण में कहा कि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37 हजार 956 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। यह साल 2025-2026 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी सेवा प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई जो आंगनबाडी केन्द्रों तथा स्कूलों में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। प्रदेश के समस्त जनपदों में दिनाँक 08 दिसम्बर, 2024 से संचालित पल्स पोलियो अभियान के अन्तर्गत तीन करोड़ 28 लाख 44 हजार 929 बच्चों को पोलियो ड्राप पिलायी गयी।

जपानी इन्सेफिलाईटिस से बचाव हेतु प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित है। आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है। योजना हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है। एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर जनपद स्तर से सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों द्वारा नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों, छह वैक्सीन प्रिवेंटेबल डीजिजेज एवं कोविड-19 की रिपोर्टिंग की जा रही है।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग आठ हजार 641 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन हेतु 2,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

चिकित्सा शिक्षा के लिये 14,997 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने बजट भाषण में बताया कि चिकित्सा शिक्षा के लिए 14 हजार 997 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गयी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं। उनमें से 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं। वर्तमान में 60 जनपद मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं से आच्छादित हैं। 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पी0पी0पी0 पद्धति से की जानी है।

उन्होंने कहा कि राजकीय तथा निजी क्षेत्र के मेडिकल चिकित्सा संस्थानों में एम0बी0बी0एस0 सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 4,540 थी जिसे बढ़ाकर 12 हजार 800 किया गया। राजकीय तथा निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या वर्ष 2017 में एक हजार 221 थी जिसे बढ़ाकर चार हजार 995 किया गया। 14 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु एक हजार 23 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिये 315 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। असाध्य रोगों के इलाज के लिये निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

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