अमेरिकी राजदूत ने किया भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड का दौरा

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तेज हुई राजनीति

– इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर ने सीडीएस से मुलाकात में रक्षा साझेदारी बढ़ाने पर की चर्चा

नई दिल्ली, 16 फरवरी (हि.स.)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सोमवार को अचानक भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड पहुंचे। भारत दौरे पर आये इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जॉन पापारो जूनियर आज ही सेना के इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (आईडीएस) हेडक्वार्टर गए और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान से मुलाकात की। अमेरिकी अधिकारियों के सैन्य प्रतिष्ठान जाने की खबर मिलने के बाद राजनीति तेज हो गई और इनके दौरे पर सवाल उठाये जाने लगे।

एडमिरल सैमुअल जॉन पापारो जूनियर 14-19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। सीडीएस के साथ बातचीत में भारत-अमेरिका की मजबूत और बढ़ती रक्षा साझेदारी को फिर से पक्का किया गया, जो साझा सामरिक हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए प्रतिबद्धता पर आधारित है। दोनों नेताओं ने आपसी सैन्य सहयोग, इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाने पर बातचीत की। अमेरिका के शीर्ष कमांडर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ‘भारत के टैक्टिकल काम’ की तारीफ की और दो तरफा रिश्तों पर एडमिरल पापारो ने कहा कि भारत-अमेरिकी रिश्तों का रोकथाम पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है, क्योंकि यह शांति बनाए रखने के लिए हमारे बीच एकता दिखाता है।

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ एडमिरल पापारो आज भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड पहुंचे। भारतीय सेना की इसी कमांड के जिम्मेदारी वाले एरिया में पाकिस्तान बॉर्डर आता है। सोमवार को सर्जियो गोर ने आज दोपहर को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि ‘अभी-अभी चंडीगढ़ पहुंचा हूं। भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड का दौरा करने के लिए उत्साहित हूं।’ इसके तुरंत बाद उनके दौरे को लेकर चर्चा होने लगी। केरल कांग्रेस के ऑफिशियल ‘एक्स’ हैंडल से लिखा गया कि ‘इतनी घबराहट क्यों? हम पहले ही देख चुके हैं कि पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस को पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन तक पहुंच मिल गई थी। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अब भारत के राष्ट्रीय रणनीतिक हित इस बात से जुड़े नजर आ रहे हैं कि यूएस भारत से क्या चाहता है, इसलिए यह दौरा उसी के अनुरूप लगता है।

अपने भारत दौरे के पहले दिन एडमिरल सैमुअल जे. पापारो जूनियर ने रविवार को कहा था कि नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी दोनों को चीनी हथियारों और टैक्टिक्स के इस्तेमाल के बारे में सबक सीखना है। उन्होंने कई मुद्दों पर बात करते हुए पहलगाम आतंकी हमले को भयानक बताते हुए कहा कि हम मिलकर काम करेंगे, ताकि पहलगाम जैसी घटना दोबारा न हो। मुझे लगता है कि जब हम इस तरह के ऑपरेशन देखते हैं, तो सभी शांति पसंद देश चिंतित हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुश्किल घड़ी फिर से आती है, तो ऐसी स्थिति से बचें।————–

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