केरल में केवल वोट प्रतिशत बढ़ाना लक्ष्य नहीं,भाजपा का हाेगा सीएम:शाह

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-अमित शाह ने तिरुवनंतपुरम से किया विधानसभा चुनाव अभियान का आग़ाज़

तिरुवनंतपुरम, 11 जनवरी (हि.स.)। केरल राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों का भले ही अभी ऐलान नहीं हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को तिरुवनंतपुरम पहुंचे और पार्टी नेताओं के साथ बैठकें कर चुनाव की रणनीति पर मंथन किया। उनके इस दौरे को केरल में 2026 में हाेने वाले विधानसभा चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में दावा किया कि वर्ष 2026 में केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा और राज्य को भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा। उन्होंने कहा कि हाल के स्थानीय निकाय चुनाव में तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि केरल बदलाव की ओर अग्रसर है। उन्हाेंने “अब केरल की बारी है” के नारे के साथ विधानसभा चुनाव अभियान का आग़ाज़ किया।

केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि केरल में भाजपा का वोट शेयर लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2014 में जहां यह 11 प्रतिशत था, वहीं 2024 में बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 40 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भाजपा ने देश के कई राज्यों में छोटी शुरुआत से सत्ता तक का सफर तय किया है और केरल भी इसका अपवाद नहीं होगा। गृह मंत्री ने कहा कि केरल की अर्थव्यवस्था अब भी काफी हद तक प्रवासी भारतीयों की कमाई पर निर्भर है और राज्य में वास्तविक विकास तथा औद्योगिक क्रांति केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने वामपंथी और कांग्रेस नीत मोर्चों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल सांप्रदायिक और राष्ट्र-विरोधी ताकतों का सामना करने में विफल रहे हैं, जबकि केवल भाजपा ही सुरक्षित और मजबूत केरल सुनिश्चित कर सकती है।

अमित शाह ने कहा कि उन्होंने पहले वादा किया था कि यदि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा का मेयर बनेगा, तो वे श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में दर्शन करेंगे। इसी क्रम में उन्होंने रविवार सुबह मंदिर में पूजा-अर्चना की। दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने कहा कि भगवान के आशीर्वाद से केरल में परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा श्रद्धालुओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार वक्फ भूमि विवादों में ईसाई और हिंदू परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की नीति “सबके लिए न्याय, किसी के लिए तुष्टीकरण नहीं” की है, जिसे केरल की जनता स्वीकार करेगी।

एक दिन के दाैरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री शाह ने तिरुवनंतपुरम में कई कार्यक्रमों में भाग लिया। इससे पहले सुबह उन्होंने श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद कौडियार स्थित उदय पैलेस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्थानीय स्वशासन निकायों के दाे हजार से अधिक नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के राज्य सम्मेलन को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने केरल कौमुदी की 114वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित “नव भारत, नव केरलम” कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इसके अलावा भाजपा राज्य कार्यालय में राजग नेताओं की बैठक और भाजपा राज्य कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया, जहां सीट बंटवारे और आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा हुई।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत में स्थिरता,भरोसे का माहौलः मोदी

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प्रधानमंत्री ने राजकोट में किया वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

राजकोट, 11 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भी भारत उल्लेखनीय स्थिरता और भरोसे के साथ आगे बढ़ रहा है। सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र ने भारत की विकास गाथा को नई दिशा दी है। आज का भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेज गति से अग्रसर है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें रविवार को गुजरात के राजकोट में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात केवल सम्मेलन नहीं बल्कि 21वीं सदी के आधुनिक भारत की यात्रा है, जो एक सपने से शुरू होकर आज अडिग विश्वास में बदल चुकी है। पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात एक वैश्विक बेंचमार्क बन चुका है और इसके अब तक दस संस्करण आयोजित हो चुके हैं। यह मंच अब केवल निवेश तक सीमित नहीं रहा बल्कि वैश्विक विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी का केंद्र बन गया है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्देश्य गुजरात के विभिन्न हिस्सों की अप्रयुक्त क्षमताओं को प्रदर्शन में बदलना है। कच्छ और सौराष्ट्र जैसे क्षेत्रों के पास लंबा समुद्री तट, औद्योगिक क्लस्टर, कृषि और पशुपालन की समृद्ध परंपरा जैसी विशिष्ट ताकतें हैं और इन्हीं संभावनाओं को केंद्र में रखकर यह सम्मेलन आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ रहा है। देश में महंगाई नियंत्रण में है, कृषि उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है, भारत दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है, जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक है और विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता भी है। भारत आज मोबाइल डेटा का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम डिजिटल भुगतान मंच बन चुका है और देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता है। साथ ही भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम, शीर्ष तीन सौर ऊर्जा उत्पादक देशों में स्थान, तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार और अग्रणी मेट्रो नेटवर्क है। भारत की विकास यात्रा सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र की सफलता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष भारत को वैश्विक विकास का इंजन बता रहा है, एसएंडपी ने 18 वर्षों बाद भारत की रेटिंग में सुधार किया है और फिच रेटिंग्स ने भारत की मैक्रो स्थिरता की सराहना की है। यह भरोसा इसलिए है क्योंकि भारत में राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत निरंतरता और बढ़ता हुआ नव-मध्यवर्ग मौजूद है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कच्छ और सौराष्ट्र ने यह सिखाया है कि ईमानदारी और परिश्रम से किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। कभी भूकंप और सूखे से जूझने वाले ये क्षेत्र आज भारत की विकास यात्रा के एंकर क्षेत्र बन चुके हैं और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजकोट में 2.5 लाख से अधिक एमएसएमई कार्यरत हैं और यहां स्क्रूड्राइवर से लेकर विमान और रॉकेट के पुर्जे तक बनाए जा रहे हैं। अलंग दुनिया का सबसे बड़ा जहाज पुनर्चक्रण केंद्र है और मोरबी टाइल उद्योग में वैश्विक पहचान बना चुका है।

धोलरा विशेष निवेश क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां देश की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाई स्थापित की जा रही है। कच्छ में 30 गीगावॉट क्षमता का विश्व का सबसे बड़ा हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कच्छ और सौराष्ट्र हरित ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, बैटरी भंडारण और बंदरगाह आधारित विकास के बड़े केंद्र बन रहे हैं। गुजरात के बंदरगाहों से पिछले वर्ष करीब 1.75 लाख वाहनों का निर्यात हुआ। उन्होंने कहा कि आज के समय में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ उद्योग के लिए तैयार कार्यबल सबसे बड़ी जरूरत है। गुजरात में कौशल विकास और उच्च शिक्षा का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद है और यहां निवेश के साथ प्रतिभा की सुनिश्चित उपलब्धता मिलती है। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई केंद्रीय मंत्री, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विदेशी अतिथि उपस्थित रहे।

किड्स प्रीमियर क्रिकेट लीग : 5 विकेट से जीती हसनपुर सुपरकिंग्स

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4 विकेट झटकने वाले अंश को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला

मुरादाबाद, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में रविवार को किड्स प्रीमियर क्रिकेट लीग में आरएस वॉरियर्स और हसनपुर सुपर किंग्स के बीच मैच खेला गया। हसनपुर सुपरकिंग्स की टीम ने 5 विकेट से मैच जीत लिया।

आरएस वॉरियर्स ने टॉस जीत कर पहले बैटिंग करते हुए 18.2 ओवर में 10 विकेट के नुकसान पर 50 रन ही बना सकी। जिसमें मोहम्मद फैज ने 28 बॉल में 18 रन और कृष्णा ने 13 बॉल पर 8 रन की पारी खेली। बोलिंग करते हुए हसनपुर सुपरकिंग्स की ओर से गेंदबाज अंश ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए, जबकि यश कोहली ने 3 विकेट हासिल किए। स्कोर का पीछा करने उतरी हसनपुर सुपरकिंग्स के बल्लेबाजों ने 10.4 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर ही लक्ष्य की प्राप्त कर लिया।

अदनान ने 7 बॉल में 15 रन और तरुण ने 10 बॉल पर 11 रन की पारी खेली।

आरएस वॉरियर्स की ओर से गेंदबाजी करते हुए मोहम्मद फैज ने 4 विकेट व आदित्य ने 1 विकेट लिया। 4 विकेट झटकने वाले अंश को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।

इस दौरान एमपीएस क्रिकेट लीग के प्रिंसीपल शक़ील, मिर्जा दानिश आलम, प्रियांशु जोशी, रोहित, शरीफ शेख, सलीम, शांतनु दीक्षित, रोहित सूरी, ऋषिका, प्रतीक्षा आदि मौजूद रही।

उत्तर प्रदेश के गांवों से तैयार होंगे एक करोड़ उद्यमी

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लखनऊ, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी पांच वर्षों में प्रदेश में 15 लाख नए उद्यम स्थापित किए जाने का प्लान बनाया है। इसी के साथ आगामी वर्षों में गांवों से एक करोड़ उद्यमी तैयार करने की योजना है। इस महाभियान का आधार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) बनेगा। इसके जरिए स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से कम से कम एक सदस्य या समूह को उद्यम के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। कृषि आजीविका के साथ-साथ गैर-कृषि आजीविका क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों का विस्तार हर स्वयं सहायता समूह स्तर तक किया जाएगा, जिससे गांव-गांव रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।

आत्मनिर्भर बनने का संकल्पराज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं जो सीमित आय और बढ़ती पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लेकर उसे साकार भी कर रही हैं। प्रदेश की ऐसी 14 लखपति दीदियों को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने का भी मौका मिलने जा रहा है।

‘राष्ट्रीय युवा दिवस’पर 10 युवा ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित होंगे

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युवा मंगल दल बिजनौर- शहदपुरगुलाल ग्राम पंचायत- घनश्याम सिंह (अध्य़क्ष),हिला मंगल दल बिजनौर की नहटौर विकास खंड- बसेड़ाखुर्द ग्राम पंचायत- ज्योति (अध्यक्ष) भी होंगे सम्मानित

लखनऊ, 12 जनवरी (हि.स.)। योगी सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होने वाले मुख्य आयोजन में राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवॉर्ड (2024-25) प्रदान करेंगे। इस दौरान खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेलो इंडिया खेलो योजना के अंतर्गत 21 करोड़ रुपये से निर्मित 5 मल्टीपर्पज हॉल (लखनऊ में दो, हरदोई, कन्नौज व सहारनपुर में एक-एक) का लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री यहीं से 26 करोड़ से निर्मित होने वाले तीन ग्रामीण स्टेडियम (सुल्तानपुर, कासगंज व फतेहपुर) का शिलान्यास भी करेंगे।

युवा कल्याण विभाग के उप निदेशक अजात शत्रु शाही ने बताया कि व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित 10 युवाओं व मंगल दल श्रेणी में चयनित युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों को राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया जाएगा। व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित युवाओं को 50 हजार रुपये, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं युवक व महिला मंगल दल को राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रुपये, ट्रॉफी, मोमेंटो, शॉल, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किया जाएगा। लखनऊ में होने वाले विवेकानंद यूथ अवार्ड वितरण कार्यक्रम में मंगल दल के 1500 से अधिक युवा सम्मिलित होंगे।

इन युवाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री

1- अभिनीत कुमार मौर्य- हरदोई

2- महिका खन्ना- शाहजहांपुर

3- देवानंद राय- देवरिया

4- अभिषेक पांडेय- मऊ

5- संजना सिंह- बरेली

6- प्रणव द्विवेदी- गोरखपुर

7- साक्षी झा- गाजियाबाद

8- सचिन गौरी वर्मा- गोरखपुर

9- अवधेश कुमार- लखनऊ

10- शिखा सहलोद- गाजियाबाद

चयनित युवक मंगल दल

1- संतकबीर नगर- सेमरियावां ग्राम पंचायत- रिजवान मुनीर (अध्यक्ष)

2- बिजनौर- शहदपुरगुलाल ग्राम पंचायत- घनश्याम सिंह (अध्य़क्ष)

3- शाहजहांपुर- चौधेरा ग्राम पंचायत- इंद्रजीत लोधी (अध्यक्ष)

महिला मंगल दल

1- बिजनौर- नहटौर विकास खंड- बसेड़ाखुर्द ग्राम पंचायत- ज्योति (अध्यक्ष)

2- फिरोजाबाद- अरांव विकास खंड- अकबरपुर सराय ग्राम पंचायत- शिवानी चंदेल (अध्यक्ष)

3- संतकबीर नगर- सांथा विकास खंड- पसाई ग्राम पंचायत- सुमन कुमारी (अध्यक्ष)

यूपी की पुलिसिंग स्मार्ट−जन-विश्वास पर हाेगी आधारित:डीजीपी

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लखनऊ, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में लखनऊ पुलिस कमिश्ररेट के छठे स्थापना दिवस पर रविवार को महानगर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में एक समारोह का आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। इस अवसर पुलिस लाइन में बड़े आयोजन किया गया, जिसमें समस्त अधिकारी एवं पुलिस लाइन व जिले के समस्त थानों में कार्यरत पुलिस कर्मी भी समिल्लित हुए। इस अवसर पर डीजीपी ने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग स्मार्ट, संवेदनशील एवं जन-विश्वास आधारित होगी।

डीजीपी ने पुलिस कमिश्ररेट के स्थापना दिवस पर सभी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की है। इस अवसर पर उन्होंने 19 पुलिस कर्मियों को व्यक्तिगत रूप से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस की उपलब्धियों का श्रेय बल के अनुशासन, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा को जाता है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के बाद लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराध को संरचित एवं तकनीकी प्राथमिकता के रूप में विकसित किया है, जिसके अंतर्गत समर्पित साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। साइबर अपराध की बदलती प्रकृति को देखते हुए उप निरीक्षकों को साइबर अपराध, विशेषकर साइबर ठगी में धन की त्वरित रोकथाम तथा आईटी एक्ट से संबंधित विवेचनाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केन्द्रों एवं पिंक बूथों पर तैनात पुलिसकर्मी महिला सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर लाभान्वित करा रहे हैं। साथ ही सभी आरटीसी केन्द्रों पर पीपीटी व तकनीकी माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण एकीकृत प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

डीजीपी ने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग स्मार्ट, संवेदनशील एवं जन-विश्वास आधारित होगी। तकनीक केवल साधन है, जबकि सफलता की वास्तविक कसौटी आम नागरिक को शीघ्र न्याय एवं राहत प्रदान करना है। हमें सेवा के ऐसे मानक स्थापित करना है जिससे हमारे नागरिकों को पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के लाभकारी परिणाम दिखायी पड़ें। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाहों के त्वरित खंडन के लिए डिजिटल सतर्कता पर बल देते हुए “सुरक्षा, सेवा और सुशासन” के मंत्र के साथ लखनऊ पुलिस को और अधिक आधुनिक बनाने का आह्वान किया तथा पुलिस का अंतिम लक्ष्य जन-सुरक्षा एवं जन-कल्याण बताया।

बाेले पुलिस आयुक्त

पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने बीते छह वर्षों में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, वीवीआईपी सुरक्षा, जनसंपर्क एवं पुलिस कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। यह स्पष्ट है कि पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों, संगठनों एवं अवैध आर्थिक स्रोतों पर भी निर्णायक प्रहार कर रही है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ सुरक्षा, सेवा एवं विश्वास के मूल मंत्र के साथ भविष्य में भी और अधिक सशक्त, आधुनिक एवं संवेदनशील पुलिसिंग प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता

वर्ष 2020 में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से लखनऊ की पुलिसिंग में गुणात्मक सुधार दर्ज किया गया है। विगत 06 वर्षों में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है तथा हत्या, लूट एवं डकैती जैसी संगीन घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। विशेष रूप से वर्ष 2025 में लखनऊ जनपद में डकैती की एक भी घटना का न होना, पुलिस कमिश्नरेट की प्रभावी कार्यप्रणाली, सतर्कता एवं सुदृढ सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण प्रमाण है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने सेफ सिटी की अवधारणा को अपनाते हुए महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिसके फलस्वरूप महिला संबंधी अपराधों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो महिला सुरक्षा एवं सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पुलिस कल्याण एवं अधोसंरचना विकास

पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए मृतक आश्रितों को नियुक्ति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का त्वरित निस्तारण, पीएसपी पैकेज के अंतर्गत बीमा राशि प्रदान करने के साथ बैरक, हॉस्टल, आवासीय भवन, 06 नवीन पुलिस थानों के प्रशासनिक-आवासीय भवन तथा 700 महिला रिक्रूट आरक्षियों के लिए हॉस्टल व अकादमिक ब्लॉक का संचालन किया गया है

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक निर्णय के फलस्वरूप 13 जनवरी 2020 को लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई। इस नई पुलिसिंग व्यवस्था का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुदृढ़, आधुनिक एवं जनोन्मुखी बनाना है।

संघ शताब्दी वर्ष पर उमड़ा जनसैलाब,गूंजा हिंदू एकता का उद्घोष

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मीरजापुर, 11 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विकासखंड पहाड़ी के पड़री बाजार स्थित रामलीला मैदान रविवार को साक्षात जनचेतना का केंद्र बन गया। विशाल हिंदू सम्मेलन में हजारों की संख्या में माता-बहनें और भाई जुटे, जहां एकता, समरसता और राष्ट्रभाव का संदेश पूरे वातावरण में गूंजता रहा।

भव्य सम्मेलन के मुख्य अतिथि संघ के प्रांत गौ सेवा प्रमुख अरविंद रहे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर अग्रहरी ने की। मंच से संबोधन करते हुए अरविंद जी ने हिंदू समाज के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और संगठन की शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को संगठित कर समरसता और एकता को मजबूत करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। संगठित समाज ही सशक्त, आत्मनिर्भर और राष्ट्रनिष्ठ भारत की नींव रख सकता है।

कार्यक्रम में विन्ध्याचल विभाग के सह विभाग कार्यवाह रामबालक, आशुतोष महाराज, ओम शांति से कमला बहन, सेवा बस्ती से बुद्धिल सहित कई विशिष्ट वक्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन के संयोजक अधिवक्ता शिवहरि अग्रहरी रहे, जबकि संचालन की जिम्मेदारी अनिल अग्रहरी ने निभाई।

हजारों की भीड़ के साथ संपन्न हुए इस सम्मेलन ने समाज में नई ऊर्जा का संचार किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्रहित में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश देना रहा, जिसे उपस्थित जनसमूह ने पूरे उत्साह और संकल्प के साथ आत्मसात किया।

सम्मेलन में अशोक कुमार मौर्य मंडल अध्यक्ष, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश सोनकर, कृष्ण कुमार अग्रहरी, रोहित अग्रहरी, संदीप कुमार अग्रहरी उर्फ राहुल, शिवलाल अग्रहरी, गोपाल सिंह, मुकेश, शुभम केशरी, अनिल अग्रहरी मिंटू, जिला प्रचारक आलोक कुमार, रोहित जी, सिद्धार्थ, महावीर सिंह, महेश चंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

पुलिस का यूपीकॉप एप बना आमजन का सारथी

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– घर बैठे आमजन एफआईआर समेत 27 सुविधाओं का उठा रहे लाभ

लखनऊ, 11 जनवरी (हि.स.)। योगी सरकार ने पिछले पौने नौ वर्षों में स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर कई कदम उठाए हैं। सरकार की यह मुहिम पुलिस से लेकर आमजन के लिए बड़ी राहत और भरोसे का माध्यम बन गयी है। राज्य सरकार की यूपी पुलिस का यूपीकॉप एप और सिटीजन पोर्टल आज प्रदेशवासियों के लिए “डिजिटल पुलिस स्टेशन” की तरह काम कर रहा है। प्रदेशवासी एप के माध्यम से न सिर्फ घर बैठे एफआईआर दर्ज करा रहे हैं बल्कि 27 प्रकार की पुलिस सेवाओं का लाभ बिना थाने गए उठा रहे हैं।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिसिंग को जनकेंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए टेक्नोलॉजी से जोड़ा है। उनकी दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है कि आज यूपी पुलिस तकनीक के जरिये आम जनमानस की सेवा में नई मिसाल कायम कर रही है। यूपीकॉप एप ने थानों के चक्कर लगाने की मजबूरी को काफी हद तक कम कर दिया है। वहीं एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण की समयावधि में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है।

उन्होंने बताया कि एप के जरिए लोग ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने, एफआईआर की कॉपी डाउनलोड करने, खोये सामान की रिपोर्ट दर्ज कराने, चरित्र सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, घरेलू सहायक सत्यापन, कर्मचारी सत्यापन समेत 27 प्रकार की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अब तक 50 लाख से अधिक यूजर्स एप को डाउनलोड कर चुके हैं।

एप के माध्यम से 2.1 करोड़ से ज्यादा एफआईआर डाउनलोड की जा चुकी हैं जबकि 7.3 लाख से अधिक लोगाें ने खोये सामान की रिपोर्ट दर्ज करायी है। यह आंकड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल पुलिसिंग की सोच के महत्व को दर्शाते हैं।

डीजीपी ने बताया कि यूपी कॉप एप में कई आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसमें रीयल-टाइम नोटिफिकेशन के जरिए आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की तुरंत जानकारी मिल रही है। यह एप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से इसका उपयोग कर रहे हैं। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से लोकेशन ट्रैकिंग और एसओएस बटन जैसी सुविधाओं को भी अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा एप पर नजदीकी पुलिस स्टेशन को मैप पर देखने की सुविधा भी दी गई है, जो आपात स्थिति में काफी उपयोगी साबित हो रही है। एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण में लगने वाले समय में भारी कमी आयी है।

वर्तमान में चरित्र सत्यापन में लगभग 6 दिन का समय लग रहा है जबकि पहले इसमें 8 दिन लगते थे। इस तरह किरायेदार सत्यापन में करीब 8 दिन लग रहे हैं जबकि पहले 24 से 25 दिन लगते थे, कर्मचारी सत्यापन में करीब 5 दिन लग रहे हैं जबकि पहले 13 दिन लगते थे। इसके साथ ही योगी सरकार का पब्लिक ग्रेवांस रिव्यू पोर्टल भी आमजन के लिए प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। पोर्टल के जरिए आमजन अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जिनकी नियमित समीक्षा और समयबद्ध निस्तारण भी किया जा रहा है। इससे पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है और शिकायतकर्ताओं को यह भरोसा मिला है कि उनकी बात सुनी जा रही है।

डीजीपी ने कहा कि यूपीकॉप ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस का ‘डिजिटल पुलिस स्टेशन’ है, जो नागरिकों की शिकायतों और सेवाओं के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था देता है। टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम सेवा-प्रक्रियाओं का मानकीकरण कर रहे हैं ताकि हर आवेदन पर समान गति, समान पारदर्शिता और निश्चित समय-सीमा सुनिश्चित हो। टेक्नोलॉजी-आधारित जनशिकायत निवारण से पुलिसिंग अधिक जनकेंद्रित और जवाबदेह बन रही है। यही स्मार्ट पुलिसिंग का वास्तविक अर्थ है।

नींद की गुणवत्ता प्रभावित होने से डिप्रेशन : सतीश राय

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-जीवन भर दवा खाने वालों का बढ़ता जाता है डोज-दवाओं के लगातार सेवन से शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र हाेती है निर्भर

प्रयागराज, 11 जनवरी (हि.स.)। मौसम बदलने पर बार-बार संक्रमित होना और बीमार पड़ना शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने के लक्षण हैं। यदि उम्र 50 वर्ष से ज्यादा है तो इस उम्र में नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। यह बातें रविवार को एसकेआर योग एवं रेकी शोध प्रशिक्षण और प्राकृतिक संस्थान प्रयागराज रेकी सेंटर पर जाने-माने एवं प्रसिद्ध स्पर्श चिकित्सक सतीश राय ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कही।

-दवाओं के लगातार सेवन से शरीर की प्रतिरक्षातंत्र हो जाती है कमजोर

सतीश राय ने कहा कि मौसम बदलते ही हर बार बीमार पड़ते हैं तो गंभीर और अदृश्य बीमारी के होने की सूचना शरीर आपको दे रहा है, इसे अनदेखा न करें। हारमोंस के उतार-चढ़ाव के कारण शरीर में अचानक कुछ बदलाव असहज हो सकते हैं, लेकिन कुछ समय में शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र इसे कंट्रोल कर लेगा। आप चाहें तो प्राकृतिक तरीकों का सहारा ले सकते हैं, लेकिन ऐसे समय में अंग्रेजी या एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन कुछ दिनों के लिए कर लिया तो शरीर की रक्षा प्रणाली निष्क्रिय होकर उन दवाओं पर निर्भर हो जाएगी।

-जीवन भर दवा खाने वालों का बढ़ता जाता है डोज

सतीश राय कहा कि मेडिसिन या ड्रग किसी भी बीमारी को ठीक नहीं करता, वह सिर्फ कंट्रोल करता है। यदि लगातार मेडिसिन खा रहे हैं तो वह कुछ समय के पश्चात उसका असर शरीर पर खत्म हो जाता है। मेडिसिन का डोज बढ़ाने पर वह पुनः अपना काम करने लगता है। इस तरह जीवन में दवा का डोज बढ़ता जाएगा और अंत में किसी भी दवा का असर शरीर पर नहीं होगा। WHO का दावा है कि प्रतिवर्ष विश्व में करीब एक करोड़ लोगों की मौत एंटीबायोटिक दवाओं के असर नहीं करने से होती है।

-स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक तरीकों को अपनाना बेहतरसतीश राय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने भी मन की बात कार्यक्रम में लगातार दवाओं के सेवन पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए मौसम के अनुसार प्राकृतिक तरीकों को अपनाना ज्यादा अच्छा होता है। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में प्यास कम लगती है पानी कम पीने से या बार-बार गर्म पानी पीने से बचना चाहिए।

-फैट शरीर के तापमान को करती है कंट्रोलठंड के मौसम में बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उम्र 50 के ऊपर होने पर ज्यादा ठंड में टहलने से बचना चाहिए। बचपन से लेकर जवानी तक त्वचा और हड्डियों के बीच में फैट (वसा) की एक मोटी परत होती है जो ऊर्जा के स्रोत हैं। ठंड से शरीर की रक्षा करती हैं। ठंड को हड्डियों तक पहुंचने नहीं देती लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, फैट की परत पिघलने लगती है। ज्यादा उम्र के पश्चात चमड़ी और हड्डियों के बीच में फैट (वसा) की परत बहुत पतली हो जाती है, जिससे ठंड सीधे हड्डियों तक पहुंच जाती है, जो घातक है। शरीर में फैट त्वचा की सबसे निचली परत होती है जो शरीर के तापमान को मेंटेन करती है। यह त्वचा को हड्डियों और मांसपेशियों से जोड़ती है। इसलिए कमजोर और ज्यादा उम्र के लोगों का कड़ाके की ठंड में टहलना घातक हो सकता है।

योगी सरकार का कौशल अभियान तेज :12 जनवरी से होगा शुभारंभ

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लखनऊ, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का आयोजन 12 जनवरी 2026 से किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता प्रदेश के 75 जनपदों से चयनित 1651 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ 20 विभिन्न स्किल्स में आयोजित होगी।

तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता

उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा तकनीकी रूप से दक्ष, नवाचारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो। राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता युवाओं की प्रतिभा को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता इंडिया स्किल्स कंपटीशन–2026 की चयन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा। प्रतियोगिता तीन चरणों में 23 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी, जबकि 24 जनवरी 2026 को एक समारोह में चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

पहले चरण में 570 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा

कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने जानकारी दी कि 12 एवं 13 जनवरी 2026 को आयोजित प्रथम चरण में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से लगभग 570 प्रतिभागी प्रतिभाग करेंगे, जो एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, वेल्डिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन टेक्नोलॉजी, सीएनसी मिलिंग एवं सीएनसी टर्निंग सहित 6 स्किल्स में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। प्रथम दिन प्रतिभागियों को विशेषज्ञों द्वारा उनकी स्किल से संबंधित ओरिएंटेशन, वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के प्रारूप की जानकारी तथा उन्नत मशीनों पर अभ्यास कराया जाएगा, जबकि वास्तविक प्रतियोगिता 13 जनवरी 2026 को आयोजित होगी।

श्रेष्ठ प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मौका

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की प्रतियोगिता लखनऊ स्थित आईटीआई अलीगंज, आईटीआई मोहनलालगंज, आईटीओटी, रेमंड सेंटर, राजकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई चारबाग, पॉलिटेक्निक (महिला) एवं सीआईपीईटी सहित विभिन्न संस्थानों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक चरण में प्रतिभागियों की कौशल दक्षता, नवीनता, रचनात्मक सोच एवं प्रदर्शन क्षमता का निष्पक्ष मूल्यांकन कर प्रदेश की श्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ शंघाई, चीन में आयोजित होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त हो सके।