गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में प्रियंका चोपड़ा का ग्लैमरस जलवा

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गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2026 में एक बार फिर ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा ने अपने स्टाइल और चार्म से सभी का दिल जीत लिया। रेड कार्पेट पर पति और पॉप स्टार निक जोनस के साथ जैसे ही प्रियंका ने एंट्री ली, कैमरों की सारी नजरें उन पर टिक गईं। प्रियंका का एलिगेंट लुक और निक के साथ उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री सोशल मीडिया पर छा गई। इसी बीच, अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान प्रियंका ने के-पॉप सुपरस्टार ब्लैकपिंक की लिसा के साथ मंच शेयर कर फैंस को बड़ा सरप्राइज दिया।

गोल्डन ग्लोब के मंच पर जब प्रियंका और लिसा एक साथ अवॉर्ड प्रेजेंट करने पहुंचीं, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। प्रियंका ने मंच पर कदम रखते ही हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए ‘नमस्ते’ कहा, जिसने दुनियाभर के भारतीयों को गर्व महसूस कराया। दोनों सितारों के बीच शानदार बॉन्डिंग देखने को मिली और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। यह पल बॉलीवुड और के-पॉप के ऐतिहासिक मेल के रूप में देखा जा रहा है। स्टेज पर प्रियंका ने कहा कि इस प्रतिष्ठित मंच पर पुरस्कार प्रदान करना उनके लिए गर्व की बात है, जबकि लिसा ने नामांकित कलाकारों की जमकर सराहना की। इसके बाद दोनों ने टीवी ड्रामा कैटेगरी में नोआ वाइल के नाम की घोषणा की और उन्हें ट्रॉफी सौंपी।

गोल्डन ग्लोब में प्रियंका की हैट्रिक

प्रियंका चोपड़ा अब गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स की नियमित शख्सियत बन चुकी हैं। यह तीसरा मौका था जब उन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अवॉर्ड प्रेजेंट किया। इससे पहले वह 2017 और 2020 में भी इस सम्मानित समारोह का हिस्सा रह चुकी हैं। प्रियंका और लिसा का साथ आना न सिर्फ मनोरंजन जगत के लिए खास रहा, बल्कि इसे बॉलीवुड और के-पॉप के बीच अब तक का सबसे बड़ा ग्लोबल मोमेंट भी माना जा रहा है।

सॉल्टलेक के ईडी दफ्तर के बाहर सुरक्षा बढ़ी,गेटों पर 12 केंद्रीय जवान तैनात

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कोलकाता, 12 जनवरी (हि. स.)। सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कॉम्प्लेक्स के दो प्रवेश द्वारों पर छह-छह, कुल 12 केंद्रीय बल के जवान तैनात रहेंगे। सीजीओ कॉम्प्लेक्स के प्रवेशद्वार पर पहले से ही केंद्रीय जवानों की तैनाती रहती थी, लेकिन अब उनकी संख्या में वृद्धि की गई है।

सुरक्षा बढ़ाने के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के घर और कार्यालय में ईडी की हालिया तलाशी कार्रवाई के दौरान बनी स्थिति के मद्देनज़र यह फैसला लिया गया होगा।

सीजीओ कॉम्प्लेक्स में दो गेट हैं। बीते गुरुवार ईडी की कार्रवाई के समय दोनों प्रवेशद्वारों को कुछ देर के लिए बंद रखा गया था। हालांकि आम लोगों के प्रवेश पर औपचारिक रोक नहीं लगाई गई थी, लेकिन ‘अवांछित’ भीड़ को भीतर जाने से रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे।

उल्लेखनीय है कि पहले सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी के साथ-साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का भी कार्यालय था। उस समय गेट पर सीआरपीएफ जवानों की संख्या तुलनात्मक रूप से अधिक रहती थी। लेकिन पिछले साल अप्रैल के आसपास सीबीआई का कार्यालय सीजीओ कॉम्प्लेक्स से स्थानांतरित हो गया, जिसके बाद गेट पर तैनात केंद्रीय जवानों की संख्या भी घट गई थी और अक्सर एक-दो जवान ही दिखाई देते थे। मौजूदा हालात को देखते हुए अब सुरक्षा फिर से बढ़ाई गई है।

गौरतलब है कि बीते गुरुवार ईडी की तलाशी के दौरान मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी प्रतीक जैन के आवास पहुंची थीं। इसके बाद वह सॉल्टलेक सेक्टर-5 स्थित आई-पैक के कार्यालय भी गई थीं। ममता के लौटने के बाद भी तृणमूल के कार्यकर्ता-समर्थक भवन के बाहर मौजूद रहे। दिनभर चली तलाशी के बाद शाम को जब ईडी अधिकारी आई-पैक कार्यालय से बाहर निकले, तो उन्हें विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा और ईडी के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। हालांकि उस दिन ईडी अधिकारियों की गाड़ियों को रोके जाने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई

ईडी की याचिका पर तृणमूल का जवाब-‘चुनाव से पहले राजनीतिक एजेंडा’

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कोलकाता, 12 जनवरी (हि.स.)।

आई-पैक से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने पर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सत्तारूढ़ पार्टी ने इसे चुनाव से पहले दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय एजेंसी ने शीर्ष अदालत में दायर अपनी याचिका में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस महानिदेशक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी ने कहा है कि मुख्यमंत्री पुलिस की मदद लेकर जबरदस्ती तलाशी वाली जगह पर घुसीं और फाइल छीन कर लेकर चली गईं। पुलिसकर्मियों ने फाइल जबरदस्ती ले जाकर कहीं और रखा।

तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि जिस मामले को ईडी सुप्रीम कोर्ट ले गई है, वह कोई नया नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, “छह साल से सोई हुई फाइल को चुनाव के मुहाने पर अचानक खोल दिया गया है। यह तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक डेटा और सूचना तंत्र तक पहुंच बनाने की कोशिश थी।”कुणाल घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी अध्यक्ष के तौर पर संबंधित स्थान पर गई थीं और इसका उद्देश्य पार्टी से जुड़े दस्तावेजों और सूचनाओं की सुरक्षा करना था। उन्होंने स्पष्ट किया, “तृणमूल के डेटा को जब्त करने की कोशिश हुई। पार्टी की नेता होने के नाते ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप किया, इसे अपराध बताना हास्यास्पद है।”

तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है, उसका मकसद जांच से ज़्यादा राजनीतिक माहौल बनाना है। पार्टी का कहना है कि केंद्र बार-बार संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

गौरतलब है कि ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी के दौरान जांच में बाधा डाली गई। इसी याचिका के बाद तृणमूल कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।

उत्तराखंड :यूसीसी लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण में 24 गुना वृद्धि

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देहरादून, 12 जनवरी (हि.स.)। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण को लेकर आम लोगों की जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पुराने अधिनियम की तुलना में विवाह पंजीकरण की प्रतिदिन औसत संख्या में 24 गुना इजाफा दर्ज किया गया है।

राज् सरकार के आंकड़ाें में बताया गया कि राज्य में यूसीसी लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण कराने की रफ्तार तेज हुई है। 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने के बाद जुलाई 2025 तक छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है। जबकि वर्ष 2010 में लागू पुराने अधिनियम के तहत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3 लाख 30 हजार 064 विवाह पंजीकरण दर्ज किए गए थे। प्रतिदिन के औसत आंकड़ों पर नजर डालें तो पुराने अधिनियम के अंतर्गत जहां प्रतिदिन औसतन 67 विवाह पंजीकरण होते थे, वहीं यूसीसी लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 1634 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बयान जारी कर कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य सरकार का एक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। यूसीसी किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। विवाह पंजीकरण में आई अभूतपूर्व वृद्धि यह दर्शाती है कि जनता ने इस कानून को स्वीकार किया है और इसे सामाजिक सुधार के रूप में देखा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में किए गए वादे के अनुरूप पहली कैबिनेट बैठक में ही यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया गया था। सभी औपचारिकताओं और व्यापक जनमत संग्रह के बाद 27 जनवरी 2025 से प्रदेश में यूसीसी कानून प्रभावी हुआ। इस कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके तहत विवाह की आयु निर्धारित की गई है तथा सभी धर्मों में तलाक सहित अन्य प्रक्रियाओं के लिए समान और कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिससे महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं से राहत मिली है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार

करूर भगदड़ मामले में सीबीआई के समक्ष पेश हुए अभिनेता विजय

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नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के अध्यक्ष और अभिनेता विजय सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेश हुए। सीबीआई मुख्यालय में उनसे करूर भगदड़ मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ शुरू हो गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक सीबीआई दफ्तर के बाहर जुटे हैं।

समर्थक उनकी पार्टी का झंडा हाथों में लिए सुबह से बाहर खड़े हैं। इस दौरान समर्थकों ने अभिनेता विजय के लिए नारेबाजी भी की।

यह पेशी 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले में टीवीके के एक चुनावी अभियान कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ से जुड़ी है, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। घटना की जांच सीबीआई कर रही है।

सीबीआई ने इस महीने की शुरुआत में विजय को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 179 के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। नोटिस में 6 जनवरी को पेश होने की तारीख दी गई थी।

प्रशांत तामांग का पार्थिव शरीर बागडोगरा पहुंचा,दर्शन काे उमड़ी भीड़

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सिलीगुड़ी, 12 जनवरी (हि.स)। इंडियन आइडल सीजन 3 के विजेता और वेब सीरीज पाताल लोक-2 में नजर आए एक्टर-सिंगर प्रशांत तमांग का पार्थिव शरीर सोमवार को ताबूत में बंद अवस्था में बागडोगरा एयरपोर्ट लाया गया। जैसे ही उनका शव एयरपोर्ट पहुंचा, वहां मौजूद परिवार के सदस्य फूट-फूट कर रो पड़े। इससे वहां का पूरा माहौल गमगीन हाे गया।दार्जिलिंग निवासी प्रशांत तामांग ने अपनी मधुर आवाज से देशभर के लोगों का दिल जीता था। उनके अचानक निधन से पहाड़ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

सोमवार काे बागडोगरा एयरपोर्ट पर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, जीटीए के मुख्य कार्यकारी अनित थापा, दार्जिलिंग के विधायक नीरज ज़िम्बा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि, रविवार को दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से प्रशांत तामांग का निधन हो गया था। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरा पहाड़ शोक में डूब गया। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ नेपाली भाषा में भी कई लोकप्रिय गीत गाए थे और कई वेब सीरीज में अभिनय भी किया था।

सांसद राजू बिष्ट ने कहा कि, प्रशांत तामांग का जाना देश, राज्य और पहाड़ के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज ने एक समय गोरखा समाज को एकजुट किया था।——————–

दिल्ली से विजयवाड़ा जा रहे विमान की जयपुर में आपातकालीन लैंडिंग

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– मेडिकल इमरजेंसी के कारण एयर इंडिया की फ्लाइट जयपुर की गई डायवर्ट

नई दिल्‍ली, 12 जनवरी (हि.स)। नई दिल्‍ली से विजयवाड़ा जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान को चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति के कारण सोमवार सुबह जयपुर में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया की उड़ान संख्‍या एआई 2517 में एक बुजुर्ग यात्री की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया। यात्री को विमान से उतारकर अस्पताल ले जाया गया। फ्लाइट में यात्रियों की संख्या के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। ‘फ्लाइटराडार24.कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस उड़ान का संचालन ए320 विमान से हुआ था।

एआई पेनेट्रेशन के क्षेत्र में भारत पहले स्थान पर: जितिन प्रसाद

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मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री ने किया यूपी एआई व स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन’ का उद्घाटनकेंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने ग्रामीण भारत की जनता को एआई का लाभ मिलने पर दिया जाेर

लखनऊ, 12 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्यमंत्री अजीत पाल ने सोमवार को दो दिवसीय उत्तर प्रदेश एआई और स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन’ 2026 का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। साथ ही, एआई पेनेट्रेशन के क्षेत्र में भी भारत पहले स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ ही मोबाइल कनेक्शन 100 करोड़ से ऊपर हो गये है।

केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रसाद ने कहा कि भारत एआई सर्विस प्रोवाइडर ऑफ द वर्ल्ड बनने वाला है। विश्व में भारत का डंका बजेगा, जिसमें यूपी बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। पूरे उत्तर प्रदेश में इंटरनेट का जाल बिछ चुका है। एआई के क्षेत्र में यूपी में बहुत प्रगति हुई है। साथ ही साइबर थ्रेट व डीप फेक जैसी तमाम चुनौतियां भी हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण भारत की जनता को इसका लाभ मिलना चाहिए। कृषि, स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र पर्यावरण का क्षेत्र हो उसमें एआई का उपयोग किया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि जब जब जन भावना साथ होती है तो सरकार निर्णायक फैसले लेती है। डीप फेक के जरिय लोगों को हानि पहुुंचाया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीप फेक रोकने के लिए केन्द्र सरकार प्रतिबद्ध है। केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 15 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली में होगी। यहां से निकलने वाले सुझाव राष्ट्रीय नीति और वैश्विक स्तर पर एआई से जुड़े विमर्श को दिशा देंगे।

इस अवसर पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी,नीति आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व बैंक, गेट्स फाउंडेशन, गूगल सहित देश-विदेश के एआई और हेल्थ सेक्टर के विशेषज्ञ सम्मेलन में उपस्थित रहे।

बहस−असहमति लोकतंत्र की आत्मा,पर निर्णय अनिवार्य :उपराष्ट्रपति

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– आलोचनात्मक चिंतन जेएनयू की आत्मा: धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को कहा कि बहस, चर्चा, असहमति और यहां तक कि टकराव भी स्वस्थ लोकतंत्र के आवश्यक तत्व हैं, लेकिन इनका उद्देश्य अंततः निर्णय तक पहुंचना होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक बार निर्णय हो जाने के बाद उसके प्रभावी और सुचारु क्रियान्वयन के लिए सामूहिक सहयोग अनिवार्य है।

उपराष्ट्रपति यहां जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनसे अपने ज्ञान और कौशल को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करने का आह्वान किया।

जेएनयू की लोकतांत्रिक परंपरा का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विचारों की स्वतंत्रता, बहस, चर्चा, असहमति और वैचारिक मंथन अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन सुचारु प्रशासन और राष्ट्र निर्माण के लिए निष्कर्ष और सहयोग की भावना भी उतनी ही आवश्यक है।

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उनके विचारों का स्मरण करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य चरित्र निर्माण, बौद्धिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता होना चाहिए। शिक्षा और समुचित प्रशिक्षण के माध्यम से ही भारत का युवा वर्ग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत–2047’ के संकल्प को साकार कर सकता है।

भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि उपनिषद, भगवद्गीता, कौटिल्य का अर्थशास्त्र और तिरुक्कुरल जैसे ग्रंथों में शिक्षा को सामाजिक और नैतिक जीवन का केंद्र माना गया है।

उपराष्ट्रपति ने जेएनयू के समावेशी वातावरण, भारतीय भाषाओं तथा सभ्यतागत अध्ययन को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप मातृभाषाओं में ज्ञान सृजन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से तीन मूल दायित्व निभाने का आह्वान किया—सत्य की खोज में बौद्धिक ईमानदारी, असमानताओं को कम करने के लिए सामाजिक समावेशन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान। उन्होंने संविधानिक मूल्यों और भारत की सभ्यतागत परंपराओं से प्रेरित रहने तथा माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सदैव सम्मान बनाए रखने की अपील की।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आलोचनात्मक चिंतन जेएनयू की आत्मा है। उन्होंने कहा कि जेएनयू में बहस, चर्चा, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और बौद्धिक संवाद की एक जीवंत परंपरा रही है। जेएनयू एक ऐसा बौद्धिक केंद्र रहा है, जहां विचारों को परखा, निखारा और विकसित किया जाता है, जो आगे चलकर राष्ट्रीय नीतियों के निर्माण में योगदान देते हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जेएनयू का शैक्षणिक वातावरण नेतृत्व विकसित करने का एक सशक्त केंद्र रहा है। उन्होंने डॉ. डीपी त्रिपाठी, सीताराम येचुरी, प्रकाश करात, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तथा सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास जैसे प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी ने सार्वजनिक जीवन में विशिष्ट पहचान बनाई है।

प्रधान ने कहा कि वर्षों के निरंतर शैक्षणिक योगदान के माध्यम से जेएनयू ने शैक्षणिक उत्कृष्टता की एक सशक्त और विशिष्ट परंपरा स्थापित की है। यह देश के उन अग्रणी विश्वविद्यालयों में रहा है, जिसने बहुविषयक वातावरण में वास्तविक शैक्षणिक स्वायत्तता को आत्मसात किया है। बहुविषयक शोध जेएनयू के मूल स्वभाव का हिस्सा है। यह विश्वविद्यालय अपने समय से आगे सोचने वाली एक प्रयोगशाला के रूप में विकसित हुआ है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जेएनयू की डिग्री केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जेएनयू की समावेशिता, सामाजिक न्याय और उत्तरदायित्व की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यहां के विद्यार्थी ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपील करते हुए प्रधान ने कहा कि वे जेएनयू की समावेशिता, सामाजिक न्याय और उत्तरदायित्व की परंपरा को और मजबूत करें, वंचितों की आवाज़ बनें तथा असमानताओं को कम करने की रणनीतियां विकसित करें। कुछ विद्यार्थी संसद और विधानसभाओं तक पहुंचकर लोकतंत्र को सुदृढ़ करेंगे, कुछ कर्तव्य भवन में राष्ट्र सेवा का दायित्व निभाएंगे, कुछ रणनीतिक विशेषज्ञ और राजनयिक बनकर भारत की वैश्विक भूमिका को सशक्त करेंगे, जबकि कुछ नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से नए उद्यम और विश्वस्तरीय कंपनियों की नींव रखेंगे। वहीं कुछ लेखक, पत्रकार और विचारशील नेतृत्वकर्ता बनकर राष्ट्र के वैचारिक विमर्श को दिशा देंगे।

इस अवसर पर जेएनयू के कुलाधिपति कंवल सिब्बल, कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलिपुडी पंडित, वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, उपाधि प्राप्त विद्यार्थी तथा उनके परिजन उपस्थित थे।

मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल ने लक्ष्य पर किया सटीक हमला

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– परीक्षण की कामयाबी ने सेना के लिए पोर्टबल गाइडेड मिसाइल हासिल करने का रास्ता बना दिया

नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। शीर्ष आक्रमण क्षमता वाली तीसरी पीढ़ी की फायर एंड फॉरगेट मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम) ने उड़ान परीक्षण में एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। इस दौरान मिसाइल और वारहेड के प्रदर्शन मानक के अनुरूप पाए गए। परीक्षण का लक्ष्य एक डमी टैंक था, जिसे मिसाइल ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस परीक्षण ने सेना के लिए तीसरी पीढ़ी की स्वदेशी मैन पोर्टबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हासिल करने का रास्ता बना दिया है।

डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला ने महाराष्ट्र के अहिल्या नगर की केके रेंज में एक गतिशील लक्ष्य के खिलाफ सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया। स्वदेश में विकसित एमपीएटीजीएम में अत्याधुनिक स्वदेशी प्रौद्योगिकियां जैसे इमेजिंग इंफ्रारेड (आईआईआर) होमिंग सीकर, ऑल इलेक्ट्रिक कंट्रोल एक्चुएशन सिस्टम, फायर कंट्रोल सिस्टम, टैंडम वारहेड, प्रणोदन प्रणाली और उच्च प्रदर्शन दृष्टि प्रणाली शामिल हैं। इन्हें डीआरडीओ की सहयोगी प्रयोगशालाओं रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद, टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी, चंडीगढ़, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, पुणे और इंस्ट्रूमेंट्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, देहरादून में विकसित किया गया है।

डीआरडीओ के मुताबिक थर्मल टारगेट सिस्टम को डिफेंस लैबोरेटरी, जोधपुर ने टारगेट टैंक की नकल करने के लिए बनाया था। आईआईआर सीकर दिन और रात में कॉम्बैट ऑपरेशन की काबिलियत रखता है। यह वॉरहेड मॉडर्न मेन बैटल टैंक को हराने में काबिल है। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड इस वेपन सिस्टम के डेवलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर हैं। मिसाइल को ट्राइपॉड या मिलिट्री व्हीकल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है। डीआरडीओ ने पिछले साल 13 अप्रैल और 13 अगस्त को ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के परीक्षण किये थे।

इस मिसाइल का अधिकतम सीमा तक उड़ान का परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। मिसाइल को उन्नत एवियोनिक्स के साथ अत्याधुनिक लघु इन्फ्रारेड इमेजिंग तकनीक के साथ लैस किया गया है। इस मिसाइल की लंबाई लगभग 1,300 मिमी. है और वजन कम रखने के लिए एल्यूमीनियम और कार्बन फाइबर लॉन्च ट्यूब के साथ लगभग 120 मिमी का व्यास रखा गया है। मिसाइल का कुल वजन 14.5 किलोग्राम और इसकी कमांड लॉन्च यूनिट (सीएलयू) का वजन 14.25 किलोग्राम है जो लेजर ऑल-वेदर को डिजिटल ऑल-वेदर के साथ जोड़ती है।

इसकी मारक क्षमता लगभग 2.5 किमी है। ‘दागो और भूल जाओ’ की तकनीक वाली इस पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के इस परीक्षण ने सेना के लिए तीसरी पीढ़ी की स्वदेशी मैन पोर्टबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हासिल करने का रास्ता बना दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. समीर वी कामत ने सफल टेस्ट के लिए डीआरडीओ, साझीदारों और उद्योग की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम बताया है।

रक्षा मंत्री ने सफल टेस्ट को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ज़रूरी कदम बताया। टीम को बधाई देते हुए डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. कामत ने कहा कि ट्रायल टारगेट सफलतापूर्वक किया गया, जिससे वेपन सिस्टम को भारतीय सेना में शामिल करने की राह मिली है। ———-