सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद कश्मीर में मस्जिदों और मदरसों की प्रोफाइलिंग शुरू

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श्रीनगर, 13 जनवरी (हि.स.)। पिछले वर्ष ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर घाटी में मस्जिदों, मदरसों तथा इन धार्मिक संस्थानों से जुड़े प्रबंधनकर्ताओं, इमामों और शिक्षकों की प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मस्जिदों, मदरसों, इमामों (नमाज के अगुआ), शिक्षकों और इन संस्थानों की प्रबंधन समितियों से जुड़े व्यक्तियों का विवरण एकत्र करने के लिए गांव स्तर के नंबरदारों (राजस्व विभाग के कर्मचारी) को एक निर्धारित प्रोफार्मा उपलब्ध कराया गया है। इस प्रक्रिया के तहत धार्मिक संस्थानों की वित्तीय स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें निर्माण कार्यों के लिए प्रयुक्त धन के स्रोतों और दैनिक खर्चों से जुड़ी जानकारी शामिल है।

अधिकारियों के अनुसार, सामान्य विवरण के अलावा मदरसों के शिक्षकों और इमामों से आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, संपत्ति स्वामित्व, सोशल मीडिया हैंडल, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, सिम कार्ड, मोबाइल फोन मॉडल और आईएमईआई नंबर जैसी विस्तृत जानकारियां भी मांगी गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य मस्जिदों, मदरसों और उनसे जुड़े व्यक्तियों का एक समग्र और अद्यतन डेटाबेस तैयार करना है।

उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के दौरान जांच में यह सामने आया था कि कुछ संदिग्धों को मदरसों या सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी बनाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, मौलवी इरफान सहित कुछ इमामों की संदिग्ध भूमिका के चलते वे जांच के दायरे में आए थे। प्रोफार्मा में मस्जिद या मदरसे से जुड़े धार्मिक संप्रदाय—बरेलवी, देवबंदी, हनफ़ी अथवा अहले हदीथ—का विवरण भी मांगा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि घाटी में लंबे समय से प्रचलित सूफी परंपरा के विपरीत शुद्धतावादी इस्लामी विचारधारा के बढ़ते प्रभाव को युवाओं के कट्टरपंथीकरण का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसी क्रम में इमामों, शिक्षकों और प्रबंधन समिति के सदस्यों से किसी भी आतंकवादी या विध्वंसक गतिविधि में पूर्व संलिप्तता, लंबित मामलों अथवा न्यायालय द्वारा दी गई सजा से संबंधित विवरण भी मांगा गया है।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस के सहयोग से नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े एक अंतरराज्यीय ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में तीन डॉक्टरों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था और लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।

बरामद विस्फोटकों में अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर शामिल थे, जिनमें से करीब 360 किलोग्राम अत्यधिक ज्वलनशील अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह जताया गया था। इसके अलावा फरीदाबाद के एक किराए के मकान से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया था कि 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर विस्फोट के प्रयास में इस्तेमाल की गई कार एक कश्मीरी डॉक्टर उमर नबी द्वारा चलाई जा रही थी।

पुलिस के अनुसार, फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय के शिक्षक गनाई को श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद समर्थक पोस्टर लगाने के मामले में वांछित घोषित किए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। 19 अक्टूबर को श्रीनगर के बुनपोरा-नौगाम इलाके में विभिन्न स्थानों पर ऐसे पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकियां दी गई थीं। इसी जांच से पूरे अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि जांच में एक ऐसे ‘सफेदपोश’ आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र का पता चला है, जिसमें कट्टरपंथी पेशेवर और छात्र शामिल हैं, जो पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे आतंकवादी आकाओं के संपर्क में थे।

ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत, एशिया में मिला-जुला कारोबार

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नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। ग्लोबल मार्केट से आज पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार पिछले सत्र के दौरान मजबूती के साथ बंद होने में सफल रहे। डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी आज बढ़त के साथ कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है। यूरोपीय बाजार पिछले सत्र के दौरान मिले-जुले परिणाम के साथ बंद हुए। वहीं एशियाई बाजार में आज मिला-जुला कारोबार होता हुआ नजर आ रहा है।

अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा, जिसके कारण वॉल स्ट्रीट के सूचकांक मजबूती के साथ बंद होने में सफल रहे। डाउ जॉन्स दिन के निचले स्तर से करीब 600 अंक उछल कर बंद हुआ। इसी तरह एस एंड पी 500 इंडेक्स ने भी 7,000 अंक के काफी करीब पहुंचने में सफलता हासिल की। ये सूचकांक पिछले सत्र के कारोबार के दौरान 0.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,977.31 अंक के स्तर पर पहुंच कर बंद हुआ। इसी तरह नैस्डेक ने 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,736.22 अंक के स्तर पर पिछले सत्र के कारोबार का अंत किया। डाउ जॉन्स फ्यूचर्स आज फिलहाल 0.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 49,616.72 अंक के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है।

यूरोपीय बाजार में पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला कारोबार होता रहा। एफटीएसई इंडेक्स 0.16 प्रतिशत की मजबूती के साथ 10,140.70 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह डीएएक्स इंडेक्स ने 143.70 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,405.34 अंक के स्तर पर पिछले सत्र के कारोबार का अंत किया। दूसरी ओर, सीएसी इंडेक्स 0.04 प्रतिशत के गिरावट के साथ 8,358.76 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

एशियाई बाजार में आज मिला-जुला कारोबार होता हुआ नजर आ रहा है। एशिया के नौ बाजार में से छह के सूचकांक मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि तीन सूचकांक गिरावट के साथ लाल निशान में बने हुए हैं। गिफ्ट निफ्टी 0.31 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,780 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह सेट कंपोजिट इंडेक्स 0.19 प्रतिशत फिसल कर 1,239.83 अंक के स्तर पर और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.03 प्रतिशत की सांकेतिक गिरावट के साथ 4,163.84 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।

दूसरी ओर, स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.44 प्रतिशत की मजबूती के साथ 4,787.83 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह ताइवान वेटेड इंडेक्स 136.45 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 30,703.74 अंक के स्तर पर पहुंचा हुआ है। निक्केई इंडेक्स ने आज जोरदार छलांग लगाई है। फिलहाल ये सूचकांक 1,667.11 अंक यानी 3.21 प्रतिशत उछल कर 53,607 अंक के स्तर पर आ गया है।

इसी तरह हैंग सेंग इंडेक्स 291.52 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,900 अंक के स्तर पर पहुंचा हुआ है। इसके अलावा जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 0.69 प्रतिशत की मजबूती के साथ 8,946.20 अंक के स्तर पर और कोस्पी इंडेक्स 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,649.59 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।

गैबियन टेक्नोलॉजी की स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री,लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के कारण लगा लोअर सर्किट

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नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। स्टील गैबियंस का निर्माण करने वाली कंपनी गैबियन टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 81 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 9.88 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 89 रुपये के स्तर पर हुई। हालांकि लिस्टिंग के बाद निवेशकों को तब झटका लगा, जब बिकववाली के दबाव में इस इस शेयर की चाल में गिरावट आ गई। लिस्टिंग होने के बाद से ही मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण कंपनी के शेयर सुबह 10 बजे तक लुढ़क कर 84.55 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। लोअर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशक आज 4.38 प्रतिशत के फायदे में हैं।

गैबियन टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड का 29.16 करोड़ रुपये का आईपीओ 6 से 8 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था। इसके कारण ये ओवरऑल 826 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 271.13 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1,476.78 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 867.23 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 36 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए प्लांट और मशीनरी की खरीदारी करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.82 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में नवंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 4.30 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 78.88 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 104.97 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 101.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक कंपनी को 60.66 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 29.46 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 36.37 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 46.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में नवंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 52.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 7.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 13.71 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 12.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 नवंबर 2025 तक ये 16.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 6.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 13.16 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 15.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 30 नवंबर 2025 तक ये 10.76 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

दिसंबर में यात्री वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 27 फीसदी बढ़ी

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नई दिल्‍ली, 13 जनवरी (हि.स)। यात्री वाहनों की थोक बिक्री में यूटिलिटी वाहनों की मजबूत मांग के दम पर दिसंबर 2025 में सालाना आधार पर 27 फीसदी बढ़ी है।

उद्योग निकाय सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि दिसंबर में यात्री वाहनों की कुल बिक्री 3,99,216 इकाई रही, जो दिसंबर 2024 की 3,14,934 इकाई की तुलना में 26.8 फीसदी अधिक है। सियाम के मुताबिक दिसंबर महीने में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 11,05,565 इकाई के मुकाबले 39 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी के साथ 15,41,036 इकाई हो गई। वहीं, तिपहिया वाहनों की कुल बिक्री 61,924 इकाई रही है, जो दिसंबर 2024 की 52,733 इकाई की तुलना में 17 फीसदी अधिक है।

सियाम ने बिक्री के परिदृश्य पर कहा कि वाहन उद्योग वित्‍त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मजबूत गति के साथ प्रवेश कर रहा है, क्योंकि 2025 के अंत में सभी वाहन खंडों में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गयी। चौथी तिमाही के दौरान वाहनों की थोक एवं खुदरा बिक्री की मात्रा में स्थिर वृद्धि की उम्मीद है।

उद्योग जगत ने कहा, ‘‘भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखते हुए उद्योग निकाय को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 सकारात्मक वृद्धि के साथ समाप्त होगा। इसमें नीतिगत रूप से समर्थित कारक मजबूती से मौजूद रहेंगे जिससे हाल के वर्षों के मजबूत प्रदर्शन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।’’

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24 घंटे निगरानी में निपाह संक्रमित दो नर्सें, हालत अब भी गंभीर

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कोलकाता, 13 जनवरी (हि. स.)। निपाह वायरस से संक्रमित पश्चिम बंगाल की दो नर्सों की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है। दोनों बारासात इलाके के एक अस्पताल में कार्यरत हैं और वहीं के आईसीयू आइसोलेशन वार्ड में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में कोविड काल के दौरान लागू की गई सभी गाइडलाइनों को फिर से सख्ती से लागू किया गया है।पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद झारखंड सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है।

संक्रमित नर्सों में से एक पूर्व बर्धमान जिले की निवासी हैं, जबकि दूसरी नदिया जिले से हैं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, दोनों 5 जनवरी से शारीरिक रूप से अस्वस्थ थीं। उनकी स्थिति पर 24 घंटे कड़ी नजर रखी जा रही है। फिलहाल, स्थिति में न तो कोई गिरावट आई है और न ही अब तक कोई सुधार देखा गया है।

संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए अस्पताल प्रशासन ने सख्त एहतियाती कदम उठाए हैं। निर्देश के तहत अस्पताल के सभी कर्मचारी और चिकित्सकों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सुरक्षा कर्मियों और मरीजों के परिजनों पर भी यही नियम लागू किया गया है। निपाह संक्रमित स्वास्थ्यकर्मियों के इलाज में लगे डॉक्टरों और स्टाफ को पीपीई किट पहनकर ड्यूटी करनी पड़ रही है।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को सहयोग देने के लिए एक राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक प्रतिक्रिया टीम तैनात की है। इस टीम में कोलकाता स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड पब्लिक हाइजीन, पुणे का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), चेन्नई का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (एनआईई), एम्स कल्याणी तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन्यजीव विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं।

निपाह वायरस को लेकर संक्रामक रोग अलर्ट के तहत दिशा-निर्देश राज्य की इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) इकाई को साझा किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर को सक्रिय कर राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय किया जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। नड्डा ने मुख्यमंत्री से टेलीफोन पर भी बातचीत कर आवश्यक हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

उल्लेखनीय है कि, केंद्र सरकार ने इस मामले में एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी बनाई है।

) निपाह वायरस को लेकर झारखंड सरकार अलर्ट, सभी जिलों के सिविल सर्जनों को सतर्क रहने के निर्देश

रांची, 13 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद झारखंड सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि निपाह वायरस एक अत्यंत खतरनाक ज़ूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती है। यह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों (फ्रूट बैट) से फैलता है। इसके अलावा संक्रमित जानवरों, विशेषकर सूअरों के सीधे संपर्क, उनके संक्रमित मांस के सेवन अथवा संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले लार, रक्त और अन्य द्रवों के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैल सकता है।

डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य के सभी जिलों में सख्त निगरानी, त्वरित रिपोर्टिंग प्रणाली और जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि लोगों को निपाह वायरस के लक्षण, बचाव और आवश्यक सावधानियों की पूरी जानकारी मिल सके और राज्य में इसके किसी भी संभावित प्रकोप को रोका जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार इस खतरनाक बीमारी की रोकथाम के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और स्वास्थ्य विभाग को हर स्तर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि निपाह वायरस की मृत्यु दर (फैटेलिटी रेट) काफी अधिक होती है, जो प्रकोप की गंभीरता के अनुसार 40 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक हो सकती है। इसी कारण इसे एक अत्यंत गंभीर और घातक रोग माना जाता है।

निपाह वायरस के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, मानसिक भ्रम, मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव (एन्सेफेलाइटिस) और कोमा जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हैं।———-

प्रगति पोर्टल के माध्यम से समय और लागत की बर्बादी रुकी है :योगी

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– सीएम याेगी ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि प्रगति पोर्टल (प्रोएक्टिव गवर्नेंस एण्ड टाइमली इंप्लीमेंटेशन) ने मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस को सार्थकता प्रदान की है। प्रगति पोर्टल से समय और लागत की बर्बादी रुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति के माध्यम से देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है तो उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर पत्रकार वार्ता कर प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रदेश और देश को हो रहे लाभ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में सत्ता में आने के साथ ही डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना शुरू कर दिया। इससे पहले उन्हाेंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में इस कार्य का शुभारंभ राज्य स्तर पर किया था। उसी क्रम में 2015 में प्रगति पोर्टल लांच किया गया । यह केवल देश के अंदर बड़े प्रोज्क्ट की समीक्षा ही नहीं है बल्कि देश के अंदर एक नयी कार्य संस्कृति का उदाहरण बन चुका है। इसकी मानिटरिंग प्रधानमंत्री कार्यालय से की जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बनाकर योजनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार अलग-अलग राज्य की सरकारों और सरकारों में विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज जो कुछ भी परिणाम देखने को मिल रहा है, वह प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बेहतरीन टेक्नालॉजी का इस्तेमाल करने से संभव हो पा रहा है। वर्ष 2003 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक शिकायतों और जवाबदेही बनाने के उद्देश्य से इसे विकसित किया था। प्रगति उसी का राष्ट्रीय स्वरूप है। मतलब प्रोएक्टिव गवर्नेंश एण्ड टाइमली इंप्लीमेंटेशन का मतलब है कि मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस का यह पोर्टल महत्वपूर्ण आधार बना है। इसके माध्यम से निर्णय तेज हुए हैं। इससे समय और लागत की बर्बादी रुकी है। केन्द्र और राज्य के मंत्रालयों विभागों के बीच समन्वय मजबूत हुआ है। जवाबदेही तय हुई है।

उन्हाेंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो प्रगति के माध्यम से 86 लाख करोड़ की परियोजनाओं को गति मिली है। जिनमें 377 प्रमुख परियोजनाओं को सीधे प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा की जाती है। 3152 में 2958 मुद्दों का समाधान हुआ है। यह केवल आंकड़ा नहीं है। सरकार के कार्य भी दर्शाता है। उप्र जैसे राज्य को देखें तो प्रगति गेंम चेंजर के रूप में साबित हुआ है। उप्र देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। आज उप्र की नई पहचान बनी है। इस मौके पर उप्र सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना मौजूद रहे।

राष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष ने लोहड़ी,पोंगल पर दीं शुभकामनाएं

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नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और गृहमंत्री अमित शाह समेत तमाम नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देशवासियों को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहु की शुभकामनाएं दी हैं। सभी नेताओं ने लोगों के सुख, समृद्धि, खुशियां और नई ऊर्जा की कामना की। नेताओं ने कहा कि समृद्ध कृषि परंपराओं, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में उभरे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहु की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये पर्व भारत की समृद्ध कृषि परंपराओं और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं। इस अवसर पर हम प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते और अन्नदाता किसानों का आभार प्रकट करते हैं। मेरी मंगलकामना है कि ये पर्व सबके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि तिल-गुड़ की मिठास, ढोल की गूंज और गिद्दा, भांगड़ा की ऊर्जा के साथ लोहड़ी आपके जीवन में सुख, समृद्धि और नई खुशियां लेकर आए यही मंगलकामना है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्साह, उमंग व नई ऊर्जा के प्रतीक लोहड़ी पर्व सभी की सुख-समृद्धि का माध्यम बने।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आशा है हर्ष और उल्लास का यह त्योहार आपके जीवन में अपार खुशियां व समृद्धि लेकर आए। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह पावन पर्व सभी को खुशहाली, सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करे।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि यह लोक पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे तथा समाज में सौहार्द, समृद्धि व खुशहाली को और सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह पावन त्योहार सभी के जीवन में ढेर सारी खुशियां, सुख और शांति ले कर आए। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मां मां प्रकृति सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने की कामने करते हुए कहा कि और सभी का जीवन आनंद तथा खुशियों से भरा रहे।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान देशवासियों की खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि हर घर-आंगन धन-धान्य, सुख, समृद्धि से भर जाये। हर खेत में फसल लहलहाये तथा लोहड़ी का पावन प्रकाश आप सबके जीवन में नव आशा, नव ऊर्जा और अपार खुशियां लाये, यही उनकी प्रार्थना है। केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि उमंग, उल्लास और खुशहाली के पावन पर्व लोहड़ी की सभी देशवासियों विशेषकर पंजाब के मेरे भाइयों-बहनों को ऊर्जा एवं आरोग्यता से भरी बधाई। केन्द्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि लोहड़ी का पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

नॉर्वे चेस 2026 का आयोजन अब ओस्लो में

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,स्टावेंगर के बाद नए युग की शुरुआत

ओस्लो, 13 जनवरी (हि.स.)। विश्व के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में शामिल नॉर्वे चेस अब एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। 13 वर्षों तक स्टावेंगर में आयोजित होने के बाद वर्ष 2026 से नॉर्वे चेस और नॉर्वे चेस विमेंस टूर्नामेंट का आयोजन नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में किया जाएगा। दोनों टूर्नामेंटों का मुख्य आयोजन स्थल डाइखमन ब्योर्विका होगा। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 25 मई से 5 जून तक खेली जाएगी, जिसमें विश्व शतरंज के दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन भी भाग लेंगे।

नॉर्वे चेस की शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी और तब से लेकर अब तक स्टावेंगर इस टूर्नामेंट का स्थायी घर रहा। इस शहर ने टूर्नामेंट को एक अलग पहचान दी और इसे अंतरराष्ट्रीय शतरंज कैलेंडर का एक अहम हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नॉर्वे चेस के संस्थापक और सीईओ केजेल मैडलैंड ने स्टावेंगर शहर के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “स्टावेंगर के सभी राजनीतिक दलों के समर्थन और सहयोग के बिना नॉर्वे चेस आज जिस मुकाम पर है, वहां तक पहुंचना संभव नहीं था। खासतौर पर नॉर्वे चेस विमेंस के विकास में शहर की भूमिका ऐतिहासिक रही है, जहां पुरुषों के बराबर पुरस्कार राशि दी गई। हम अपने स्थानीय प्रायोजकों और स्वयंसेवकों के भी आभारी हैं, जिन्होंने मिलकर नॉर्वेजियन खेल इतिहास का एक अध्याय लिखा।”

ओस्लो में आयोजन को लेकर नॉर्वे चेस की सीओओ बेनेडिक्टे वेस्ट्रे स्कोग ने कहा कि राजधानी में आने से टूर्नामेंट को और अधिक अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा, “ओस्लो एक वैश्विक मिलन स्थल है और यहां नॉर्वे चेस की स्थापना से हम दर्शकों, भागीदारों और युवा शतरंज प्रेमियों तक और व्यापक रूप से पहुंच सकेंगे।”

मैडलैंड ने आगे कहा कि स्टावेंगर हमेशा नॉर्वे चेस की पहचान का हिस्सा रहेगा, लेकिन टूर्नामेंट को विश्व स्तर पर और आगे ले जाने के लिए ओस्लो एक स्वाभाविक अगला कदम है।

डाइखमन ब्योर्विका लाइब्रेरी में नॉर्वे चेस 2026 के आयोजन को लेकर वहां की प्रमुख लाइब्रेरियन मेरिटे ली ने खुशी जताई। उन्होंने कहा, “हमें गर्व है कि डाइखमन ब्योर्विका नॉर्वे चेस 2026 की मेजबानी करेगा। हम इस ऐतिहासिक भवन को शतरंज खिलाड़ियों, दर्शकों और जिज्ञासु आगंतुकों से भरने के लिए उत्साहित हैं।”

विश्व के पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने नॉर्वे चेस 2026 में भाग लेने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। बाकी प्रतिभागियों के नाम आने वाले हफ्तों में घोषित किए जाएंगे, साथ ही नॉर्वे चेस विमेंस की लाइन-अप भी सामने आएगी।

नॉर्वे चेस का यह 14वां संस्करण होगा, जबकि नॉर्वे चेस विमेंस तीसरी बार आयोजित किया जाएगा। मैग्नस कार्लसन अब तक नॉर्वे चेस के हर संस्करण में खेले हैं और सात बार खिताब अपने नाम कर चुके है!

सब्सक्रिप्शन के लिए खुला इंडो एसएमसी का आईपीओ

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16 तक लगा सकेंगे बोली

नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी इंडो एसएमसी का 91.95 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 16 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 19 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 20 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 21 जनवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 141 रुपये से लेकर 149 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,000 शेयर का है। इंडो एसएमसी के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स दो को लॉट यानी 2,000 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,98,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 61.71 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

आईपीओ खुलने से एक कारोबारी दिन पहले 12 जनवरी को इंडो एसएमसी ने 11 एंकर इनवेस्टर्स से 26.16 करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इनवेस्टर्स में बंगाल फाइनेंस एंड इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड सबसे बड़ा इनवेस्टर रहा। इसने कंपनी से अपर प्राइस लिमिट 149 रुपये प्रति शेयर की दर से 3.05 लाख शेयर खरीदे हैं। इसी तरह 360 वन एलवीएफ ट्रेजरी सॉल्यूशंस फंड कंपनी से 1.18 लाख शेयर खरीद कर दूसरा सबसे बड़ा एंकर इनवेस्टर बना है।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.45 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.25 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.29 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.01 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्रा.लि. को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजी लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं गिरिराज स्टॉक ब्रोकिंग प्रा.लि. और निकुंज स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड कंपनी के मार्केट मेकर हैं।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगातार मजबूती आई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 46 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर तीन करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 15.44 करोड़ रुपये रह गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 11.46 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 7.30 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 28.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 138.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 112.62 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 10.43 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 17.70 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 35.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी 30 सितंबर तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 49.35 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 52 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.06 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 तक ये 30.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.08 करोड़ रुपये हो गया। साल 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 22.83 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी सितंबर 2025 तक ये 17.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

हरिद्वार से भुवनेश्वर तक उड़ान भरती बेटियों की उम्मीदें

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हरिद्वार, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड की बालिकाओं की अंडर-15 सब-जूनियर रग्बी टीम ने नेशनल रग्बी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर, ओडिशा के लिए मंगलवार काे रुड़की रेलवे स्टेशन से प्रस्थान किया। खिलाड़ियों के जोश और आत्मविश्वास से भरे इस पल ने खेल प्रेमियों का मन उत्साह से भर दिया।

इस अवसर पर उत्तराखंड रग्बी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सूर्यकांत सैनी, उत्तराखंड रग्बी एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एवं कोच आयुष सैनी, साहिल नेगी, फिटनेस ट्रेनर आकाश सिंह नेगी एवं वासु विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों व प्रशिक्षकों ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मौजूद गणमान्य व्यक्तियों ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और शानदार प्रदर्शन की कामना की। पूरे प्रदेश को इन बेटियों से बेहतरीन खेल और पदक जीतने की उम्मीद है। उत्तराखंड की बेटियां मैदान में उतरेंगी पूरे जोश के साथ, देश को दमखम उनका दिखेगा।