जालौन हत्याकांड में न्यायालय का बड़ा फैसला, मुख्य आरोपित को आजीवन कारावास, छह आरोपित बरी

0

उरई, 22 दिसम्बर (हि.स.)। जालौन में वर्ष 2021 में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायालय ने चार साल बाद अहम फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी) उरई सुरेश कुमार गुप्ता ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मुख्य आरोपित जितेंद्र यादव उर्फ मोटे यादव को दोषी ठहराते हुए सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में इस मामले में नामजद छह अन्य आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया गया।

घटना 18 जून 2021 की रात जालौन कोतवाली क्षेत्र के सेगर कॉलोनी हाईवे पर हुई थी। मोहल्ला रापटगंज कस्बा जालौन निवासी शाहिदा पत्नी स्वर्गीय शाकिर ने 19 जून 2021 को कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि उनका पुत्र नौशाद खां मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहता था। पुत्री की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर नौशाद 18 जून को जालौन आया था। प्रार्थिनी के अनुसार उसी रात करीब 11 बजे आशीष यादव नौशाद को घर से बुलाकर सेगर कॉलोनी हाईवे स्थित पुलिया के पास ले गया, जहां पहले से मौजूद कई लोगों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि सभी ने एक राय होकर नौशाद के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान जितेंद्र यादव उर्फ मोटे यादव ने अवैध तमंचे से नौशाद के सिर में गोली मार दी। गोली लगने से नौशाद गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान 19 जून 2021 को नौशाद की मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया और मामला एससी-एसटी कोर्ट में ट्रायल के लिए चला। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता बृजराज राजपूत ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से भी दलीलें दी गईं।

न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और परिस्थितिजन्य तथ्यों का गहन परीक्षण करते हुए जितेंद्र यादव उर्फ मोटे यादव को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अन्य छह आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया गया। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के निर्णय को न्याय की बड़ी जीत बताया।

—————

श्रीराम मन्दिर प्रतिष्ठा द्वादशी : आनुष्ठानिक शुचिता को भूमि पूजन

0

अयोध्या, 22 दिसंबर (हि.स.)। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में प्रभु के प्रतिष्ठित होने की द्वितीय वर्षगांठ (प्रतिष्ठा द्वादशी) की तैयारियां वृहद स्तर पर प्रारम्भ हो गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर भूमि पूजन के साथ आनुष्ठानिक शुचिता का श्रीगणेश हो गया है। पूजन कार्यक्रम सत्ताइस दिसम्बर की प्रातः से तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्तीस सायंकाल से होंगे।और दोनों ही पांच दिन चलेंगे।

“प्रतिष्ठा द्वादशी” कार्यक्रम स्थल अंगद टीला परिसर में साेमवार काे श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के महासचिव चंपतराय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया। इसी के बाद यहां सम्पन्न होने वाले अनुष्ठानिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिये पंडाल , मंच और साज -सज्जा का कार्य शुरू हो गया है। भूमि पूजन अनुष्ठान में महामंत्री चम्पतराय के साथ ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र , आयोजन से जुड़े नरेन्द्र , डॉ चन्द्र गोपाल पाण्डेय, धनन्जय पाठक हेमेंद्र आदि उपस्थित रहे।

अंगद टीला परिसर में प्रतिष्ठा द्वादशी के सभी धार्मिक – सांस्कृतिक कार्यक्रम 29 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक चलेंगे ।

मन्दिर गर्भगृह के धार्मिक आयोजन – श्रीराम अभिषेक, श्रृंगार,भोग एवं प्राकट्य आरती पूर्वाह्न 9.30 से प्रारम्भ होकर दोपहर आरती तक चलेंगे।इस धार्मिक आयोजन का दूरदर्शन सजीव प्रसारण करेगा। धार्मिक आयोजनों में शामिल मंडल पूजा 27 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक यज्ञ शाला में संपन्न होगी। इस आयोजन के मुख्य आचार्य श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के ट्रस्टी जगद्गुरु मध्वाचार्य होंगे।

मुस्लिम महिला का हिजाब खींचने पर महमूद मदनी ने नीतीश की आलोचना की

0

नई दिल्ली, 22 दिसंबर (हि.स.)। जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक हिजाब पहनी मुस्लिम महिला का नक़ाब खींचने और इसके बाद सांप्रदायिक तत्वों द्वारा इस कृत्य का न केवल समर्थन किए जाने, बल्कि भड़काऊ और नफ़रत भरे बयान दिए जाने पर गहरी चिंता और खेद व्यक्त किया है।

मौलाना मदनी ने कहा कि हिजाब सिर्फ पहनावे का मामला नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे मौलिक संवैधानिक अधिकारों से सीधे तौर पर जुड़ा है, जिसे भारत के संविधान द्वारा पूर्ण रूप से संरक्षण प्राप्त है। किसी भी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के जरिए इतने संवेदनशील मामले में इस तरह का व्यवहार न केवल संबंधित महिला का अपमान है, बल्कि इससे पूरे देश की भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंची है।

मौलाना मदनी ने कहा कि इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि सभी वर्ग की महिलाएं, विशेषकर मुस्लिम महिलाएं, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं। इस तरह की घटनओं से न केवल उनकी चिंता बढ़ेगी बल्कि यह भी आशंका है कि निचले स्तर के अधिकारी और कर्मचारी भी हिजाब पहनने वाली महिलाओं के साथ इससे कहीं अधिक अनुचित, अपमानजनक और आक्रामक रवैया अपनाने का साहस कर सकते हैं।

मौलाना मदनी ने स्पष्ट किया कि जमीअत उलमा-ए-हिंद इस मामले पर हमेशा जोर देती रही है कि धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित मामलों को राजनीतिक स्वार्थों या अगंभीर एवं गैरजिम्मेदाराना रवैये की भेंट चढ़ाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि देश की गंगा-जमुनी पहचान और आपसी सम्मान के जरूरी है कि सभी नागरिकों के धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए। मौलाना मदनी ने यह मांग की कि नीतीश कुमार इस घटना के दूरगामी सामाजिक कुप्रभावों पर गंभीरता से विचार करते हुए तत्काल माफी मांगें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

श्रीबांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट विधेयक 2025 काे राज्यपाल की मंजूरी

0

लखनऊ, 22 दिसंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों से पारित उत्तर प्रदेश श्रीबांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट विधेयक 2025 को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। यह विधेयक अब विधिवत कानून बन गया है। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने सदन को इसकी औपचारिक जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास विधेयक बीते अगस्त माह में दोनों सदनों में पारित हुआ था, जिसके बाद राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था। राज्यपाल ने बीती 21 अगस्त को इसकी अनुमति प्रदान कर दी थी। इस नए कानून के तहत श्री बांके बिहारीजी मंदिर के प्रशासन के लिए 18 सदस्यों का एक ट्रस्ट बनाया जाएगा। इसमें 11 मनोनीत और 7 पदेन सदस्य होंगे।

उत्तर प्रदेश ने जीती दिव्य शक्ति सुगम्य भारत ट्रॉफी, राजस्थान उपविजेता

0

—मैदान सिर्फ तन नहीं मन से जीते जाते हैं: नवरतन राठी

वाराणसी, 22 दिसंबर (हि.स.)। डिफरेंटली एबल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दिव्य शक्ति सुगम भारत ट्रॉफी प्रतियोगिता का खिताब उत्तर प्रदेश की टीम ने अपने नाम किया। सोमवार को बीएचयू के एम्फीथिएटर मैदान पर खेले गए फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने राजस्थान को 22 रनों से पराजित किया।

फाइनल में टॉस जीतकर राजस्थान के कप्तान जसवंत सिंह ने पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए उत्तर प्रदेश की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 161 रन बनाए। टीम की ओर से दीपेंद्र सिंह ने 25 गेंदों पर 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से ताबड़तोड़ 44 रन की पारी खेली। राजस्थान की ओर से कप्तान जसवंत सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट झटके। 162 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम शुरुआत से ही नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। हालांकि सुरेंद्र कुमार ने 40 गेंदों में 3 चौके और 3 छक्कों की मदद से 53 रन की संघर्षपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। राजस्थान की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 139 रन ही बना सकी। उत्तर प्रदेश की ओर से कुमार राहुल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में मात्र 9 रन देकर 3 विकेट हासिल किए और उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।

दीपेंद्र सिंह को बेस्ट बल्लेबाज, कुमार राहुल को बेस्ट बॉलर तथा सुरेंद्र कुमार को मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार प्रदान किया गया। विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी व नकद पुरस्कार दिए गए, जबकि सभी खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।

समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि समाजसेवी व उद्यमी केशव जालान ने कहा कि जीवन में सफलता शारीरिक स्थिति से नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता से तय होती है। उन्होंने कहा कि जैसे राणा सांगा ने अनेक चोटों के बावजूद युद्ध जीते, वैसे ही दिव्यांगजन भी अपने हौसले के बल पर नई ऊँचाइयाँ छू सकते हैं।

मुख्य वक्ता भाजपा काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी एवं व्यापारी नेता नवरतन राठी ने कहा कि “मैदान सिर्फ तन से नहीं, मन से जीते जाते हैं।” दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपने अदम्य साहस से देश का नाम रोशन किया है, आवश्यकता केवल अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने की है। महामंडलेश्वर दिव्यांग पीठाधीश्वर कृपानंद महाराज ने कहा कि खेल में जीत-हार प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन ईमानदारी, अनुशासन और उत्साह व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। इस अवसर पर भाजपा काशी क्षेत्र के महामंत्री अशोक चौरसिया ने भी अपने विचार रखे। डिफरेंटली एबल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीसीसीआई से संबद्ध) के रवि चौहान ने बताया कि काशी में शीघ्र ही दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय चौरसिया ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उत्तम ओझा ने किया। समारोह में डॉ. डी. बी. मिश्रा, राकेश पांडेय, सुनीता तिवारी, डॉ. मनोज तिवारी, निधि अग्रवाल, मदन मोहन वर्मा, अरुण श्रीवास्तव, अरविंद चक्रवाल, आशुतोष प्रजापति, अनिल शास्त्री, युग तिवारी, भावेश सेठ, प्रदीप राजभर आदि उपस्थित रहे

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

0

–गैंगस्टर एक्ट में प्राविधान के बावजूद डीएम को शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है

प्रयागराज, 22 दिसम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से इस बात का स्पष्टीकरण मांगा है कि यूपी गैंगस्टर नियम 2021 के नियम 5(3)(ए) के आदेश के बावजूद डीएम को क्यों शामिल नहीं किया जा रहा था। जिसमें गैंग चार्ट को मंज़ूरी देने के लिए डीएम और एसएसपी-पुलिस कमिश्नर के बीच संयुक्त बैठक अनिवार्य है।

यूपी गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) नियम 2021 के तहत एक मामले की सुनवाई करते हुए, जिसमें एक्ट के अनुसार संतुष्टि के बिना एफआईआर रद्द करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने पाया कि जिन जिलों में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया था, वहां गैंग चार्ट को ऐसी मीटिंग में मंजूरी नहीं दी जा रही थी, जिसमें डीएम शामिल हों। हालांकि जहां कमिश्नरेट सिस्टम नहीं था, वहां गैंग चार्ट को मंज़ूरी देने के लिए डीएम और एसएसपी के बीच संयुक्त बैठक होती थी।

यह देखते हुए कि गैंगस्टर नियमित रूप से जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हैं और कोर्ट में बार-बार सुनवाई टाली जाती है। कोर्ट ने कहा कि असल में एक लोकतांत्रिक राज्य की अवधारणा इस बात पर आधारित है कि हर नागरिक न केवल कानून के सामने बराबर है, बल्कि उसे कानून की सुरक्षा का भी उतना ही हक है और एक कल्याणकारी राज्य की नज़र में वह उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशासकों को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि वे जो फैसले लेते हैं, वे आखिरकार न्याय व्यवस्था को आकार देते हैं और इतिहास न केवल उन फैसलों को दर्ज करता है, बल्कि उन्हें दोहराता भी है। कोर्ट ने कहा कि ’चुनिंदा जांच’ और ’चुनिंदा मुकदमा’ कानून के शासन के खिलाफ हैं और अनिवार्य रूप से शासन में जनता के भरोसे को खत्म करते हैं।”

राज्य ने ऐसे गैंगस्टरों के खिलाफ मामलों के तेज़ी से निपटारे के लिए, गवाहों को पेश करने के लिए, गवाह सुरक्षा योजनाओं को ठीक से लागू करने के लिए, कोर्ट में अभियोजन पक्ष के गवाहों को समय पर पेश करने के लिए, या जिला सरकारी वकीलों को कोर्ट को सार्थक सहायता देने के लिए संवेदनशील बनाने के लिए कोई नीति नहीं बनाई है, और इसके अलावा राज्य सरकार का पुलिस पर जवाबदेही तय करने के लिए पुराने ज़माने की विभागीय जांचों को छोड़कर कोई कार्यक्रम नहीं है, जो अक्सर इंस्पेक्टर और उससे नीचे के रैंक अधिकारियों के खिलाफ शुरू की जाती हैं।

—————

भाजपा अध्यक्ष नड्डा का कांग्रेस पर बड़ा आरोप- झीरम नक्सल हमले में कांग्रेस ने कांग्रेसियों काे मरवाया

0

कोरबा/जांजगीर-चांपा, 22 दिसम्बर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में आयोजित ‘जनदेश परब’ कार्यक्रम में आज जनता को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी नक्सल हमले में कांग्रेस के लोगों ने ही कांग्रेसियों को मरवाने का काम किया है।

जेपी नड्‌डा ने कहा कि मुझे याद है कि मैं जब छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रभारी था उस समय झीरम घाटी नक्सल कांड हुआ था। झीरम घाटी की घटना देखी है। झीरम घाटी कांड की जानकारी उनके बीच के लोगों को थी। नक्सल हमले में कांग्रेस के लोगों ने ही कांग्रेसियों को मरवाने का काम किया है। नक्सलियों के साथ कांग्रेस की दोस्ती रही है।

नड्डा ने कांग्रेस पर नक्सलियों से सांठगाठ का आरोप लगाते हुए कहा, झीरम घाटी कांड में कोई और नहीं उनके ही लोग मुखबिरी कर रहे थे। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा? उन्होंने कहा, डबल इंजन की सरकार ने नक्सलियों से देश को मुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया है। मार्च 26 तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।

नड्डा का बयान आपत्तिजनक: कांग्रेस कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने नड्डा के बयान को आपत्तिजनक बताया है। कांग्रेस ने मांग की है कि जेपी नड्डा से एनआईए पूछताछ करे। शुक्ला ने पूछा है कि नड्डा के बयान का आधार क्या है? उन्होंने कहा, जेपी नड्डा ने राजनीतिक बयानबाजी की सभी मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। जेपी नड्डा अपने बयान के लिए माफी मांगे।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में 2013 में विधानसभा चुनाव होने थे। चुनाव से पहले कांग्रेस ने सत्ता पाने के लिए परिवर्तन यात्रा शुरू की थी। 25 मई 2013 को जब यह यात्रा सुकमा से जगदलपुर लौट रही थी। उसी दौरान नक्सलियों ने झीरम घाटी के पास हमला कर दिया। इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल समेत कई कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और जवान मारे गए थे।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री ने नई दिल्ली स्थित वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल के 7वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

0

दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज यहां वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल के 7वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में कहा कि आज आपको जो डिग्रियां मिलेंगी, वे योग्यता प्रमाण पत्र से कहीं बढ़कर हैं। वे करुणा, समर्पण और लगन जैसे गुण एवं विशेषताएं हैं। इन्हें आप अब से अपने चिकित्सा के पेशे में अपनायेंगे।” उन्होंने युवा डॉक्टरों से नैतिक चिकित्सीय कार्यप्रणाली, करूणा और जरूरतमंद एवं हाशिये पर पड़े समुदायों की सेवा करने के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता बनाए रखने का आग्रह किया।सभा को संबोधित करते हुए, श्रीमती पटेल ने उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को बधाई दी और भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत बनाने में सार्वजनिक चिकित्सा संस्थानों की अहम भूमिका पर जोर दिया। “

पिछले 11 वर्षों के दौरान देश की स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए, श्रीमती पटेल ने कहा कि सरकार ने प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवा  की पूरी प्रणाली को बदल दिया है। उन्होंने कहा, “प्राथमिक स्तर पर, देश में 1.82 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं जो लोगों को प्राथमिक स्तर की देखभाल की पूरी सेवाएं दे रहे हैं, सरकार सीएचसी व जिला अस्पतालों जैसी द्वितीयक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं में जरूरी कमियों को ठीक कर रही है और हम तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं तथा चिकित्सा शिक्षा के बारे में भी नए सिरे से सोच रहे हैं।”

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि “पिछले 11 वर्षों में, देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है। एम्स की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो गई है। अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटें 51,000 से बढ़कर 1,28,000 हो गई हैं और पोस्टग्रेजुएट सीटें 31,000 से बढ़कर आज लगभग 82,000 हो गई हैं।” 

इस अवसर पर, 217 से अधिक पोस्टग्रेजुएट छात्रों, 136 अंडरग्रेजुएट छात्रों एवं 40 सुपर-स्पेशियलिटी छात्रों को डिग्रियां दी गईं और 43 छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं समर्पण  के लिए पदकों से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जीजीएसआईपीयू के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) महेश वर्मा और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. सुनीता शर्मा , केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. मनस्वी कुमार; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) संदीप बंसल; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) गीतिका खन्ना; वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) चारू बंबा तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

योगी सरकार ने चिकित्सा को दिये 3500 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा विस्तार

0

– योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को दिये 300 करोड़- एनआरएचएम को 2000 करोड़ और आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के लिए 1200 करोड़ आवंटित

लखनऊ, 22 दिसंबर (हि.स.)। योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र के लिए बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। अनुपूरक बजट में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर योगी सरकार ने यह संकेत दिया है कि आमजन तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। अनुपूरक बजट में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पतालों के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के लिए धनराशि दी गई है। अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र को आवंटित धनराशि न केवल स्वास्थ्य योजनाओं को गति देगी, बल्कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लंबे समय तक मजबूत करने की दिशा में अहम कदम भी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं होंगी सशक्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित और भविष्य में प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। इससे निजी व सरकारी दोनों प्रकार के सूचीबद्ध अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और मरीजों को बिना किसी बाधा के उपचार मिल सकेगा। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों की सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, संक्रामक रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी।

गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा निरंतर मिलती रहेगी

आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों के लंबित एवं प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए सबसे बड़ा प्रावधान किया गया है। इस मद में 1,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। यह कदम आयुष्मान भारत योजना को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ गरीब व जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क इलाज की सुविधा निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

जमात-ए-इस्लामी हिंद ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताई, कानून के शासन की बहाली की भी मांग

0

नई दिल्ली, 22 दिसंबर (हि.स.)। जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने बांग्लादेश में तेजी से बिगड़ती राजनीतिक, सामाजिक और सुरक्षा की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मौजूदा सत्ता में बैठे लोगों से जिम्मेदारी, संयम और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की ताकि शांति, स्थिरता और जनता का भरोसा बहाल हो सके।

एक बयान में सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा कि बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रम देश को असीमित अस्थिरता और हिंसा की ओर धकेल रहे हैं। कानून-व्यवस्था के कमजोर होने से असामाजिक तत्वों को स्थिति का लाभ उठाने का मौका मिला है, जिसकी वजह से नागरिकों, संपत्तियों और संस्थानों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने अफवाहें फैलने के बाद बांग्लादेश में एक अल्पसंख्यक नागरिक की हाल ही में हुई लिंचिंग की कड़ी निंदा की और इस घटना को दुखद, निंदनीय और बेहद चिंताजनक बताया।

उन्होंने कहा, कि इस तरह की घटनाएं जहां कहीं भी हो रही हैं, नैतिक रूप से गलत हैं, कानूनी तौर पर अपराध हैं और समाज के लिए नुकसानदायक हैं। कोई भी आरोप, कोई भी भावना और कोई भी राजनीतिक स्थिति भीड़ की हिंसा या इंसान की जान लेने को सही नहीं ठहरा सकती। सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने इस बात पर जोर दिया कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की नैतिक विश्वसनीयता और संवैधानिक वैधता की एक बुनियादी कसौटी है।

उन्होंने बांग्लादेश के अधिकारियों से अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने, इबादतगाहों की रक्षा करने और यह संदेश देने का आग्रह किया कि हिंसा, भेदभाव और भीड़ द्वारा की जाने वाली मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कमज़ोर समुदायों की रक्षा के लिए आम नागरिकों और सिविल सोसायटी समूहों के आगे आने की खबरों का स्वागत किया और कहा कि ऐसी सार्वजनिक एकजुटता स्वस्थ्य समाज की अंतरात्मा को प्रदर्शित करती है और सामाजिक सद्भाव की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है।

उन्होंने उन तत्वों के खिलाफ चेतावनी दी जो डर, नफरत और अशांति फैलाने के लिए संवेदनशील धार्मिक मुद्दों का फायदा उठाते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश सरकार, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिक प्रशासन से हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ यथाशीघ्र और निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया। यह देखते हुए कि न्याय में देरी से हिंसक तत्वों को बढ़ावा मिलता है और लोकतांत्रिक और कानूनी संस्थानों में जनता का विश्वास कम होता है, उन्होंने समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सत्यापित जानकारी के साथ अफवाहों का मुकाबला करने के महत्व पर बल दिया। इस बात पर भी जोर देते हुए कि ऐसे अपराधों के लिए कड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई की ज़रूरत है ताकि यह साफ संकेत दिया जा सके कि भीड़ की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा जारी निंदा और अब तक की गई गिरफ्तारियों का भी स्वागत किया।

सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा, “जमाअत-ए-इस्लामी हिंद बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ी है और पूरी उम्मीद करती है कि शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण समाधान निकलेगा, जिससे लोकतांत्रिक शासन बहाल होगा, कानून का राज मज़बूत होगा और सभी नागरिकों के लिए सुरक्षा, अधिकार और न्याय की ज़मानत मिलेगी।