बंगाल के लोगों का भला तृणमूल के जाने और भाजपा के आने पर निर्भर : मोदी

0
13

नई दिल्ली, 17 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि बंगाल के लोगों का भला तृणमूल के जाने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आने पर निर्भर है। तृणमूल कांग्रेस के जाने से गुंडागर्दी और गरीबों को डराने-धमकाने की राजनीति समाप्त होगी। इसके लिए बंगाल की जनता को घुसपैठियों और सत्ताधारी दल के गठजोड़ को तोड़ना ही होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में एक राजनैतिक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर जनसांख्यिकी बदलाव का मुद्दा उठाया और इसे बंगाल के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में जनसांख्यिकी संतुलन बिगड़ रहा है। कई जगहों पर रोज़ाना की बोलचाल की भाषा बदलने लगी है। भाषा और बोली में फर्क साफ दिखने लगा है। घुसपैठियों की बढ़ती आबादी के कारण मालदा और मुर्शिदाबाद सहित पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों दंगे होने लगे हैं।

प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया कि भाजपा सरकार बनते ही घुसपैठ और घुसपैठियों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के विकसित और समृद्ध देश भी अपनी जगह से घुसपैठियों को निकाल रहे हैं। पश्चिम बंगाल से भी घुसपैठियों को बाहर निकालना बहुत जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमारा देश 2047 तक विकसित होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। विकसित भारत के निर्माण के लिए पूर्वी भारत का विकास बहुत जरूरी है। दशकों तक पूर्वी भारत को नफरत की राजनीति करने वालों ने जकड़ कर रखा था। भाजपा ने इन राज्यों को नफरत की राजनीति करने वालों के चंगुल से मुक्त किया है।

भाजपा नेता ने कहा कि देश की जनता लगतार भाजपा पर भरोसा जता रही है। जनता भाजपा के विकास के मॉडल को चाहती है। इसी कारण ओडिशा, त्रिपुरा, असम और कुछ दिन पहले बिहार में भाजपा-राजग की सरकार बनी। यानी बंगाल की हर दिशा में भाजपा की सुशासन वाली सरकार है। अब बंगाल में सुशासन की बारी है। उन्होंने कहा, “पूर्वी राज्यों का विश्वास, अगर किसी के साथ है, तो उस पार्टी का नाम है भाजपा।”

उन्होंने कहा, “जहां-जहां सालों साल तक भाजपा को लेकर झूठ बोला गया, अफवाहे फैलाई गई, वहां भी अब मतदाता हमें आशीर्वाद दे रहे हैं। आज मैं आपका उत्साह देखकर पूरे विश्वास के साथ कह रहा हूं कि इस बार बंगाल के लोग भी भाजपा को विजयी बनाएंगे।”

उन्होंने कहा कि देश का युवा भाजपा के विकास के मॉडल पर विश्वास करता है। कल ही महाराष्ट्र में शहरी निकाय चुनावों के नतीजे आए हैं, जिसमें भाजपा को ऐतिहासिक जीत प्राप्त हुई है। महाराष्ट्र की राजधानी और दुनिया के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक बीएमसी में पहली बार भाजपा को रिकॉर्ड जीत मिली है। कुछ दिन पहले ही केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भी भाजपा के मेयर बने हैं। पहले जहां कभी भाजपा के लिए चुनाव जीतना असंभव माना जाता था, वहां भी आज भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। ये दिखाता है कि देश का मतदाता, देश की जेन जी (युवा पीढ़ी), भाजपा के विकास मॉडल पर कितना ज्यादा भरोसा करती है।

प्रधानमंत्री ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस की सरकार पर केन्द्र की योजनायें लागू नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल सरकार गरीबों के लिए बनी कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ने नहीं देती। बंगाल में ऐसी ‘निर्दयी’ सरकार को विदाई देना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि बंगाल के हर गरीब परिवार का अपना स्थायी घर हो। जो पात्र हैं, उन्हें मुफ्त राशन मिलना चाहिए। मैं चाहता हूं कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ आप तक पहुंचे, लेकिन दोस्तों, ऐसा नहीं हो रहा है। यहां की टीएमसी सरकार बेहद असंवेदनशील और निर्दयी है। केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए भेजा गया पैसा टीएमसी नेताओं द्वारा लूटा जा रहा है।”

प्रधानमंत्री मे कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार देश में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना चला रही है। इससे लोगों के घर का बिजली बिल जीरो हो रहा है, लेकिन गरीब के भले करने वाले कामों को यहां की तृणमूल सरकार आगे नहीं बढ़ने देती है। आज बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री ने बंगाल को तेज विकास का भरोसा दिलाते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर मालदा और पश्चिम बंगाल की पुरानी शान और गौरव वापस लाई जाएगी। मालदा के किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर लाएंगे। भाजपा सरकार मालदा की मैंगो इकोनॉमी को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

उन्होंने केन्द्र सरकार की ओर से जूट के समर्थन मूल्य में वृद्धि की बात कही। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले जूट का समर्थन मूल्य 2400 रुपये था। आज यह साढ़े पांच हजार रुपये से भी अधिक है। यानी डबल हो चुका है। केंद्र की भाजपा सरकार के प्रयासों के कारण जूट किसानों को ज्यादा पैसा भी मिला है। 2014 से पहले के 10 वर्षों में जूट किसानों को केवल 400 करोड़ रुपये ही मिले थे, जबकि बीते 11 वर्षों में जूट किसानों को 1300 करोड़ रुपये से भी अधिक दिए गए हैं।

उन्होंने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्रगीत की स्पीरिट जगाने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की प्रेरणा से बंगाल को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाना है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें