
काठमांडू, 16 जनवरी (हि.स.)। निर्वाचन आयोग ने गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस को आधिकारिक मान्यता देने का निर्णय किया है।
शुक्रवार को आयोजित आयोग की बैठक ने निष्कर्ष निकाला कि गगन थापा के नेतृत्व वाला गुट ही वैध नेपाली कांग्रेस है। इस निर्णय के साथ ही पार्टी का चुनाव चिह्न ‘पेड़’ और चार सितारों वाला झंडा औपचारिक रूप से थापा गुट को सौंप दिया गया है।
इस फैसले से पार्टी की राजनीतिक विरासत प्रभावी रूप से गगन थापा को स्थानांतरित हो गई है, जिन्हें 11 जनवरी से गुरुवार की सुबह तक आयोजित दूसरी विशेष महाधिवेशन के माध्यम से पार्टी अध्यक्ष चुना गया था। काठमांडू में आयोजित इस महाधिवेशन ने गगन थापा को नया पार्टी प्रमुख घोषित किया था।
इससे पहले दिन में गगन थापा गुट और शेर बहादुर देउवा गुट- दोनों के नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने दावे और तर्क प्रस्तुत करने के लिए निर्वाचन आयोग के समक्ष उपस्थित हुए थे। निर्णय के बाद दोनों गुटों के समर्थक आयोग कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए। जहां थापा गुट के समर्थकों ने फैसले का स्वागत करते हुए जश्न मनाया, वहीं देउवा गुट से जुड़े कार्यकर्ताओं ने असंतोष जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए निर्वाचन आयोग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इससे पहले शुक्रवार को सानेपा स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में देउवा गुट के कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्ण बहादुर खड्का ने चेतावनी दी थी कि यदि निर्वाचन आयोग उनकी गुट को आधिकारिक मान्यता नहीं देता है, तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
नेपाली कांग्रेस के भीतर आंतरिक विवाद उस समय और गहरा गया, जब पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउवा की सहमति के बिना विशेष महाधिवेशन का आयोजन किया गया। काठमांडू के भृकुटीमंडप में आयोजित इस महाधिवेशन में गगन थापा को पार्टी अध्यक्ष चुना गया था।
महाधिवेशन के बाद देउवा गुट ने थापा और उनके सहयोगियों पर “अवैध” सभा आयोजित करने का आरोप लगाया और गगन थापा के साथ-साथ नेता विश्व प्रकाश शर्मा और फरमुल्लाह मंसूर को पार्टी से निष्कासित कर दिया। तब से देश की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी प्रभावी रूप से दो प्रतिद्वंद्वी गुटों में विभाजित बनी हुई है। #EC-Nepali-Congress-Valid-gagan
