दिल्ली में 81 और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुरू,संख्या बढ़कर 319 हुई

स्वास्थय

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दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि जहां देशभर में आयुष्मान कार्ड के तहत 5 लाख रुपये तक का इलाज संभव है, वहीं दिल्ली सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दिया। इससे दिल्लीवासी किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। यह निर्णय दिल्ली में पहली बार लिया गया है।

नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मकर संक्रांति पर यहां के ग्राम नंगल राया में एक कार्यक्रम के दौरान 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर दिल्लीवासियों को समर्पित किए। इन नए केंद्रों के शुभारंभ के साथ दिल्ली में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 319 हो गयी है।दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि जहां देशभर में आयुष्मान कार्ड के तहत 5 लाख रुपये तक का इलाज संभव है, वहीं दिल्ली सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दिया। इससे दिल्लीवासी किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। यह निर्णय दिल्ली में पहली बार लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी कक्ष, लैब, दवा वितरण काउंटर, वैक्सीनेशन यूनिट और जच्चा-बच्चा देखभाल केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थित नर्सों, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से बातचीत करते हुए उनके कार्य अनुभव और मरीजों को दी जा रही सेवाओं के बारे में फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम की भी समीक्षा की। उन्होंने मरीजों के पंजीकरण, मेडिकल रिकॉर्ड और डेटा मैनेजमेंट की प्रक्रिया को विस्तार से समझा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिकॉर्ड प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और सुगम बनी रहे। इस अवसर पर हरि नगर के विधायक श्याम शर्मा सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति और लोहड़ी के पर्व पर दिल्ली की जनता को 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर समर्पित करना सरकार के लिए विशेष संतोष का विषय है। पिछली सरकारों के कार्यकाल में स्वास्थ्य ढांचे की अनदेखी के कारण कई अस्पतालों की परियोजनाएं वर्षों तक अधर में लटकी रहीं। वर्तमान सरकार अब उन सभी अधूरी परियोजनाओं को पारदर्शिता और तय प्रक्रिया के तहत पूरा कर रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए लगातार मदद दे रही है। इसी के तहत नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लैब और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। बीते 11 महीनों में दिल्ली सरकार ने 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जन औषधि केंद्र, पांच बड़े अस्पतालों में नए ब्लॉक, नई डायलिसिस मशीनों की स्थापना और सभी सरकारी अस्पतालों का डिजिटलीकरण जैसे जरूरी काम किए हैं। आज दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मरीज मोबाइल से ओपीडी अपॉइंटमेंट और मेडिकल रिकॉर्ड प्राप्त कर सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत दिल्ली में 6 लाख से अधिक नागरिक पंजीकृत हो चुके हैं और हजारों परिवारों को अब तक मुफ्त इलाज का लाभ मिल चुका है। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के इलाज की आय सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का यह विस्तार बड़े अस्पतालों पर दबाव कम करेगा और नागरिकों को घर के पास सुलभ, निःशुल्क और सम्मानजनक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। विकसित भारत के विजन के साथ विकसित दिल्ली का निर्माण सरकार का संकल्प है।

सरकार के मुताबिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में डॉक्टर एवं अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की सेवाएं, लगभग 80 प्रकार के डायग्नोस्टिक टेस्ट, जरूरी दवाओं का निःशुल्क वितरण, जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण एवं ग्रोथ मॉनिटरिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण परामर्श और डे-केयर ट्रीटमेंट की सुविधाएं हैं।युष्मान कार्ड के तहत दिल्ली में 10 लाख रूपये तक का इलाज संभव : मंत्री इंद्राज

– दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन- 150 बुजुर्गों को सहायक उपकरण वितरित

नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने बुधवार को पूठ कलां के बुद्ध विहार क्षेत्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उपकेंद्र) और बवाना में डॉ. साहिब सिंह वर्मा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक, निगम पार्षद, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान लगभग 150 बुजुर्गों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि जहां देशभर में आयुष्मान कार्ड के तहत 5 लाख रुपये तक का इलाज संभव है, वहीं दिल्ली सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दिया, जिससे दिल्लीवासी किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। यह निर्णय दिल्ली में पहली बार लिया गया है।

मंत्री इंद्राज ने कहा कि गरीब व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य से जुड़ी होती है, क्योंकि सबसे अधिक खर्च इलाज पर ही होता है। इसी सोच के तहत 1139 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की जा रही है, जो अंत्योदय की भावना को साकार करते हुए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि बवाना विधानसभा में दिल्ली के सर्वाधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनसे बुद्ध विहार, सुल्तानपुरी, कृष्ण विहार सहित आसपास की ग्रामीण एवं शहरी कॉलोनियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने उपयुक्त स्थान चयन और बेहतर स्वरूप के लिए स्वास्थ्य विभाग व संबंधित अधिकारियों का धन्यवाद किया।

इंद्राज ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग, प्राथमिक चिकित्सा, दवाइयां और डॉक्टरों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और बीमारियों से बचाव कर सकें। योग को विशेष रूप से इसलिए शामिल किया गया है, ताकि दवाइयों पर निर्भरता कम हो।

मकर संक्रांति के अवसर पर मंत्री ने कहा कि यह पर्व बुजुर्गों के सम्मान, सामाजिक सौहार्द और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से अब तक बवाना विधानसभा में 4000 से अधिक नई वृद्धा पेंशन स्वीकृत की जा चुकी हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र बुजुर्ग पेंशन से वंचित न रहे।

इंद्राज ने बवाना विधानसभा में 1100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि श्मशान घाटों का सौंदर्यीकरण, चौपालों का पुनर्निर्माण, पंचायत घर, गलियां-नालियां, सीवर लाइन, पाइपलाइन, सड़क निर्माण तथा गांवों के समग्र विकास पर तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बवाना विधानसभा के दो गांवों को सोलर एनर्जी पर आधारित मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य चल रहा है, जिससे लोगों के बिजली बिल में कमी आएगी और क्षेत्र स्वच्छ ऊर्जा की ओर अग्रसर होगा।

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