कोहरे की वजह से दिल्‍ली एयरपोर्ट पर कई उड़ानें लेट, फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित

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उत्तर भारत भाी इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में

नई दिल्‍ली, 08 जनवरी (हि.स)। उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है, जिसका सीधा असर रेल एवं हवाई यातायात पर पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोहरे के कारण कई उड़ानें लेट हुईं और फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हुआ है।उत्तर प्रदेश के वाराणसी सहित पूर्वांचल के जिलों में गुरूवार को घने कोहरे से पूर्वांह दस बजे तक जनजीवन थम सा गया। वाहनों की रफ्तार पर भी लगाम रहा। सड़कों पर वाहन चालक फाग लाइट चलाकर धीमी गति से गंतव्य की ओर आते—जाते रहे!

दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर बुधवार सुबह घने कोहरे के कारण हवाई परिचालन बाधित हुआ। एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 50 मीटर से कम होने की वजह से सात उड़ानें रद कर दी गईं, जबकि 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू उड़ानें घंटों देरी से रवाना हुईं। कम दृश्यता के कारण पायलटों को टेक-ऑफ और लैंडिंग में परेशानी हुई।

देश के विभिन्न राज्यों से राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचने वाली कई प्रमुख ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। इंडिगो की दिल्ली-अमृतसर फ्लाइट 6ई-5103 रद्द कर दी गई। स्पाइसजेट की दिल्ली–वाराणसी फ्लाइट एसG-8718 एवं दिल्ली–श्रीनगर फ्लाइट एसG-661 उड़ान नहीं भर सकीं। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस की दिल्ली–अमृतसर फ्लाइट आईएक्स-1683 एवं एयर इंडिया की दिल्ली–गुवाहाटी फ्लाइट आईएक्स-1030 भी रद्द कर दी गईं, जबकि कुछ उड़ानें देरी से भी संचालित हुईं हैं।

इंडिगो ने एक्‍स पर हवाई यात्रियों के लिए एक यात्रा परामर्श जारी किया है। कंपनी ने कहा कि प्रयागराज में कम विजिबिलिटी और कोहरे की वजह से फ्लाइट शेड्यूल पर असर पड़ सकता है। हम मौसम पर करीब से नज़र रख रहे हैं और आपको सुरक्षित और आसानी से आपकी मंज़िल तक पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

एयरलाइन ने कहा कि हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप हमारी वेबसाइट या ऐप के ज़रिए अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करते रहें। कृपया निश्चिंत रहें कि हमारी टीमें हर कदम पर आपकी मदद करने और पूरा सपोर्ट देने के लिए यहाँ मौजूद हैं। हमें उम्मीद है कि आसमान साफ़ होगा और हम जल्द ही अपने रेगुलर शेड्यूल पर वापस लौटेंगे। आपके धैर्य और समझ के लिए धन्यवाद।

कोहरे के आगोश में लिपटी काशी,वाहनों की रफ्तार थमी,दृश्यता 50 मीटर रही,गलन का दौर

—सुबह दस बजे तक लोग वाहनों का लाइट जला चलते रहे

वाराणसी,08 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी सहित पूर्वांचल के जिलों में गुरूवार को घने कोहरे से पूर्वांह दस बजे तक जनजीवन थम सा गया। वाहनों की रफ्तार पर भी लगाम रहा। सड़कों पर वाहन चालक फाग लाइट चलाकर धीमी गति से गंतव्य की ओर आते—जाते रहे। बाजारों और सड़कों पर पूर्वांह दस बजे के बाद ही चहल—पहल दिखी। सड़कों पर सुबह लोग जरूरी कार्यो से ही आते—जाते रहे। हालांकि मौसम विभाग ने पहले ही घने कोहरे के लिए यलो अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों का पूर्वानुमान भी जारी किया है। 9 जनवरी शुक्रवार को भी वाराणसी और आसपास के जिलों के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाये रहने की संभावना है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का असर काशी में भी दिख रहा है। गलन से पार पाने के लिए लोग गर्म कपड़ों के साथ अलाव का भी सहारा ले रहे है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार इस समय नमी का स्तर बढ़ने से सघन ठंडी हवा ऊपर नहीं जा पा रही है। लोगों को कड़ाके ठंड से राहत नहीं मिल रही है। इससे कोहरा भी घना हो जा रहा है। फिलहाल 11 जनवरी तक इसी तरह ठंड, कोहरा और गलन के रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है,जिससे आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकता है, लेकिन उससे पहले लोगों को ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र पूर्वानुमान के अनुसार नौ जनवरी से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में बढ़ोतरी से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन विक्षोभ गुजरने के बाद मकर संक्रांति के आसपास पारा एक बार फिर से नीचे आएगा और ठंड में फिर से बढ़ोतरी होगी। बताते चले वाराणसी में बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरूवार को पूर्वान्ह 11 बजे वाराणसी शहर का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। उधर,ठंड और घने कोहरे का असर खेती किसानी पर भी दिखने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार आलू और सरसों की फसलों पर इसका असर होगा। लेकिन ठंड गेहूं के लिए फायदेमंद बताई गई।

कोहरे के आगोश में लिपटी काशी,वाहनों की रफ्तार थमी,दृश्यता 50 मीटर रही,गलन का दौर

—सुबह दस बजे तक लोग वाहनों का लाइट जला चलते रहे

वाराणसी,08 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी सहित पूर्वांचल के जिलों में गुरूवार को घने कोहरे से पूर्वांह दस बजे तक जनजीवन थम सा गया। वाहनों की रफ्तार पर भी लगाम रहा। सड़कों पर वाहन चालक फाग लाइट चलाकर धीमी गति से गंतव्य की ओर आते—जाते रहे। बाजारों और सड़कों पर पूर्वांह दस बजे के बाद ही चहल—पहल दिखी। सड़कों पर सुबह लोग जरूरी कार्यो से ही आते—जाते रहे। हालांकि मौसम विभाग ने पहले ही घने कोहरे के लिए यलो अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों का पूर्वानुमान भी जारी किया है। 9 जनवरी शुक्रवार को भी वाराणसी और आसपास के जिलों के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाये रहने की संभावना है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का असर काशी में भी दिख रहा है। गलन से पार पाने के लिए लोग गर्म कपड़ों के साथ अलाव का भी सहारा ले रहे है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार इस समय नमी का स्तर बढ़ने से सघन ठंडी हवा ऊपर नहीं जा पा रही है। लोगों को कड़ाके ठंड से राहत नहीं मिल रही है। इससे कोहरा भी घना हो जा रहा है। फिलहाल 11 जनवरी तक इसी तरह ठंड, कोहरा और गलन के रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है,जिससे आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकता है, लेकिन उससे पहले लोगों को ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र पूर्वानुमान के अनुसार नौ जनवरी से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में बढ़ोतरी से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन विक्षोभ गुजरने के बाद मकर संक्रांति के आसपास पारा एक बार फिर से नीचे आएगा और ठंड में फिर से बढ़ोतरी होगी। बताते चले वाराणसी में बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरूवार को पूर्वान्ह 11 बजे वाराणसी शहर का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। उधर,ठंड और घने कोहरे का असर खेती किसानी पर भी दिखने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार आलू और सरसों की फसलों पर इसका असर होगा। लेकिन ठंड गेहूं के लिए फायदेमंद बताई गई।

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