
आज के “मन की बात” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की प्रगति में केवल सरकार का योगदान नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी, हर युवा की मेहनत, हर किसान की प्रतिबद्धता और हर समाज के समूह की सक्रियता आवश्यक है। उन्होंने खेती हो, खेल हो, संस्कृति हो या सामाजिक सुधार — हर क्षेत्र में सामूहिक प्रयास की अहमियत रेखांकित की।
उनका कहना था कि भारत अब नयी दिशा में अग्रसर है, और इस दिशा में हम सबको मिलकर काम करना है। उन्होंने देश को गर्व से आगे देखना और आगे बढ़ने का आह्वान किया।
आज का “मन की बात” सिर्फ एक भाषण नहीं — यह उम्मीद, उत्साह और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश है। भारत की तरक्की, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता के लिए यह संवाद एक नए अध्याय की शुरुआत है।
आज — रविवार — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “मन की बात” के 128वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने देश के विकास, सामाजिक-सांस्कृतिक उन्नति, कृषि, खेल, धर्म व अर्थव्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री ने किसानों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश के कृषि-विभाग में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि न केवल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि नई तकनीकों और आधुनिक तरीकों का उपयोग कर खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक सशक्त हो रही है।कृषि क्षेत्र में भी देश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। भारत ने 357 मिलियन टन के खाद्यान्न उत्पादन के साथ एक ऐतिहासिक record बनाया है। Three hundred and fifty seven million ton! 10 साल पहले की तुलना में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 100 मिलियन टन और बढ़ गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक गतिविधियाँ, जैसे रोजगार, उद्योग व स्थानीय व्यापार, तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिससे गांवों व कस्बों में जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। इस बात पर जोर दिया गया कि समृद्धि सिर्फ शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण भारत भी इसका हिस्सा बने।
कुछ दिन पहले ही मैंने हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO facility का उद्घाटन किया है। Aircrafts की Maintenance, repair and overhaul के sector में भारत ने ये बहुत बड़ा कदम उठाया है। पिछले हफ्ते मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान INS ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। पिछले ही हफ्ते भारत के space ecosystem को Skyroot के Infinity campus ने नई उड़ान दी है। ये भारत की नई सोच, innovation और Youth Power का प्रतिबिंब बना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में हो रही खेल-सफलताओं और युवाओं की मेहनत व प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के युवा हर क्षेत्र — खेल, कला, विज्ञान, उद्यमिता — में आगे बढ़ रहे हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने यह संदेश दिया कि युवाओं की ऊर्जा, आत्म-विश्वास और लगन ही भारत के उज्जवल भविष्य की नींव है। उनका आह्वान था कि देश का हर युवा अपने हुनर, प्रतिभा और लगन से देश व समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे।
प्रधानमंत्री ने देश की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक समरसता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग धर्म, रीति-रिवाज, भाषा और परंपराएं हैं, लेकिन यही विविधता भारत की असली ताकत है।
उन्होंने हाल ही में हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों, त्योहारों और सामाजिक समागमों का उल्लेख कर कहा कि इस तरह के उत्सव, कार्यक्रम और मिलन-जुलन भारत की सामाजिक एकता को और मजबूत करते हैं।
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, सभ्यता और सभ्याचार — हमें याद रखने और बनाए रखने चाहिए, और आने वाली पीढ़ियों को भी इसे समझाने व आत्मसात कराने का काम हम सबका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं — चाहे वह कृषि क्षेत्र में हो, खेल के क्षेत्र में हो या सामाजिक-आर्थिक प्रगति में। उन्होंने कहा कि देशभर में विकास की गति तेजी से बढ़ी है और यह विकास सिर्फ कुछ हिस्सों तक सीमित नहीं, बल्कि देश के हर हिस्से में दिखाई दे रहा है।
विशेष रूप से, उन्होंने उल्लेख किया कि नवाचार, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, रोजगार सृजन और युवा-शक्ति के योगदान से भारत एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अपने संदेश में, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे हर क्षेत्र में सकारात्मक रूप से भाग लें — चाहे वह कृषि हो, खेल हो, संस्कृति हो या सामाजिक उत्थान। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में हर नागरिक की भागीदारी महत्त्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में वन तुलसी यानि सुलाई, सुलाई के फूलों से यहाँ की मधुमक्खियाँ बेहद अनोखा शहद बनाती हैं। ये सफेद रंग का शहद होता है जिसे रामबन सुलाई honey कहा जाता है। कुछ वर्षों पहले ही रामबन सुलाई honey को GI Tag मिला है। इसके बाद इस शहद की पहचान पूरे देश में बन रही है।
दक्षिण कन्नड़ा जिले के पुत्तुर में वहाँ की वनस्पतियाँ शहद उत्पादन के लिए उत्कृष्ट मानी जाती हैं। यहाँ ‘ग्रामजन्य’ नाम की किसान संस्था इस प्राकृतिक उपहार को नई दिशा दे रही है। ‘ग्रामजन्य’ ने यहाँ एक आधुनिक processing unit बनाया, lab, bottling, storage और digital tracking जैसी सुविधाएँ जोड़ी गईं। अब यही शहद branded उत्पाद बनकर गाँवों से शहरों तक पहुँच रहा है। इस प्रयास का लाभ ढाई हजार से अधिक किसानों को मिला है।
आज भारत honey production में नए रिकार्ड बना रहा है। 11 साल पहले देश में honey का उत्पादन 76 हजार मीट्रिक टन था। अब ये बढ़कर डेढ़ लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा हो गया है। बीते कुछ वर्षों में शहद का export भी तीन गुना से ज्यादा बढ़ गया है। Honey Mission कार्यक्रम के तहत खादी ग्रामोद्योग ने भी सवा 2 लाख से ज्यादा bee-boxes लोगों में बांटे हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। यानि देश के अलग-अलग कोनों में शहद की मिठास भी बढ़ रही है। और ये मिठास किसानों की आय भी बढ़ा रही है।
उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे अपने हुनर, ऊर्जा और नवाचार के द्वारा देश को आगे बढ़ाएँ; साथ ही समाज में एकता, सहयोग और सद्भाव बनाए रखें।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि छोटे-छोटे प्रयास, चाहे वो स्वदेशी खरीद हो, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना हो या सामाजिक सेवा — ये सभी देश की मजबूती और विकास की दिशा में अहम योगदान हैं।


