श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश के 63 मंदिरों से आया उपहार

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काशीं विश्वनाथ धामःपवित्र जल बाबा को समर्पित

—आया प्रसाद बाबा को चढ़ाने के बाद श्रद्धालुओं में वितरित,“वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना हुई साकार

वाराणसी, 15 फरवरी (हि.स.)। महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ के विवाहोत्सव में देश—विदेश के मंदिरों, शक्तिपीठों से आए श्रद्धा उपहार और पवित्र जल को बाबा के भोग आरती में अर्पित कर दिया गया। इसके बाद आए प्रसाद को मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच वितरित कर दिया गया।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि पर्व पर एक अद्वितीय एवं अभिनव आध्यात्मिक पहल का शुभारम्भ किया था। जिसके अंतर्गत भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के श्रीचरणों में देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, सिद्धपीठों, शक्तिपीठों तथा प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल एवं श्रद्धा-उपहार अर्पित किए जाने की परम्परा प्रारम्भ की गई।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि इस अभिनव पहल में अब तक श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए देश-विदेश के कुल 63 मंदिरों से पावन भेंट एवं प्रसाद प्राप्त हो चुके हैं। इन प्राप्त प्रसादों में से विधि विधान पूर्वक अंश ग्रहण कर भगवान श्री विश्वेश्वर की मध्याह्न भोग आरती में अर्पित किया गया। तत्पश्चात धाम में आए श्रद्धालुओं के मध्य वितरित किया गया।

उन्होंने बताया कि इस आध्यात्मिक समन्वय का मूल उद्देश्य समस्त सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोते हुए “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को साकार करना तथा वैश्विक आध्यात्मिक एकात्मता को सुदृढ़ बनाना है। यह पहल केवल धार्मिक आदान-प्रदान तक सीमित न रहकर सनातन परम्परा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रही है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आरम्भ की गई यह परम्परा राष्ट्र एवं विश्व के विविध तीर्थस्थलों को एक आध्यात्मिक सूत्र में संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी कदम सिद्ध होगी।

गंगेश्वर महादेव का पावन जलाभिषेक रामेश्वरम् तीर्थ के पवित्र जल से

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित श्री गंगेश्वर महादेव का पावन जलाभिषेक रामेश्वरम् तीर्थ के पवित्र जल से विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न किया गया।

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