इस्लामाबाद आत्मघाती हमला आईएसआई ने हरकत मुजाहिदीन से कराया

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अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय (एनडीएस) के पूर्व प्रमुख रहमतुल्लाह नबील का दावा

इस्लामाबाद में आत्मघाती हमले से पाकिस्तान में हाहाकार, कम से कम 32 की मौत, तीन लोग हिरासत में

इस्लामाबाद, 07 फरवरी (हि.स.)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को नमाज के दौरान एक इमामबाड़ा पर हुए आत्मघाती हमले पर अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय (एनडीएस) के पूर्व प्रमुख रहमतुल्लाह नबील ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने हमले के फौरन बाद एक्स पोस्ट में कहा कि इस्लामाबाद में हुआ यह आत्मघाती हमला इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से संबद्ध समूह हरकत अल-मुजाहिदीन ने किया।

पश्तो भाषा में प्रसारित समाचार आउटलेट ‘द बलोचिस्तान पोस्ट’ की रिपोर्ट में नबील के हवाले से कहा गया कि यह हमला आईएसआई के “गोपनीय काकस” ने किया। नबील ने कहा कि मौलाना फजलुर रहमान खलील की हरकत मुजाहिदीन के खुफिया हलकों से लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं।

उन्होंने एक्स पोस्ट में एक तस्वीर भी साझा की है। नबील ने कहा कि पूर्व में छपी तस्वीरों और जानकारी के अनुसार इस समूह के मुखिया के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख के बेटे अब्दुल्ला गुल के साथ घनिष्ठ संपर्क रहे हैं। नबील के अनुसार मौलाना फजलुर रहमान खलील 1980 के दशक से जिहादी नेटवर्क में सक्रिय रहे हैं। उनके अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से संबंध रहे हैं। वर्ष 1998 में उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ एक फतवे पर हस्ताक्षर किए थे।

एनडीएस के पूर्व प्रमुख रहमतुल्लाह नबील ने दावा किया है कि इसके बावजूद खलील कई साल से पाकिस्तान के अंदर स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। नबील ने इस्लामाबाद आत्मघाती हमले को पाकिस्तान के कुछ प्रमुख शिया धर्मगुरुओं के हालिया आलोचनात्मक रुख और गाजा में पाकिस्तान के सैनिकों की तैनाती सहित क्षेत्रीय सैन्य निर्णयों से भी जोड़ा है। उल्लेखनीय है कि इमामबाड़े पर हुए इस आत्मघाती हमले में कम से कम 32 लोग मारे गए हैं।

नबील ने दावा किया है कि मौलाना फजलुर रहमान पाकिस्तान के आतंकवादी समूह हरकत-उल-मुजाहिदीन का संस्थापक है। वह जिहादी मानसिकता का व्यक्ति है। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र उस पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। पाकिस्तान में वह दक्षिण एशियाई क्षेत्र में जिहादी समूहों और आतंकवादी समूहों के बीच संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की आईएसआई मुख्य सैन्य खुफिया और गुप्तचर संस्था है। यह पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के समन्वय से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खुफिया जानकारी जुटाती है। इसका मुख्यालय रावलपिंडी में है। इसमें तीनों सशस्त्र बलों के अधिकारी प्रति नियुक्ति पर काम करते हैं।

इस्लामाबाद में आत्मघाती हमले से पाकिस्तान में हाहाकार, कम से कम 32 की मौत, तीन लोग हिरासत में

इस्लामाबाद, 07 फरवरी (हि.स.)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के दक्षिण-पूर्वी इलाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले से हाहाकार मचा हुआ है। हमलावर ने इमामबाड़े के अंदर खुद को उड़ा लिया। इस हमले में कम से कम 32 लोग मारे गए और 169 अन्य घायल हो गए। इस हमलावर के दो भाइयों और परिवार की एक महिला को हिरासत में लिया गया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने विस्फोट पर गहरा शोक जताया है।

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आत्मघाती हमलावर ने इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में इमामबाड़ा खदीजा अल-कुबरा के द्वार पर खुद को उड़ा लिया। उसके साथ अन्य हमलावर भी थे। हमलावरों ने विस्फोट से पहले गोलियां चलाईं। चश्मदीदों ने बताया कि हमलावरों को इमामबाड़ा मुख्य द्वार पर गार्डों ने रोकने की कोशिश की। इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई हुई। इस दौरान एक हमलावर इमामबाड़ा के अंदर कम से कम 20 मीटर तक घुस गया और खुद को उड़ा लिया। इस दौरान हुए विस्फोट से चीख-पुकार मच गई। हमले में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई।

इस्लामाबाद के जिला उपायुक्त इरफान नवाज मेमन ने कहा कि किसी भी समूह ने तुरंत इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के अनुसार, आत्मघाती हमलावर की पहचान पेशावर निवासी 32 वर्षीय यासिर के रूप में हुई है। उसके घर छापा मारकर दो भाइयों और एक महिला को हिरासत में लिया गया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर पिछले पांच महीनों से अफगानिस्तान में रह रहा था। वहां उसे हथियारों के इस्तेमाल और आत्मघाती बमबारी का प्रशिक्षण मिला। आत्मघाती हमलावर के मददगारों का पता लगाने के लिए पेशावर और नौशेरा में तलाशी अभियान चल रहा है। हमले के अलग-अलग पहलुओं की जांच जारी है।

रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने संघीय इस हमले का आरोप भारत और अफगानिस्तान पर मढ़ा है। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। संघीय स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने बताया कि अस्पतालों में घायलों का इलाज चल रहा है। इनमें से 25 की हालत गंभीर है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके पर गहरा शोक व्यक्त किया और जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इमामबाड़ा में किए गए आत्मघाती हमले की निंदा की है। उन्होंने लोगों की मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री मोहसिन नकवी से बात की और निर्देश दिया कि दोषियों की पहचान कर उन्हें तुरंत न्याय के कटघरे में लाया जाए। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने कहा कि इस्लामाबाद के इमामबाड़े में हुए धमाके से उन्हें गहरा दुख हुआ है।

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